फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Goverment department more than made kharjdaar

सरकारी विभाग भी खूब ले रहे उधार...अहिस्ता आहिस्ता बन गए बड़े कर्जदार

Fri, 14 Oct 2022 12:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 14 Oct 2022 12:39 AM IST
विज्ञापन
Goverment department more than made kharjdaar
झांसी। अब तो सरकारी विभाग भी खूब उधार ले रहे हैं। जिला अस्पताल ने साढ़े चार लाख की दवाएं उधार में ले रखी हैं। मेडिकल कालेज पर ही पेट्रोल और ़डीजल का 17 लाख उधार हो गया है। इतना ही नहीं प्रशासनिक अफसरों की गाड़ियां भी उधारी के ईंधन से दौड़ रही हैं। प्रशासन पर ही पेट्रोल पंप वालों का 45 लाख बकाया है। अब तो यह लोग भी अपने पैसे के लिए अफसरों के चक्कर लगाने लगे हैं लेकिन फिलहाल इन्हें आश्वासन से अलावा कुछ हासिल नहीं हो रहा है।
विज्ञापन

महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज : डीजल का ही 17 लाख बकाया हुआ
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज पर डीजल का 17 लाख रुपये बकाया है। अभी भी पेट्रोल पंपों से डीजल उधार में लिया जा रहा है। बताया गया कि हर साल अनुरक्षण मद में 70-80 लाख रुपये मिलते हैं। डीजल समेत अन्य कामों पर भी इस बजट से पैसा खर्च होता है। मेडिकल कॉलेज में 18 जनरेटर हैं। सबसे ज्यादा इन्हीं पर डीजल खर्च होता है। बाकी, गाड़ियों के लिए भी पंप से डीजल लिया जाता है। कुल मिलाकर हर वर्ष कॉलेज को आठ से 10 लाख रुपये के डीजल की जरूरत पड़ती है। पिछले सात से आठ महीने से कॉलेज पेट्रोल पंप का भुगतान नहीं कर पाया है। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि शासन को पत्र लिखकर बजट की मांग की गई है। जैसे ही बजट आता है, तो भुगतान कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

जिला अस्पताल पर दवाओं का 4.20 लाख का कर्ज
झांसी। जिला अस्पताल पर भी दवाओं का 4.20 लाख रुपये का कर्ज है। दरअसल ये दवाएं लोकल पर्चेज के तहत वर्ष 2019 में मेडिकल स्टोरों से मंगवाई गई थीं। इसके बाद बजट न होने से इनका भुगतान नहीं हो सका है। जबकि, मेडिकल स्टोरों की तरफ से लगातार अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर भुगतान करने की मांग की जाती रही। इसके बाद 2021 में पटल देख रहा कर्मचारी निलंबित किए जाने के बाद बिना चार्ज दिए ही चला गया। जिस कारण शासन से बजट की मांग ही नहीं हो सकी है। इस मामले में सीएसएस डॉ. आरके सचान का कहना है कि 2019 में वो यहां नहीं थे। ऐसे में उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रशासन भी नहीं कर पा रहा 45 लाख का भुगतान
झांसी। जिला प्रशासन पर भी पेट्रोल-डीजल का 45 लाख का बकाया है। जिले में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा करीब 30 वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है। तहसीलदार के पास फील्ड का ज्यादा काम होता है, ऐसे में इनका खूब डीजल खर्च होता है। प्रशासन के अफसरों को हर महीने छह से सात लाख रुपये डीजल की जरूरत पड़ती है। बताया गया कि बजट की कमी के चलते सात-आठ महीने से पंपों को तेल का भुगतान नहीं किया जा सका है। अफसरों का कहना है कि बजट जल्द आने वाला है। सभी का भुगतान कर दिया जाएगा।

स्कूलों की रंगाई-पुताई, सफाई सब उधारी में
झांसी। जिले में बेसिक शिक्षा परिषद के 1452 स्कूल हैं। जिसमें 888 प्राथमिक, 281 उच्च प्राथमिक और 273 कंपोजिट विद्यालय हैं। जिसमें लगभग 6349 शिक्षक नियुक्त हैं। नया सत्र प्रारंभ हुए छह माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक स्कूलाें को कंपोजिट ग्रांट प्राप्त नहीं हुई है। शिक्षक स्कूल में इस्तेमाल होने वाले जरूरी सामानों की खरीद जैसे चॉक, डस्टर, रजिस्टर, स्कूल की रंगाई-पुताई, साफ-सफाई, परीक्षा के दौरान कॉपियों की खरीद आदि के लिए उधार ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि छह मात बीत गए हैं, कंपोजिट ग्रांट का कुछ अतापता नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed