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कूड़े पर हंगामा, स्ट्रीट लाइटों पर घमासान, होगी जांच
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नगर निगम में हुई सदन की बैठक।
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झांसी। नगर निगम सदन की बैठक में शनिवार को कूड़ा कलेक्शन, स्ट्रीट लाइट और निर्माण कार्यों के लंबित होने पर जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान पार्षदों ने नगर निगम अधिकारियों की कारगुजारी को लेकर सवाल उठाए। वहीं जनता के लिए काम करने का संकल्प दोहराया। इस दौरान सदन ने महानगर के विकास के लिए 344 करोड़ रुपये के बजट पर मुहर लगाई। बैठक के दौरान उठे मामलों में जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
नगर निगम सदन की बैठक महापौर रामतीर्थ सिंघल की अध्यक्षता में शुरू हुई। महापौर ने सदन के पदेन सदस्य सदर विधायक रवि शर्मा और एमएलसी रमा आरपी निरंजन का स्वागत किया। बैठक में सबसे पहले पार्षदों ने अधिकारियों की कोरोना जांच न कराने का मुद्दा उठाया। जिस पर काफी देर तक अधिकारी शांत रहे। बाद में विधायक रवि शर्मा ने पार्षदों को शांत कराया।
बैठक के दौरान पार्षद उमेश जोशी ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कंपनियों की मनमानी का मुद्दा उठाया। उन्होंने अमर उजाला की प्रतियां दिखाते हुए कहा कि कंपनियां महानगर में कूड़े के नाम पर खेल खेलती रहीं और नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं कर सका। पार्षद महेश गौतम, विकास खत्री, विमल किशोर, जुगलकिशोर और सुलेमान मंसूरी ने कहा कि कंपनियां नगर निगम से पांच साल में करोड़ों रुपये ले चुकी हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था शून्य है। रिश्तेदारों की कंपनियां लगी हैं। जिस पर नगर आयुक्त ने कहा कि नए टेंडर की प्रक्रिया के लिए शासन को पत्र लिखा है। लेकिन पार्षद इससे सहमत नहीं हुए। पार्षदों ने कंपनियों का भुगतान रोकने और ब्लैक लिस्टेड करने की मांग कर डाली। जिस पर नगर आयुक्त अवनीश राय ने कहा कि कंपनियों का भुगतान रोकने से कूड़ा उठान बंद हो जाएगा और निगम के पास संसाधन नहीं हैं।
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महापौर रामतीर्थ सिंघल ने कहा कि कंपनियों की कारगुजारी की जांच कर एक महीने में रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी जिसके आधार पर कार्रवाई होगी। इसके बाद पार्षद उमेश जोशी, कन्हैया कपूर, प्रदीप नगरिया, अब्दुल जाबिर ने कहा कि स्ट्रीट लाइटें वार्डों से गायब हो जाती हैं, लेकिन निगम की ओर से बदली नहीं जातीं। तमाम स्ट्रीट लाइटों में तार नहीं लगे और भुगतान हो गए। हाईमास्ट लाइटों का अब तक कुछ नहीं पता। जिस पर मार्ग प्रकाश विभाग के एई शरद नायक ने एक सप्ताह में सर्वे कराने का आश्वासन दिया।
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फिर गूंजा कुटेशन की जांच का मामला
पार्षद गोविंद शर्मा, अमन राय, इंदु वर्मा ने कहा कि पार्षदों की संस्तुति पर कुटेशन के काम नहीं होते। जेई, एई फील्ड में जाते ही नहीं हैं। इस पर विधायक रवि शर्मा ने कहा कि निगम के अधिकारी ठेकेदार नहीं जनता को संतुष्ट करें। महापौर ने कुटेशन के कामों की जांच कराने के लिए कहा। नगर आयुक्त ने जांच का आश्वासन दिया।
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अधिकारी को कार्यमुक्त करने की मांग
बैठक में पार्षद कन्हैया कपूर ने कहा कि एक अधिकारी निर्माण की फाइलों को बीते दिसंबर से दबाकर बैठे हैं। सदन ने अधिकारी को कार्यमुक्त करने की मांग की। इस पर विधायक ने अधिकारी के खिलाफ शासन को पत्र लिखने के लिए कहा।
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टेंडरों की दरें तय नहीं होंगी
