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कट- कट कर मिल रही है बिजली
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Sun, 24 May 2015 12:48 AM IST
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झांसी। विद्युत विभाग ओवर लोडिंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए साल भर दावे करता रहा, लेकिन गर्मियों में बढ़ी बिजली की मांग ने उसकी पोल खोल दी है। समय से योजनाओं के पूरा न होने से हंसारी पावर हाउस समेत नगर के सभी सब स्टेशन ओवर लोड चल रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को काट- काट कर बिजली दी जा रही है। स्थिति यह है कि शहर वासियों को सत्रह की जगह तेरह से चौदह घंटे ही बिजली मिल पा रही है। अघोषित कटौती के कारण लोगों को पल- पल गुजारना भारी पड़ रहा है।
हंसारी पावर हाउस में 143 एमवीए क्षमता के तीन ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। इन ट्रांसफार्मरों से नगर के तेरह बिजली घर (जेल चौराहा, रानी महल, हंसारी, बिजौली, प्रेमनगर, नंदनपुरा, खालसा सीपरी बाजार, सूती मिल, उन्नाव गेट पंचवटी, गल्ला मंडी, मुन्नालाल, मेडिकल कालेज, पुलिया नंबर नौ) जुड़े हुए हैं। सामान्य दिनों में हंसारी पावर हाउस पर 140 से 150 मेगावाट का लोड रहता है। गर्मियों में यह मांग बढ़कर 180 मेगावाट पर पहुंच जाती है।
दो साल पहले विद्युत विभाग ने करोड़ों रुपये व्यय कर हंसारी पावर हाउस का लोड कम करने के लिए बड़ागांव के दुनारा में करोड़ों रुपये खर्च कर 220 केवी सब स्टेशन का निर्माण किया था। योजना थी कि इस बिजली घर से नगर के सूती मिल, उन्नाव गेट, गल्ला मंडी व मेडिकल कालेज को जोड़ दिया जाएगा। इससे हंसारी पावर हाउस की मांग कम हो जाएगी, जिससे गर्मियों में शहरवासियों को ओवर लोडिंग की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। विद्युत विभाग पिछले दो साल से इन योजनाओं पर काम कर रहा है, मगर एक भी योजना अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इस कारण हंसारी पावर हाउस पर ओवर लोडिंग की समस्या जस की तस बनी हुई है। गर्मी के कारण चालीस मेगावाट बिजली की मांग और बढ़ गई है।
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पुलिया नंबर नौ को छोड़ कर एक भी ऐसा सब स्टेशन नगर में नहीं है, जिससे जुड़े फीडरों को एक साथ चलाया जा सके। मजबूरन सभी फीडरों को काट- काटकर बिजली दी जा रही है। अगर इस बीच संबंधित फीडर पर भी लोड बढ़ गया तो वह ट्रिप करके बंद हो जाता है। उसे दुबारा चालू करने में दस से पंद्रह मिनट का इंतजार करना पड़ता है। इस कारण जो बिजली मिलती है, उसमें भी कटौती हो जाती है। उस पर आए दिन लाइनों में आ रहे फाल्ट कोढ़ में खाज का काम कर रहे हैं। विद्युत अधिकारी भी इस व्यवस्था से परेशान हैं, मगर उनको समस्या का कोई हल नजर नहीं आ रहा है।
यह योजनाएं पड़ी हैं अधूरी
1- बड़ागांव स्थित दुनारा सब स्टेशन से गल्ला मंडी, मेडिकल कालेज, सूती मिल व उन्नाव गेट सब स्टेशन तक 33 केवी लाइन जोड़ने का काम।
2- हंसारी पावर हाउस से आने वाली 33 केवी लाइन से जुड़े प्रेमनगर व नंदनपुरा को अलग- अलग करना। इसके लिए हंसारी से प्रेमनगर सब स्टेशन तक 33 केवी की नई लाइन डालने का काम।
