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600 मीटर दौड़ती रही दो हिस्सों में बंटी मालगाड़ी
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झांसी/ पूंछ। पूंछ-एरच रेलवे लाइन में एक मालगाड़ी की अचानक कपलिंग टूट गई। इससे मालगाड़ी दो हिस्सों में बंटकर करीब 600 मीटर तक दौड़ती रही। इस वजह से अहमदाबाद-दरभंगा एवं बरौनी मेल करीब दो घंटे वहीं फंसी रही। कपलिंग जोड़ने के बाद ही मालगाड़ी को ट्रैक से हटाया जा सका।
कानपुर से झांसी जा रही कोयला लदी मालगाड़ी ने दोपहर करीब 12.50 मिनट पर बाबई रेलवे क्रासिंग को छोड़ा। जैसे ही वह थोड़ा सा आगे बढ़ी, रेलवे इंजन के साथ लगीं तीन बोगी दूसरी बोगियों से अलग हो गए। रेलवे इंजन तीन बोगियों के साथ करीब 600 मीटर आगे दौड़ता चला गया जबकि शेष बोगी बाबई रेलवे क्रासिंग पर ही छूट गई। कपलिंग टूटने का पता चलने पर चालक ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। मालगाड़ी के पीछे अहमदाबाद-दरभंगा सवारी गाड़ी चल रही थी। इसकी गति धीमी कराकर इसे चितगुवा रेलवे क्रासिंग के पास रोक दिया गया। सूचना मिलने पर वरिष्ठ रेल अफसर भी मौके पर पहुंच गए। पहले रेलकर्मियोें ने मैनुअल तरीके से कपलिंग को जोड़ने की कोशिश की लेकिन, काफी कोशिश के बाद भी उनको कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद झांसी से इंजन मंगाया गया। उसके साथ शटिंग करके बोगियों को आगे निकाला गया। डाउन लाइन खाली होने के बाद दरभंगा एक्सप्रेस आगे बढ़ाई गई। इस वजह से बाबई-समथर रेल मार्ग दो घंटे ठप रहा। अहमदाबाद-दरभंगा एक्सप्रेस एवं बरौनी एक्सप्रेस बीच राह में फंसे होने से यात्री परेशान रहे। वहीं, क्रासिंग के पास मालगाड़ी के डिब्बे खड़े होने से सड़क मार्ग से राहगीर भी नहीं निकल पा रहे थे।
तकनीकी वजहों से कपलिंग को जोड़ने में कुछ समय लग गया। इस वजह से करीब दो घंटे तक यह ट्रैक प्रभावित रहा। सवारी गाड़ियां प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा दी गईं।
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संदीप माथुर
डीआरएम
पांच घंटे लेट हुई मथुरा-चंबल
कोलकता की ओर जाने वाली गाड़ियां भी आज काफी विलंब से जंक्शन पहुंची। इनमें गाड़ी संख्या 02177 मथुरा-चंबल स्पेशल करीब सवा पांच विलंब से स्टेशन पहुंची। इसी तरह पताललोक एक्सप्रेस 1.20 मिनट, मुंबई-छत्रपति शिवाजी महाराज स्पेशल 1.28 मिनट, ललितपुर एक्सप्रेस समेत अन्य गाड़ियां भी काफी विलंब से स्टेशन पहुंची।
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कानपुर से झांसी जा रही कोयला लदी मालगाड़ी ने दोपहर करीब 12.50 मिनट पर बाबई रेलवे क्रासिंग को छोड़ा। जैसे ही वह थोड़ा सा आगे बढ़ी, रेलवे इंजन के साथ लगीं तीन बोगी दूसरी बोगियों से अलग हो गए। रेलवे इंजन तीन बोगियों के साथ करीब 600 मीटर आगे दौड़ता चला गया जबकि शेष बोगी बाबई रेलवे क्रासिंग पर ही छूट गई। कपलिंग टूटने का पता चलने पर चालक ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। मालगाड़ी के पीछे अहमदाबाद-दरभंगा सवारी गाड़ी चल रही थी। इसकी गति धीमी कराकर इसे चितगुवा रेलवे क्रासिंग के पास रोक दिया गया। सूचना मिलने पर वरिष्ठ रेल अफसर भी मौके पर पहुंच गए। पहले रेलकर्मियोें ने मैनुअल तरीके से कपलिंग को जोड़ने की कोशिश की लेकिन, काफी कोशिश के बाद भी उनको कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद झांसी से इंजन मंगाया गया। उसके साथ शटिंग करके बोगियों को आगे निकाला गया। डाउन लाइन खाली होने के बाद दरभंगा एक्सप्रेस आगे बढ़ाई गई। इस वजह से बाबई-समथर रेल मार्ग दो घंटे ठप रहा। अहमदाबाद-दरभंगा एक्सप्रेस एवं बरौनी एक्सप्रेस बीच राह में फंसे होने से यात्री परेशान रहे। वहीं, क्रासिंग के पास मालगाड़ी के डिब्बे खड़े होने से सड़क मार्ग से राहगीर भी नहीं निकल पा रहे थे।
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तकनीकी वजहों से कपलिंग को जोड़ने में कुछ समय लग गया। इस वजह से करीब दो घंटे तक यह ट्रैक प्रभावित रहा। सवारी गाड़ियां प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा दी गईं।
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संदीप माथुर
डीआरएम
पांच घंटे लेट हुई मथुरा-चंबल
कोलकता की ओर जाने वाली गाड़ियां भी आज काफी विलंब से जंक्शन पहुंची। इनमें गाड़ी संख्या 02177 मथुरा-चंबल स्पेशल करीब सवा पांच विलंब से स्टेशन पहुंची। इसी तरह पताललोक एक्सप्रेस 1.20 मिनट, मुंबई-छत्रपति शिवाजी महाराज स्पेशल 1.28 मिनट, ललितपुर एक्सप्रेस समेत अन्य गाड़ियां भी काफी विलंब से स्टेशन पहुंची।