11 साल पुराने हैं बम: झांसी के नगरा हाट मैदान में कूड़े के ढेर से मिले चार हैंड ग्रेनेड, इलाके में मची सनसनी
एसी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक शुरूआती छानबीन में यह बात सामने आई कि इस तरह के हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल सेना करती थी।
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मंगलवार दोपहर नगरा हाट मैदान में कूड़े के ढेर से चार हैंड ग्रेनेड मिलने से सनसनी फैल गई। इनमें से तीन में पिन लगी थी जबकि एक में पिन नहीं थी। खुले में हैंड ग्रेनेड पड़े होने की सूचना पर पुलिस अफसरों में खलबली मच गई। थोड़ी ही देर में भारी पुलिस बल समेत बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गया।
पुलिस ने आसपास की दुकानों एवं ट्रैफिक रोक दिया। पुलिस ने हैंड ग्रेनेड कब्जे में लेकर उसे सेना के सुपुर्द कर दिया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस यहां तक हैंड ग्रेनेड पहुंचने की छानबीन में जुटी है।
मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे नगर हाट के मैदान गुरूद्वारे के नजदीक एक खाली प्लॉट में चार हैंड ग्रेनेड दिखाई पड़े। खुले में हैंड ग्रेनेट पड़े होने की बात मालूम चलने पर सैकड़ों लोग जमा हो गए। सदर सीओ स्नेहा तिवारी भी पुलिस बल संग मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने आसपास के लोगों को वहां से खदेड़ कर दुकानें भी बंद करा दीं।
बम निरोधक दस्ते को भी बुला लिया गया। वहां पड़े प्रत्येक हैंड ग्रेनेट का वजह करीब पांच किलो था। बम निरोधक दस्ते ने सबसे पहले बगैर सेफ्टी पिन वाले हैंड ग्रेनेड को हटाया। उसके बाद सेफ्टी पिन लगे तीन हैंड ग्रेनेट हटाए गए । इन सभी को सेना के सुपुर्द कर दिया गया है। एसी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक शुरूआती छानबीन में यह बात सामने आई कि इस तरह के हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल सेना करती थी। वर्ष 2012 से इस तरह के हैंड ग्रेनेड बनने बंद हो गए। इनमें बारूद होने की बात मालूम नहीं चल सकी है। सेना भी इसकी जांच कर रही है।