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शुक्ल योग में विराजमान होंगे गौरी पुत्र गणेश

Wed, 28 Aug 2019 03:32 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 28 Aug 2019 03:32 AM IST
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Gauri putra ganesh will come in shukla yog
गणेश उत्सव के लिए प्रतिमाओं को रूप देने में जुटे कारीगर।
शुक्ल योग में विराजमान होंगे गौरी पुत्र गणेश
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झांसी। ज्ञान, सुख और सौभाग्य के देवता भगवान गणेश भादो शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को पंडालोें में विराजमान होंगे। दो सितंबर को चतुर्थी की तिथि सुबह 8:42 बजे से प्रारंभ होगी और इस दौरान शुक्ल योग रहेगा। पूरा दिन पूजा के लिए शुभ रहेगा। वहीं, गणेश महोत्सव के लिए प्रतिमाएं, पंडालों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। साथ ही सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों भी तय किए जा रहे हैं।
महानगर में महाराष्ट्र समाज के प्राचीन गणेश मंदिर सहित कई मंदिरों एवं छोटे - बडे़ पंडालों में भगवान गणेश की मनमोहक प्रतिमाएं विराजमान की जाती है। यह आयोजन जल झूलनी एकादशी तथा अनंत चतुर्दशी तक चलता है। पंडालों व मंदिरों को भव्यता से सजाया जाता है। बालिकाओं द्वारा आरती में दीप नृत्य सहित कई अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाती है। पंडित शांतनू पांडेय के अनुसार श्री गणेश की पूजा में संगीत, गीत एवं मंत्रों के मधुर उच्चारण से माहौल पूरी तरह से भक्तिमय रहता है। यह सुख और उल्लास का वातावरण बनाता है। भगवान गणेश सुख और सौभाग्य के देवता है। पूजा में उन्हें पवित्र आसन पर विराजमान करें। दूर्वा अवश्य अर्पण करें। साथ में उनके साथ मूषक व ऋद्धि सिद्धि अवश्य विराजमान करें। उनके अनुसार दो सितंबर को चतुर्थी की तिथि सुबह 8:42 बजे से है। योग शुक्ल होने से विश्व शांति की संभावनाएं बनाती है।
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इंटरनेट के चित्रों पर बन रहे है गणेश जी की प्रतिमाएं
पंडालों में विराजमान करने के लिए प्रतिमाएं तेजी से तैयार की जा रही हैं। युवा भक्त इंटरनेट से गणेश जी के आकर्षक चित्र लेकर प्रतिमाएं खास आर्डर देकर बनवा रहे हैं। तालपुरा स्थित रविदास आश्रम में प्रतिमाओं को अंतिम रूप देते हुए बंगाल के कारीगर नेपाल पाल ने बताया कि कई युवा इंटरनेट से चित्र लेकर आए हैं। उनकी मांग के अनुसार प्रतिमाएं बनाई गई हैं। हर बार की तरह लाल बाग के राजा की मांग ज्यादा है। उनके अनुसार गणेश प्रतिमा में उन्होंने कलकत्ता की चिकनी मिट्टी, स्थानीय काली मिट्टी और कच्चे रंग का प्रयोग किया है। ताकि यह पानी में जल्द घुल मिल सकें। एक फीट से लेकर 10 फीट तक की है प्रतिमाओं की कीमत छह सौ रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक है। कई प्रतिमाओं में भगवान गणेश गरुण जी, हंस, मोर पर विराजमान है। साथ ही वह अपने पिता शिव जी, मां गौरी एवं परिवार के अन्य सदस्यों के साथ है।
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