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जन्मदिन मनाने की थी तैयारी, घर में मचा कोहराम

Sun, 23 Feb 2020 01:06 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 23 Feb 2020 01:06 AM IST
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खुशी जैन, मृतक छात्रा की फाइल फोटो - फोटो : REPORTERS
झांसी। रविवार को इंटरमीडिएट की छात्रा खुशी का जन्मदिन धूमधाम से घर में मनाने की तैयारी थी। इसको लेकर तैयारियां भी चल रही थीं। शनिवार को एकाएक उसकी मौत के बाद बाद घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी इतना बड़ा कदम उठा लेगी। पूरा परिवार सदमे मेें है। खुशी को याद कर उनके आंसू नहीं रुक रहे। घर पर भी आने-आने जाने वालों का तांता लगा हुआ है। देर शाम परिजनों ने खुशी के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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थाना नवाबाद के करगुवां निवासी संजय जैन समाज के पंचायती मंत्री भी हैं। तीन बच्चों में छोटी खुशी झांसी-शिवपुरी राजमार्ग स्थित हंसराज माडर्न पब्लिक स्कूल में इंटरमीडिएट की छात्रा थी। 23 फरवरी को खुशी का जन्मदिन था। इसमें भाग लेने के लिए कोटा में पढ़ने वाली उसकी बड़ी बहन मुस्कान भी शनिवार शाम को झांसी आने वाली थी। घर में ही जन्मदिन मनाया जाना था। इसकी तैयारियां भी की गई थीं। सहेलियों को भी कार्यक्रम में बुलाने की तैयारी थी। पिता के साथ कोटा से आ रही बहन भी खुशी को गिफ्ट देना चाहती थी। शनिवार सुबह संजय अपनी पत्नी रेखा के साथ मंदिर दर्शन करने चले गए। छोटा पुत्र रौनक जैन स्कूल चला गया। घर पर कोई भी नहीं था। इसी बीच खुशी ने बाहर का दरवाजा अंदर से बंद कर कमरे में दुुपट्टे के सहारे पंखे से लटककर फांसी लगाकर जान दे दी। घर लौटे संजय व मां रेखा कमरे में पहुंचे तो बेटी को फांसी पर लटका देख अवाक रहे गए। रोते बिलखते वे बच्ची को फंदे से उतारकर मेडिकल ले गए लेकिन वहां चिकित्सकों ने खुशी को मृत घोषित कर दिया। यह जानकारी आसपास रहने वालों व परिचितों को हुई तो वे भागे-भागे अस्पताल पहुंचे। सभी की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।
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पिता बोले- कार्रवाई न हुई तो जान दे दूंगा
पिता संजय जैन का कहना है कि 24 फरवरी से इंटरमीडिएट की परीक्षाएं होनी हैं। खुशी का सेंटर केंद्रीय विद्यालय दो में था। पुत्री खुशी को किसी ने यह बता दिया था कि एडमिट कार्ड के साथ आई कार्ड भी जरूरी है। इस कारण वह आई कार्ड के लिए कई दिन से परेशान थी। बीस फरवरी को आइडेंटी कार्ड के लिए वह भी स्कूल गए थे। प्रिंसिपल, क्लास टीचर के अलावा अन्य स्टाफ से भी मिले थे। सभी से शुल्क जमा कर आई कार्ड देने के लिए हाथ जोड़े थे, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। इसी कारण उनकी पुत्री ने जान दी है।उनका कहना है अगर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न हुई तो वे स्कूल के सामने अपनी जान दे देंगे।
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पढ़ाई में होशियार थी खुशी
परिजनों ने बताया कि खुशी पढ़ाई में होशियार थी। आई कार्ड न मिलने से वह परेशान थी। उसको डर था कि अगर परीक्षा नहीं देने दी गई तो उसका कॅरियर बर्बाद हो जाएगा।
आज कैंडल मार्च निकाला जाएगा
जैन समुदाय के तत्वावधान में खुशी के जन्मदिन पर कई संस्थाओं द्वारा रविवार को इलाइट चौराहा से रानी लक्ष्मीबाई पार्क तक कैंडल मार्च निकाला जाएगा। इसमें खुशी को न्याय दिलाने की मांग उठाई जाएगी। दिगंबर जैन पंचायत की बैठक प्रवीण जैन की अध्यक्षता में हुई। इसमें शोक सभा आयोजित कर कैंडल मार्च में अधिक से अधिक लोग जुटाने की बात कही गई। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, करगुवां मंत्री सुभाष जैन, शिरोमणि जैन, अशोक जैन, संजय सिंघई मौजूद रहे।
कांग्रेसियों ने उठाई कार्रवाई की मांग
शहर कांग्रेस कमेटी की बैठक में स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। शहर अध्यक्ष अरविंद वशिष्ठ ने कहा कि जल्द कार्रवाई न होने पर पार्टी आंदोलन करेगी।

स्कूल प्रशासन ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग
इस मामले में हंसराज माडर्न पब्लिक स्कूल प्रशासन ने अपना पक्ष रखा है। प्रधानाचार्य एस रिजवी ने परिवार द्वारा लगाए गए आरोपाें को निराधार बताया है। बताया गया कि छात्र खुशी जैन को पूर्व में प्रवेश पत्र दिया जा चुका था। छात्रा घर पर ही परीक्षा की तैयारी कर रही थी। कुछ बातों, व्यवहार और घरेलू कारणों से खुशी परेशान रहती थी। छात्रा ने शिक्षकों व सहेलियों को मां द्वारा दुर्व्यवहार, प्रताड़ना किए जाने की जानकारी भी दी थी। इसकी वजह से छात्रा तनाव में रहती थी। विद्यालय के कार्यक्रमों में भी उसे भाग नहीं लिया जाने दिया जाता था, इस कारण उसका पढ़ाई में भी मन नहीं लगता था। इसे देखते हुए विद्यालय प्रशासन में नियुक्त मार्गदर्शिका पिछले एक वर्ष से छात्रा की काउंसलिंग कर रही थीं। बताया गया कि 20 फरवरी को छात्रा खुशी को प्रवेश पत्र दे दिया गया था। इसके आधार पर वह सुलभता से इंटरमीडिएट की परीक्षाएं दे सकती थी। खुशी विद्यालय की तरफ से पूर्णत: संतुष्ट थी। स्कूल प्रशासन का कहना है कि छात्रा को घर में पढ़ाई का माहौल नहीं मिल पा रहा था, जिसकी वजह से वह परेशान थी। घटना को गंभीर बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई गई। विद्यालय प्रशासन ने शोक सभा कर छात्रा की आत्मा की शांति की प्रार्थना की।
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