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गतिमान जैसी सुरक्षा तकनीक से लैस होंगी ट्रेनें

Mon, 09 Apr 2018 01:13 AM IST
amarujala
amarujala Updated Mon, 09 Apr 2018 01:13 AM IST
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gatiman jaise surcha se les hogi traine
train, jhansi news - फोटो : demo
अगर आपको ट्रेन में सफर करते वक्त हादसे का डर सताता है तो अब निश्चिंत हो जाएं। आने वाले दिनों ने ट्रेनों में प्रोटेक्शन वर्निंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे वह खतरा को खुद भांप कर स्वत: ही रुक जाएगी। अभी यह सिस्टम देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस में लगा है। पहली चरण में झांसी से गुजरने वाली गोवा एक्सप्रेस, जीटी एक्सप्रेस, तामिलनाडू एक्सप्रेस, दक्षिण एक्सप्रेस समेत 12 ट्रेनों को इस तकनीक से लैस किया जाएगा।
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आए दिन हो रहे रेल हादसों से आम लोग और रेलवे अफसर परेशान हैं। हादसों का असर रेलवे की छवि पर भी पड़ा है। हादसों को रोकने व छवि को सुधारने के लिए रेलवे अब प्रोटेक्शन वार्निंग सिस्टम (टीपीडब्लूएस) का सहारा लेने जा रहा है। इंग्लैंड में ईजाद किए गए हाईटेक प्रोटेक्शन वॉर्निग सिस्टम से भारतीय ट्रेनों को लैस करने की तैयारी है। कारगर माने जाने वाला यह सिस्टम राह में आने वाले किसी भी खतरे को पहले ही भांप लेगा और ट्रेन खुद-ब-खुद ट्रेन रुक जाएगी। यह प्रक्रिया महज 20 सेकेंड में पूरी हो जाएगी। इसकी शुरूआत गतिमान एक्सप्रेस से की गई है। पलवल से आगरा के बीच सिग्नल के पास ट्रांसमीटर लगाया गया है।
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इसके लिए गतिमान एक्सप्रेस के इंजन में रिसीवर लगाया गया है। जो ट्रांसमीटर के संपर्क में आते ही रिसीवर को सिग्नल देगा। सिस्टम में दो 30-30 मीटर के एंटीने लगे हैं, जो रेल इंजन के दोनों ओर लगे हैं। इनसे ही आगे के खतरे (पटरी टूटने, चटकने, रेड सिग्नल, पब्लिक जमा होने आदि) की जानकारी सिस्टम पकड़ लेगा। इसके बाद ट्रेन ड्राइवर को सतर्क करने के लिए तेज बीप बजेगी और महज 20 सेकेंड में ट्रेन में खुद ब खुद ब्रेक लग जाएंगे। जुलाई तक यह सिस्टम आगरा से झांसी के बीच लगाने की तैयारी है। इससे यहां से गुजरने वाली बारह ट्रेनों को भी इस सिस्टम का फायदा मिलेगा।
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क्या है टीपीडब्लूएस
टीपीडब्लूएस इंग्लैंड में शुरू की गई ट्रेन रक्षा एवं चेतावनी प्रणाली है। यह तकनीक सिग्नल पर नजर रखती है। साथ ही यह भी देखती है कि ट्रेन चालक ने सिग्नल का पालन किया या नहीं, अगर चालक ने अनदेखी की तो प्रणाली पहले इंजन में लगे बजर से चालक को चेतावनी देगी। इसके बाद भी चालक सक्रिय न हुआ तो प्रणाली अपने आप ट्रेन रोक देगी।

इस तरह करेगी काम
टीपीडब्लूएस के तहत आगरा से झांसी स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर सिग्नल के पास ट्रांसमीटर लगेगा। ट्रेन के इंजन में रिसीवर लगेगा। ट्रांसमीटर के संपर्क में आते ही रिसीवर को सिग्नल मिलेगा। उसके अनुसार रिसीवर ट्रेन की स्पीड की गणना करेगा। अगर स्पीड पांच किमी तक ज्यादा मिली तो चेतावनी देगा, लेकिन स्पीड 10 किमी ज्यादा मिली तो ट्रेन को खुद रोक देगा। रिसीवर में चालक की हरकतें भी कैद होंगी। मसलन चालक ने अगर गड़बड़ी की तो यह प्रणाली बता देगी।

आग से भी बचाएगा
यह सिस्टम ट्रेन को आग से बचाने में भी कारगर साबित होगा। इस सिस्टम के तहत लगे डिवाइस गाड़ी के अंदर उठने वाले थोड़े से भी धुएं को पहचान लेंगे और गाड़ी में लगे सायरनों को इंफार्म करेंगे। इससे ये सायरन बज उठेंगे। इससे ट्रेन को आगजनी की स्थिति से बचाया जा सकता है।


फायदेमंद साबित होगा
आने वाले दिनों में ट्रेन में सफर करना सुरक्षित होगा, क्योंकि ट्रेनों में ट्रेन प्रोटेक्शन एंड सिग्नलिंग सिस्टम फायदेमंद साबित होगा। काफी हद तक ट्रेन हादसों को रोका जा सकेगा। शुरूआत में यह सिस्टम आगरा-पलवल के बीच गतिमान एक्सप्रेस में लगाया गया है। जल्द ही आगरा से झांसी के बीच रेलवे ट्रैक पर भी लगाने की योजना है।
कृष्ण कुमार बंसल
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, इलाहाबाद
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