बैठक में मुद्दा उठा कि टेंडरों की दरों को तय करने का सदन ने प्रस्ताव पारित किया था। जिस पर नगर आयुक्त ने कहा निगम टेंडरों की दरें तय नहीं कर सकता। इसके बदले परफार्मेंस गारंटी दो गुनी ली जाएगी। पार्षद मुकेश सोनी बंटी ने कहा कि सराफा बाजार में टाइल्स हिल रही हैं। नगर आयुक्त ने जांच कराने का आश्वासन दिया।
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निर्माण कार्यों का बने प्रोग्रेस चार्ट, पार्षदों को मिले निधि
मनोनीत पार्षद मनु सिंह ने कहा कि निर्माण कार्यों की पेंडेंसी बहुत अधिक है। इसके लिए हर निर्माण कार्य का प्रोग्रेस चार्ट तैयार कराया जाए। एमबी की रीडिंग चेक करने की जिम्मेदारी तय की जाए। काम अधूरा रहने और देर से करने पर ठेकेदार पर दंड लगाया जाए। उन्होंने कहा कि पार्षदों के प्रस्तावों पर अमल नहीं होता। इसके लिए निर्माण कार्य को प्रस्तावित बजट से पार्षदों को वार्डवार निधि तय कर दी जाए, ताकि पार्षद काम करा सकें।
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मार्ग प्रकाश विभाग में काम कर रहे पार्षद पुत्र
बैठक के दौरान पार्षद दिनेश प्रताप सिंह ने मुद्दा उठाया कि एक पार्षद के पुत्र के मार्ग प्रकाश विभाग में तैनात होने का मामला उठता है, बताया जाए कि वे कौन पार्षद हैं। इस पर विभाग के पूर्व प्रभारी अगम कटियार को बुलाकर नाम पूछा गया। नगर आयुक्त ने मामले की जांच के निर्देश दिए।
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सोशल डिस्टेंसिंग रही तार-तार
यूं तो नगर निगम सभागार में सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर जगह तय की गई थी, लेकिन तमाम पार्षद एक दूसरे के पास बैठे नजर आए। वहीं कोरोना जांच न कराने वाले पार्षद भी सभी के साथ ही बैठे दिखे।
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ये मामले भी उठे
- मनोनीत पार्षद उमाशंकर राय ने स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को निगम से अलग करने की बात कही।
- किशोरी रायकवार ने पार्षदों को निर्माण कार्यों के बिल और एस्टीमेट की कापी देने की मांग की।
- अविनाश कुमार ने बस स्टैंड पर निगम के शेड से कब्जा हटवाने का प्रस्ताव दिया।
- सरदार वीर सिंह ने हैंडपंप और आसरा योजना के तहत गरीबों को मकान देने की मांग की।
- नरेंद्र नामदेव ने निर्माण के दौरान सड़क पर निर्माण कार्य का बोर्ड लगाए जाने की मांग की।
- कांति छत्रपाल और राजेश जैन ने गोशाला में गायों की दुर्दशा का मुद्दा उठाया।
- प्रियांशु डे ने कुओं के पुनरुद्धार और वर्षा जल संग्रहण का मुद्दा उठाया।
- उपसभापति राजेश त्रिपाठी ने पेट्रोल पंप पर हो रहे खेल को लेकर पंप बदलने की मांग की।
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नगर निगम सदन की बैठक महापौर रामतीर्थ सिंघल की अध्यक्षता में शुरू हुई। महापौर ने सदन के पदेन सदस्य सदर विधायक रवि शर्मा और एमएलसी रमा आरपी निरंजन का स्वागत किया। बैठक में सबसे पहले पार्षदों ने अधिकारियों की कोरोना जांच न कराने का मुद्दा उठाया। जिस पर काफी देर तक अधिकारी शांत रहे। बाद में विधायक रवि शर्मा ने पार्षदों को शांत कराया।
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बैठक के दौरान पार्षद उमेश जोशी ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कंपनियों की मनमानी का मुद्दा उठाया। उन्होंने अमर उजाला की प्रतियां दिखाते हुए कहा कि कंपनियां महानगर में कूड़े के नाम पर खेल खेलती रहीं और नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं कर सका। पार्षद महेश गौतम, विकास खत्री, विमल किशोर, जुगलकिशोर और सुलेमान मंसूरी ने कहा कि कंपनियां नगर निगम से पांच साल में करोड़ों रुपये ले चुकी हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था शून्य है। रिश्तेदारों की कंपनियां लगी हैं। जिस पर नगर आयुक्त ने कहा कि नए टेंडर की प्रक्रिया के लिए शासन को पत्र लिखा है। लेकिन पार्षद इससे सहमत नहीं हुए। पार्षदों ने कंपनियों का भुगतान रोकने और ब्लैक लिस्टेड करने की मांग कर डाली। जिस पर नगर आयुक्त अवनीश राय ने कहा कि कंपनियों का भुगतान रोकने से कूड़ा उठान बंद हो जाएगा और निगम के पास संसाधन नहीं हैं।
