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डाक्टरों से हाथापाई पर चौकी इंचार्ज निलंबित
ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jan 2016 01:33 AM IST
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झांसी। जख्मी विक्षिप्त महिला के उपचार को लेकर दरोगा और डाक्टरों के बीच हुई हाथापाई के मामले में मेडिकल कालेज चौकी इंचार्ज को दोषी पाया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने पर बुधवार को एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से दरोगा को निलंबित कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार की रात करीब 10.30 बजे एक विक्षिप्त महिला जख्मी हालत में इलाइट चौराहा पर चीता मोबाइल पुलिस को मिली। वह उसको इलाज के लिए मेडिकल कालेज ले गए, जहां जूनियर डॉक्टरों ने भर्ती करने से मना कर दिया। डाक्टरों का कहना था कि इस तरह के रोगी को मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही भर्ती किया जा सकता है।
इस पर पुलिस कर्मियों ने मेडिकल कालेज चौकी इंचार्ज को सूचना दी। चौकी इंचार्ज धीरेंद्र सिंह नशे की हालत में मेडिकल कालेज पहुंचे और डाक्टरों पर महिला को भर्ती करने का दबाव बनाने लगे। इस बात पर चौकी इंचार्ज और डाक्टरों के बीच धक्कामुक्की हो गई, जिसमें वह जमीन पर गिरकर घायल भी हो गए।
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सूचना पर थाना पुलिस और मेडिकल कालेज के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और मामले को समझा बुझाकर शांत कर दिया। वहीं, मामले की गंभीरता को देख एसएसपी ने नवाबाद थानाध्यक्ष को चौकी इंचार्ज की भूमिका को लेकर जांच के आदेश दिए।
एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हो गया है कि चौकी इंचार्ज नशे की हालत में मेडिकल कालेज पहुंचे थे। उन्होंने डाक्टरों से अभद्रता की और विक्षिप्त महिला का उपचार कराने की दिशा में सार्थक प्रयास नहीं किए, जांच में दोषी पाए जाने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
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उल्लेखनीय है कि सोमवार की रात करीब 10.30 बजे एक विक्षिप्त महिला जख्मी हालत में इलाइट चौराहा पर चीता मोबाइल पुलिस को मिली। वह उसको इलाज के लिए मेडिकल कालेज ले गए, जहां जूनियर डॉक्टरों ने भर्ती करने से मना कर दिया। डाक्टरों का कहना था कि इस तरह के रोगी को मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही भर्ती किया जा सकता है।
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इस पर पुलिस कर्मियों ने मेडिकल कालेज चौकी इंचार्ज को सूचना दी। चौकी इंचार्ज धीरेंद्र सिंह नशे की हालत में मेडिकल कालेज पहुंचे और डाक्टरों पर महिला को भर्ती करने का दबाव बनाने लगे। इस बात पर चौकी इंचार्ज और डाक्टरों के बीच धक्कामुक्की हो गई, जिसमें वह जमीन पर गिरकर घायल भी हो गए।
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सूचना पर थाना पुलिस और मेडिकल कालेज के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और मामले को समझा बुझाकर शांत कर दिया। वहीं, मामले की गंभीरता को देख एसएसपी ने नवाबाद थानाध्यक्ष को चौकी इंचार्ज की भूमिका को लेकर जांच के आदेश दिए।
एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हो गया है कि चौकी इंचार्ज नशे की हालत में मेडिकल कालेज पहुंचे थे। उन्होंने डाक्टरों से अभद्रता की और विक्षिप्त महिला का उपचार कराने की दिशा में सार्थक प्रयास नहीं किए, जांच में दोषी पाए जाने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।