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ग्लैमर गर्ल से दंगल गर्ल बनीं दिव्यांशी
Jhansi
Updated Sat, 17 Mar 2018 12:55 AM IST
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boxing
- फोटो : demo
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रैंप पर कैटवॉक और हॉलीवुड-बॉलीवुड में अभिनय करने वाली दिव्यांशी अब रिंग में मुक्कों की बरसात कर विरोधियों को ढेर कर रहीं हैं। यूपी की टीम में पहली बार प्रशिक्षण कैंप में शामिल होकर स्टेट टीम का हिस्सा बन गईं हैं। आमिर खान की चर्चित फिल्म दंगल का लीड रोल छोड़ने वाली दिव्यांशी अब रिंग में वास्तविक दंगल गर्ल बनने जा रही हैं।
मुजफ्फरनगर के जानसठ रोड की रहने वाली दिव्यांशी एक समय में ग्लैमर गर्ल रहीं। 11वीं की छात्रा रहने के साथ-साथ उन्होंने छोटे व बड़े पर्दे पर अपने अभिनय का लोहा मनवाया। दिव्यांशी ने बताया कि यूपी टीम में स्वीमिंग की बेहतरीन खिलाड़ी रहीं हैं और स्टेट चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया है। इसके बाद उन्होंने ग्लैमर की दुनिया में कदम रखा। 2015 में रैंप पर कैटवॉक और जूनियर मिस दिल्ली और जूनियर मिस इंडिया चुनीं गईं। इसके बाद उन्हें गुमराह नामक शो में लीड रोल किया। उन्हें इस शो में ऐसी छात्रा का रोल मिला था, जिसका रैगिंग के नाम पर उत्पीड़न और शोषण किया जा रहा था। इसके बाद उन्होंने आईपीएल में एड किया। स्क्रीन पर वह क्रिकेटर युवराज सिंह और जेपी डुमनी के साथ नजर आईं।
दिव्यांशी को एक के बाद एक कई ऑफर मिले। हॉलीवुड की फिल्म ड्रिम्ज में अभिनय किया। उन्हें आमिर खान की फिल्म दंगल में टॉप फाइव एक्टर के रूप में चुना गया और लीड रोल के लिए ऑफर दिया गया। ऑफर मिलने पर एक हफ्ते तक आमिर से उन्होंने ट्रेनिंग ली, पर दसवीं की परीक्षा के साथ-साथ स्क्रीन पर कुछ कर दिखाने के बजाय उन्हाेंने रियल दंगल गर्ल बनने की ठान ली। दिव्यांशी ने बताया कि आमिर की फिल्म की स्क्रिप्ट ने उन्हें प्रेरणा दी। इसके बाद उन्होंने बॉक्सिंग सीखी। एक साल में खुद को काबिल बनाने के बाद झांसी में पहली बार प्रशिक्षण शिविर का हिस्सा बनीं और यहां उन्होंने स्टेट के लिए पहला ट्रायल दिया। ट्रायल में उनका टॉप टेन बॉक्सरों में चयन हुआ।
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लड़कियां कमजोर नहीं
दिव्यांशी ग्लैमर की दुनिया से रिंग में उतरकर कमजोर लड़कियों की प्रेरणा बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि गुमराह, ड्रिम्ज जैसी फिल्मों को करने के बाद एहसास हुआ कि महिलाओं का वास्तव में उत्पीड़न हो रहा है। उनके उत्पीड़न की वजह कोई और नहीं बल्कि उनकी कमजोरी है। वह हर लड़की की इस कमजोरी को दूर करना चाहती हैं। वह भी पहले अपने को कमजोर समझतीं थीं पर आमिर की स्क्रिप्ट दंगल ने उनकी सोच को बदल दिया। वह आज हर लड़की की आवाज बनना चाहतीं हैं और सभी को अपने जैसा मजबूत बनाना चाहती हैं।
माता-पिता की भी बात नहीं मानी
