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Jhansi News: होलाष्टक 7 से, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में होलिका दहन 13 को
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कोछाभांवर। इस बार होलिका दहन 13 मार्च को होगा। इसके साथ ही रंगोत्सव भी शुरू हो जाएगा। वहीं, होलाष्टक सात मार्च से प्रारंभ होगा। मान्यता है कि होलाष्टक में मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं।
महानगर एवं ग्रामीण इलाकों में होली को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। पिचकारी, रंग-गुलाल की दुकानें सज गई हैं। मंदिरों में फाग गीत गाए जा रहे हैं। कई स्थानों पर होली के डांढ़ा भी गड़ चुके हैं। महंत मार्तंड स्वामी के अनुसार, गुरुवार 13 मार्च को होलिका दहन का मुहूर्त रात्रि 11:28 से 12:6 बजे तक रहेगा।कई श्रद्धालु 14 को पूर्णिमा का स्नान दान करेंगे। उनके अनुसार, पूर्णिमा पर पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र एवं धृति योग रहेगा। पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण होगा लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। ग्रहण का सूतक नहीं लगेगा। इधर, आचार्य सुबोध शास्त्री के अनुसार होलाष्टक सात मार्च से प्रारंभ होगा, जो होलिका दहन के साथ समाप्त होगा। मान्यता है कि होलाष्टक अवधि में मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। संवादे
महानगर एवं ग्रामीण इलाकों में होली को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। पिचकारी, रंग-गुलाल की दुकानें सज गई हैं। मंदिरों में फाग गीत गाए जा रहे हैं। कई स्थानों पर होली के डांढ़ा भी गड़ चुके हैं। महंत मार्तंड स्वामी के अनुसार, गुरुवार 13 मार्च को होलिका दहन का मुहूर्त रात्रि 11:28 से 12:6 बजे तक रहेगा।कई श्रद्धालु 14 को पूर्णिमा का स्नान दान करेंगे। उनके अनुसार, पूर्णिमा पर पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र एवं धृति योग रहेगा। पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण होगा लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। ग्रहण का सूतक नहीं लगेगा। इधर, आचार्य सुबोध शास्त्री के अनुसार होलाष्टक सात मार्च से प्रारंभ होगा, जो होलिका दहन के साथ समाप्त होगा। मान्यता है कि होलाष्टक अवधि में मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। संवादे
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