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गैस एजेंसियों की मनमानी पर नहीं लग पा रहा अंकुश
Tue, 27 Oct 2020 01:35 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2020 01:35 AM IST
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जिले में रसोई गैस को लेकर गैस एजेंसियों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन और गैस कंपनियां संजीदा नहीं हैं। जिले में एक ओर गैस की किल्लत बढ़ रही है, दूसरी ओर गैस रिफिलिंग और कालाबाजारी भी जोरों पर है। गैस सिलिंडर की डिलीवरी के दौरान हॉकरों द्वारा की जा रही वसूली पर भी रोक लगाने में प्रशासन नाकाम है।
जिले में त्योहार के साथ ही रसोई गैस की किल्लत में बढ़ गई है। बुकिंग के बाद लोगों को सिलिंडर समय पर नहीं मिल रहा। साथ ही, अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का खेल चल रहा है। बीते दिनों भांडेर में सिलिंडर फटने से हुए हादसे में तीन लोगों की मौत के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं खुली है। इसके अलावा कालाबाजारी का खेल भी लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन रहा है। शासन ने त्योहार पर लोगों को रसोई गैस मुहैया कराने के लिए निर्देश दिए हैं, लेकिन प्रशासन का इस ओर ध्यान ही नहीं है। वहीं गैस कंपनियां भी अपनी एजेंसियों पर लगाम लगाने में नाकाम हैं। जिले में गैस की किल्लत को दूर करने के लिए कोई योजना नहीं बन सकी है। इससे साफ है कि प्रशासन को लोगों की दिक्कत से कोई सरोकार नहीं है।
बांट माप विभाग भी सो रहा
जिले में सिलिंडरों से गैस निकालकर घटतौली की जा रही है। लेकिन बांट माप विभाग भी घटतौली को लेकर सक्रिय नहीं है। ऐसे में लोगों को कम गैस मिलती है। वहीं गैस सिलिंडर के बढ़ते दाम लोगों का दम निकाल रहे हैं।
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महिलाएं में रोष
गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। समय पर सिलिंडर आता ही नहीं है।- नीलम
कई बार गैस सिलिंडर जल्दी खत्म हो गया है। गैस कम निकलने से साफ है कि घटतौली हो रही है। इस पर अंकुश लगे।- प्रियंका
हॉकर हर बार सिलिंडर देने के दौरान 30 रुपये ले जाते हैं। जबकि होम डिलीवरी का कोई शुल्क नहीं लगता है।- कृष्णा
जिले में गैस एजेंसियों की मनमानी पर लगाम लगनी चाहिए। इसके लिए प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है।- कीर्ति वर्मा
गैस एजेंसियों की मनमानी पर लगाम लगाने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए टीम बना दी गई है। जल्द ही कार्रवाई शुरू की जाएगी।
नीरज कनौजिया, उपायुक्त खाद्य
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जिले में त्योहार के साथ ही रसोई गैस की किल्लत में बढ़ गई है। बुकिंग के बाद लोगों को सिलिंडर समय पर नहीं मिल रहा। साथ ही, अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का खेल चल रहा है। बीते दिनों भांडेर में सिलिंडर फटने से हुए हादसे में तीन लोगों की मौत के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं खुली है। इसके अलावा कालाबाजारी का खेल भी लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन रहा है। शासन ने त्योहार पर लोगों को रसोई गैस मुहैया कराने के लिए निर्देश दिए हैं, लेकिन प्रशासन का इस ओर ध्यान ही नहीं है। वहीं गैस कंपनियां भी अपनी एजेंसियों पर लगाम लगाने में नाकाम हैं। जिले में गैस की किल्लत को दूर करने के लिए कोई योजना नहीं बन सकी है। इससे साफ है कि प्रशासन को लोगों की दिक्कत से कोई सरोकार नहीं है।
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बांट माप विभाग भी सो रहा
जिले में सिलिंडरों से गैस निकालकर घटतौली की जा रही है। लेकिन बांट माप विभाग भी घटतौली को लेकर सक्रिय नहीं है। ऐसे में लोगों को कम गैस मिलती है। वहीं गैस सिलिंडर के बढ़ते दाम लोगों का दम निकाल रहे हैं।
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महिलाएं में रोष
गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। समय पर सिलिंडर आता ही नहीं है।- नीलम
कई बार गैस सिलिंडर जल्दी खत्म हो गया है। गैस कम निकलने से साफ है कि घटतौली हो रही है। इस पर अंकुश लगे।- प्रियंका
हॉकर हर बार सिलिंडर देने के दौरान 30 रुपये ले जाते हैं। जबकि होम डिलीवरी का कोई शुल्क नहीं लगता है।- कृष्णा
जिले में गैस एजेंसियों की मनमानी पर लगाम लगनी चाहिए। इसके लिए प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है।- कीर्ति वर्मा
गैस एजेंसियों की मनमानी पर लगाम लगाने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए टीम बना दी गई है। जल्द ही कार्रवाई शुरू की जाएगी।
नीरज कनौजिया, उपायुक्त खाद्य