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Jhansi: बीमा पॉलिसी की रकम दिलाने के बहाने जालसाजों ने हड़पे 23.52 लाख रुपये, प्राथमिकी दर्ज
Sat, 28 Feb 2026 02:17 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 28 Feb 2026 02:17 AM IST
सार
ठग ने खुद को एएफसीडी विभाग का अधिकारी बताते हुए मुंबई स्थित कार्यालय का फर्जी पता बताया। भुगतान जल्द कराने का आश्वासन देकर पैसा अपने खाते में ट्रांसफर कराता रहा।
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साइबर क्राइम।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीमा पॉलिसी की रकम पूरी कराने का झांसा देकर साइबर जालसाजों ने बुजुर्ग से 23.52 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने खुद को बीमा कंपनी और सरकारी विभाग का अफसर बताते हुए अलग-अलग बहानों से रकम खातों में ट्रांसफर कराई। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर पुलिस के पास पहुंचकर गुहार लगाई। पुलिस अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश कर रही है।
थाना नवाबाद के अशोक वैली निवासी सुरेश चंद्र ने साइबर पुलिस को बताया कि 17 जनवरी को उनके पास कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि वर्ष 2013 व 2014 में ली गई उनकी बीमा पॉलिसी किस्त जमा न होने के चलते बंद हो गई। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि 30 हजार रुपये की तीसरी किस्त जमा करने पर पॉलिसी परिपक्व होकर उनको 1.84 लाख रुपये वापस मिल जाएंगे। पीड़ित के मुताबिक आरोपी ने उनकी बीमा से संबंधित व्यक्तिगत जानकारी भी दी। इस वजह से उन्होंने उस पर भरोसा कर लिया। कोविड लाभ जोड़कर कुल 11.84 लाख रुपये मिलने का लालच दिया। इसके बाद सिक्योरिटी चार्ज के नाम पर 2.91 लाख रुपये जमा कराए। यह पैसा देने के बाद उसने बॉन्ड निरस्त कराने, पेनाल्टी खत्म कराने और वित्त मंत्रालय से फाइल मंजूर कराने के बहाने पैसों की मांग की।
आरोपी ने खुद को एएफसीडी विभाग का अधिकारी बताते हुए मुंबई स्थित कार्यालय का फर्जी पता बताया। भुगतान जल्द कराने का आश्वासन देकर पैसा अपने खाते में ट्रांसफर कराता रहा। इस दौरान उन्होंने कुल 23,52,409 रुपये ट्रांसफर कर दिए। लंबे समय तक रकम वापस न मिलने पर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। वह साइबर पुलिस के पास पहुंचे। सीओ साइबर पीयूष पांडेय के मुताबिक तहरीर के आधार पर अज्ञात जालसाज के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच कराई जा रही है।
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थाना नवाबाद के अशोक वैली निवासी सुरेश चंद्र ने साइबर पुलिस को बताया कि 17 जनवरी को उनके पास कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि वर्ष 2013 व 2014 में ली गई उनकी बीमा पॉलिसी किस्त जमा न होने के चलते बंद हो गई। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि 30 हजार रुपये की तीसरी किस्त जमा करने पर पॉलिसी परिपक्व होकर उनको 1.84 लाख रुपये वापस मिल जाएंगे। पीड़ित के मुताबिक आरोपी ने उनकी बीमा से संबंधित व्यक्तिगत जानकारी भी दी। इस वजह से उन्होंने उस पर भरोसा कर लिया। कोविड लाभ जोड़कर कुल 11.84 लाख रुपये मिलने का लालच दिया। इसके बाद सिक्योरिटी चार्ज के नाम पर 2.91 लाख रुपये जमा कराए। यह पैसा देने के बाद उसने बॉन्ड निरस्त कराने, पेनाल्टी खत्म कराने और वित्त मंत्रालय से फाइल मंजूर कराने के बहाने पैसों की मांग की।
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आरोपी ने खुद को एएफसीडी विभाग का अधिकारी बताते हुए मुंबई स्थित कार्यालय का फर्जी पता बताया। भुगतान जल्द कराने का आश्वासन देकर पैसा अपने खाते में ट्रांसफर कराता रहा। इस दौरान उन्होंने कुल 23,52,409 रुपये ट्रांसफर कर दिए। लंबे समय तक रकम वापस न मिलने पर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। वह साइबर पुलिस के पास पहुंचे। सीओ साइबर पीयूष पांडेय के मुताबिक तहरीर के आधार पर अज्ञात जालसाज के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच कराई जा रही है।
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