3- नंदनपुरा सब स्टेशन से जुड़े सीपरी बाजार फीडर को खालसा सब स्टेशन से जोड़ने व रक्सा फीडर को रक्सा में बनाए गए नए सब स्टेशन से जोड़ने का काम।
4- महानगर के सभी क्षेत्रों में बंच कंडक्टर तार डालने व मीटरों को परिसर के बाहर लगाने का काम।
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हंसारी पावर हाउस में 143 एमवीए क्षमता के तीन ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। इन ट्रांसफार्मरों से नगर के तेरह बिजली घर (जेल चौराहा, रानी महल, हंसारी, बिजौली, प्रेमनगर, नंदनपुरा, खालसा सीपरी बाजार, सूती मिल, उन्नाव गेट पंचवटी, गल्ला मंडी, मुन्नालाल, मेडिकल कालेज, पुलिया नंबर नौ) जुड़े हुए हैं। सामान्य दिनों में हंसारी पावर हाउस पर 140 से 150 मेगावाट का लोड रहता है। गर्मियों में यह मांग बढ़कर 180 मेगावाट पर पहुंच जाती है।
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दो साल पहले विद्युत विभाग ने करोड़ों रुपये व्यय कर हंसारी पावर हाउस का लोड कम करने के लिए बड़ागांव के दुनारा में करोड़ों रुपये खर्च कर 220 केवी सब स्टेशन का निर्माण किया था। योजना थी कि इस बिजली घर से नगर के सूती मिल, उन्नाव गेट, गल्ला मंडी व मेडिकल कालेज को जोड़ दिया जाएगा। इससे हंसारी पावर हाउस की मांग कम हो जाएगी, जिससे गर्मियों में शहरवासियों को ओवर लोडिंग की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। विद्युत विभाग पिछले दो साल से इन योजनाओं पर काम कर रहा है, मगर एक भी योजना अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इस कारण हंसारी पावर हाउस पर ओवर लोडिंग की समस्या जस की तस बनी हुई है। गर्मी के कारण चालीस मेगावाट बिजली की मांग और बढ़ गई है।
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पुलिया नंबर नौ को छोड़ कर एक भी ऐसा सब स्टेशन नगर में नहीं है, जिससे जुड़े फीडरों को एक साथ चलाया जा सके। मजबूरन सभी फीडरों को काट- काटकर बिजली दी जा रही है। अगर इस बीच संबंधित फीडर पर भी लोड बढ़ गया तो वह ट्रिप करके बंद हो जाता है। उसे दुबारा चालू करने में दस से पंद्रह मिनट का इंतजार करना पड़ता है। इस कारण जो बिजली मिलती है, उसमें भी कटौती हो जाती है। उस पर आए दिन लाइनों में आ रहे फाल्ट कोढ़ में खाज का काम कर रहे हैं। विद्युत अधिकारी भी इस व्यवस्था से परेशान हैं, मगर उनको समस्या का कोई हल नजर नहीं आ रहा है।
यह योजनाएं पड़ी हैं अधूरी
1- बड़ागांव स्थित दुनारा सब स्टेशन से गल्ला मंडी, मेडिकल कालेज, सूती मिल व उन्नाव गेट सब स्टेशन तक 33 केवी लाइन जोड़ने का काम।
2- हंसारी पावर हाउस से आने वाली 33 केवी लाइन से जुड़े प्रेमनगर व नंदनपुरा को अलग- अलग करना। इसके लिए हंसारी से प्रेमनगर सब स्टेशन तक 33 केवी की नई लाइन डालने का काम।
3- नंदनपुरा सब स्टेशन से जुड़े सीपरी बाजार फीडर को खालसा सब स्टेशन से जोड़ने व रक्सा फीडर को रक्सा में बनाए गए नए सब स्टेशन से जोड़ने का काम।
4- महानगर के सभी क्षेत्रों में बंच कंडक्टर तार डालने व मीटरों को परिसर के बाहर लगाने का काम।