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फिर गूंजा कुटेशन की जांच का मामला
पार्षद गोविंद शर्मा, अमन राय, इंदु वर्मा ने कहा कि पार्षदों की संस्तुति पर कुटेशन के काम नहीं होते। जेई, एई फील्ड में जाते ही नहीं हैं। इस पर विधायक रवि शर्मा ने कहा कि निगम के अधिकारी ठेकेदार नहीं जनता को संतुष्ट करें। महापौर ने कुटेशन के कामों की जांच कराने के लिए कहा। नगर आयुक्त ने जांच का आश्वासन दिया।
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अधिकारी को कार्यमुक्त करने की मांग
बैठक में पार्षद कन्हैया कपूर ने कहा कि एक अधिकारी निर्माण की फाइलों को बीते दिसंबर से दबाकर बैठे हैं। सदन ने अधिकारी को कार्यमुक्त करने की मांग की। इस पर विधायक ने अधिकारी के खिलाफ शासन को पत्र लिखने के लिए कहा।
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टेंडरों की दरें तय नहीं होंगी
बैठक में मुद्दा उठा कि टेंडरों की दरों को तय करने का सदन ने प्रस्ताव पारित किया था। जिस पर नगर आयुक्त ने कहा निगम टेंडरों की दरें तय नहीं कर सकता। इसके बदले परफार्मेंस गारंटी दो गुनी ली जाएगी। पार्षद मुकेश सोनी बंटी ने कहा कि सराफा बाजार में टाइल्स हिल रही हैं। नगर आयुक्त ने जांच कराने का आश्वासन दिया।
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मनोनीत पार्षद मनु सिंह ने कहा कि निर्माण कार्यों की पेंडेंसी बहुत अधिक है। इसके लिए हर निर्माण कार्य का प्रोग्रेस चार्ट तैयार कराया जाए। एमबी की रीडिंग चेक करने की जिम्मेदारी तय की जाए। काम अधूरा रहने और देर से करने पर ठेकेदार पर दंड लगाया जाए। उन्होंने कहा कि पार्षदों के प्रस्तावों पर अमल नहीं होता। इसके लिए निर्माण कार्य को प्रस्तावित बजट से पार्षदों को वार्डवार निधि तय कर दी जाए, ताकि पार्षद काम करा सकें।
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मार्ग प्रकाश विभाग में काम कर रहे पार्षद पुत्र
बैठक के दौरान पार्षद दिनेश प्रताप सिंह ने मुद्दा उठाया कि एक पार्षद के पुत्र के मार्ग प्रकाश विभाग में तैनात होने का मामला उठता है, बताया जाए कि वे कौन पार्षद हैं। इस पर विभाग के पूर्व प्रभारी अगम कटियार को बुलाकर नाम पूछा गया। नगर आयुक्त ने मामले की जांच के निर्देश दिए।
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सोशल डिस्टेंसिंग रही तार-तार
यूं तो नगर निगम सभागार में सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर जगह तय की गई थी, लेकिन तमाम पार्षद एक दूसरे के पास बैठे नजर आए। वहीं कोरोना जांच न कराने वाले पार्षद भी सभी के साथ ही बैठे दिखे।
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ये मामले भी उठे
- मनोनीत पार्षद उमाशंकर राय ने स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को निगम से अलग करने की बात कही।
- किशोरी रायकवार ने पार्षदों को निर्माण कार्यों के बिल और एस्टीमेट की कापी देने की मांग की।
- अविनाश कुमार ने बस स्टैंड पर निगम के शेड से कब्जा हटवाने का प्रस्ताव दिया।
- सरदार वीर सिंह ने हैंडपंप और आसरा योजना के तहत गरीबों को मकान देने की मांग की।
- नरेंद्र नामदेव ने निर्माण के दौरान सड़क पर निर्माण कार्य का बोर्ड लगाए जाने की मांग की।
- कांति छत्रपाल और राजेश जैन ने गोशाला में गायों की दुर्दशा का मुद्दा उठाया।
- प्रियांशु डे ने कुओं के पुनरुद्धार और वर्षा जल संग्रहण का मुद्दा उठाया।
- उपसभापति राजेश त्रिपाठी ने पेट्रोल पंप पर हो रहे खेल को लेकर पंप बदलने की मांग की।