ध्यानचंद स्टेडियम में प्रशिक्षण के लिए आईं दिव्यांशी के कोच गौरव ठाकुर ने बताया कि वह जिद के बाद प्रशिक्षण लेने आई थी। कई दिन से लगातार मां वापस आने के लिए फोन कर रही थीं पर दिव्यांशी ने इंकार कर दिया। स्टेट टीम में सिलेक्शन होने के बाद वह मां को तोहफा देना चाहती हैं।
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मुजफ्फरनगर के जानसठ रोड की रहने वाली दिव्यांशी एक समय में ग्लैमर गर्ल रहीं। 11वीं की छात्रा रहने के साथ-साथ उन्होंने छोटे व बड़े पर्दे पर अपने अभिनय का लोहा मनवाया। दिव्यांशी ने बताया कि यूपी टीम में स्वीमिंग की बेहतरीन खिलाड़ी रहीं हैं और स्टेट चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया है। इसके बाद उन्होंने ग्लैमर की दुनिया में कदम रखा। 2015 में रैंप पर कैटवॉक और जूनियर मिस दिल्ली और जूनियर मिस इंडिया चुनीं गईं। इसके बाद उन्हें गुमराह नामक शो में लीड रोल किया। उन्हें इस शो में ऐसी छात्रा का रोल मिला था, जिसका रैगिंग के नाम पर उत्पीड़न और शोषण किया जा रहा था। इसके बाद उन्होंने आईपीएल में एड किया। स्क्रीन पर वह क्रिकेटर युवराज सिंह और जेपी डुमनी के साथ नजर आईं।
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दिव्यांशी को एक के बाद एक कई ऑफर मिले। हॉलीवुड की फिल्म ड्रिम्ज में अभिनय किया। उन्हें आमिर खान की फिल्म दंगल में टॉप फाइव एक्टर के रूप में चुना गया और लीड रोल के लिए ऑफर दिया गया। ऑफर मिलने पर एक हफ्ते तक आमिर से उन्होंने ट्रेनिंग ली, पर दसवीं की परीक्षा के साथ-साथ स्क्रीन पर कुछ कर दिखाने के बजाय उन्हाेंने रियल दंगल गर्ल बनने की ठान ली। दिव्यांशी ने बताया कि आमिर की फिल्म की स्क्रिप्ट ने उन्हें प्रेरणा दी। इसके बाद उन्होंने बॉक्सिंग सीखी। एक साल में खुद को काबिल बनाने के बाद झांसी में पहली बार प्रशिक्षण शिविर का हिस्सा बनीं और यहां उन्होंने स्टेट के लिए पहला ट्रायल दिया। ट्रायल में उनका टॉप टेन बॉक्सरों में चयन हुआ।
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लड़कियां कमजोर नहीं
दिव्यांशी ग्लैमर की दुनिया से रिंग में उतरकर कमजोर लड़कियों की प्रेरणा बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि गुमराह, ड्रिम्ज जैसी फिल्मों को करने के बाद एहसास हुआ कि महिलाओं का वास्तव में उत्पीड़न हो रहा है। उनके उत्पीड़न की वजह कोई और नहीं बल्कि उनकी कमजोरी है। वह हर लड़की की इस कमजोरी को दूर करना चाहती हैं। वह भी पहले अपने को कमजोर समझतीं थीं पर आमिर की स्क्रिप्ट दंगल ने उनकी सोच को बदल दिया। वह आज हर लड़की की आवाज बनना चाहतीं हैं और सभी को अपने जैसा मजबूत बनाना चाहती हैं।
माता-पिता की भी बात नहीं मानी
ध्यानचंद स्टेडियम में प्रशिक्षण के लिए आईं दिव्यांशी के कोच गौरव ठाकुर ने बताया कि वह जिद के बाद प्रशिक्षण लेने आई थी। कई दिन से लगातार मां वापस आने के लिए फोन कर रही थीं पर दिव्यांशी ने इंकार कर दिया। स्टेट टीम में सिलेक्शन होने के बाद वह मां को तोहफा देना चाहती हैं।