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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही युवती ने फांसी लगाकर दी जान
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झांसी। प्रेमनगर थाना इलाके की बुुद्ध विहार कॉलोनी निवासी एक युवती ने रविवार को घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवती प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। लेकिन, लगातार मिल रही असफलताओं से वो हताश रहने लगी थी। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
बुद्ध विहार कॉलोनी में रहने वाले ऑटो पार्ट्स कारोबारी भागीरथ झा रविवार की सुबह अपनी पत्नी के साथ किसी काम से मध्य प्रदेश के मुरैना गए हुए थे। जबकि, उनका बेटा कुणाल लखनऊ में रहता है और वो वहां एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है। घर में बेटी मेघा झा (30) अकेली थी। दोपहर तकरीबन 12 बजे मेघा की एक सहेली उसके घर उससे मिलने पहुंची। घर के मुख्य द्वार की कुंडी अंदर से बंद थी। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने व मोबाइल पर घंटी करने के बाद कोई जवाब नहीं आया, तो सहेली ने अंदर झांक कर देखा। उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। मेघा घर के अंदर छत पर लगे लोहे के जाल के सहारे फंदे पर लटकी हुई थी। पास में ही उसका मोबाइल रखा हुआ था। सहेली ने इसकी सूचना पड़ोसियों को दी। मौके पर जमा हुए पड़ोसियों ने डायल 112 पर फोन कर पुलिस को बुलाया। पुलिस दरवाजे की कुंडी काटकर घर में दाखिल हुई और मुरैना गए माता-पिता को सूचना दी। जानकारी होने के तकरीबन डेढ़ घंटे बाद माता-पिता भी घर पहुंच गए। तब तक काफी संख्या में रिश्तेदार और पड़ोसी भी जमा हो चुके थे। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
परिजनों ने बताया कि मेघा ने स्नातक की परीक्षा पास कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू दी थी। वो सरकारी नौकरी में जाना चाहती थी। इसके लिए वो लगातार परीक्षाएं देती आ रही थी। लेकिन, सफलता हासिल नहीं हो पा रही थी। इससे वो निराश रहने लगी थी। माना जा रहा है कि इसी निराशा में उसने आत्महत्या कर ली। मृतका के पास से कोई सुसाइट नोट नहीं मिला। पुलिस घटना की पड़ताल में जुटी हुई है।
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सभी की थी चहेती, पढ़ाती थी ट्यूशन
झांसी। मेघा केवल अपने घर में ही नहीं, बल्कि मुहल्ले में भी सभी की चहेती थी। वो मुहल्ले के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थी। कई बच्चों को तो वो बगैर किसी फीस के ट्यूशन पढ़ाती थी। इससे मुहल्ले में सभी उसका सम्मान करते थे। मेघा बहुत हंसमुख स्वभाव की थी। उसकी मौत की खबर सुनकर पहले तो किसी को विश्वास नहीं हुआ, लेकिन बाद में सभी गमगीन नजर आए।
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बुद्ध विहार कॉलोनी में रहने वाले ऑटो पार्ट्स कारोबारी भागीरथ झा रविवार की सुबह अपनी पत्नी के साथ किसी काम से मध्य प्रदेश के मुरैना गए हुए थे। जबकि, उनका बेटा कुणाल लखनऊ में रहता है और वो वहां एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है। घर में बेटी मेघा झा (30) अकेली थी। दोपहर तकरीबन 12 बजे मेघा की एक सहेली उसके घर उससे मिलने पहुंची। घर के मुख्य द्वार की कुंडी अंदर से बंद थी। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने व मोबाइल पर घंटी करने के बाद कोई जवाब नहीं आया, तो सहेली ने अंदर झांक कर देखा। उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। मेघा घर के अंदर छत पर लगे लोहे के जाल के सहारे फंदे पर लटकी हुई थी। पास में ही उसका मोबाइल रखा हुआ था। सहेली ने इसकी सूचना पड़ोसियों को दी। मौके पर जमा हुए पड़ोसियों ने डायल 112 पर फोन कर पुलिस को बुलाया। पुलिस दरवाजे की कुंडी काटकर घर में दाखिल हुई और मुरैना गए माता-पिता को सूचना दी। जानकारी होने के तकरीबन डेढ़ घंटे बाद माता-पिता भी घर पहुंच गए। तब तक काफी संख्या में रिश्तेदार और पड़ोसी भी जमा हो चुके थे। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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परिजनों ने बताया कि मेघा ने स्नातक की परीक्षा पास कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू दी थी। वो सरकारी नौकरी में जाना चाहती थी। इसके लिए वो लगातार परीक्षाएं देती आ रही थी। लेकिन, सफलता हासिल नहीं हो पा रही थी। इससे वो निराश रहने लगी थी। माना जा रहा है कि इसी निराशा में उसने आत्महत्या कर ली। मृतका के पास से कोई सुसाइट नोट नहीं मिला। पुलिस घटना की पड़ताल में जुटी हुई है।
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सभी की थी चहेती, पढ़ाती थी ट्यूशन
झांसी। मेघा केवल अपने घर में ही नहीं, बल्कि मुहल्ले में भी सभी की चहेती थी। वो मुहल्ले के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थी। कई बच्चों को तो वो बगैर किसी फीस के ट्यूशन पढ़ाती थी। इससे मुहल्ले में सभी उसका सम्मान करते थे। मेघा बहुत हंसमुख स्वभाव की थी। उसकी मौत की खबर सुनकर पहले तो किसी को विश्वास नहीं हुआ, लेकिन बाद में सभी गमगीन नजर आए।