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चार दर्जन नदारद, स्पष्टीकरण तलब
ब्यूराे
Updated Tue, 10 Nov 2015 01:03 AM IST
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में त्योहार से पहले ही दिवाली मनाना शिक्षक और कर्मचारियों को भारी पड़ गया। सोमवार को नैक की तैयारियों की समीक्षा करने पहुंचे कुलपति को चार दर्जन शिक्षक, कर्मचारी नदारद मिले, उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
सोमवार दोपहर करीब बारह बजे कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय सीधे विज्ञान भवन पहुंचे। जहां उन्होंने विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने लैब, उपस्थिति रजिस्टर, स्मार्ट क्लास, ट्वॉयलेट्स आदि की जांच की। इस दौरान विभागीय शिक्षकों, कर्मियों की लापरवाही और अफसरशाही खुलकर सामने आ गई।
एक ओर वीसी को जहां लैब, स्मार्ट क्लास अव्यवस्थित और गंदगी मिली, वहीं कुर्सियों पर स्टाफ के न होने से विभागों में सन्नाटा पसरा था। कुछ ऐसा ही हाल इंजीनियरिंग विभाग का रहा। ड्यूटी के महत्वपूर्ण समय में शिक्षकों का नदारद होना, उनकी कर्तव्य निष्ठा का बखान कर गया।
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ट्वॉयलेट्स गंदी होने और पानी न होने की पोल भी कुलपति के सामने खुल गई। बताया गया कि वीसी ने दोनों इमारतों का निरीक्षण करीब ढाई घंटे में पूरा किया। विभागों के निरीक्षण के पश्चात नदारद मिले शिक्षकों और कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनका वेतन काटा जाएगा। पानी की समस्या के समाधान के लिए अभियंताओं को निर्देश दिया गया है। इस दौरान कुलसचिव पीएन प्रसाद समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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सोमवार दोपहर करीब बारह बजे कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय सीधे विज्ञान भवन पहुंचे। जहां उन्होंने विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने लैब, उपस्थिति रजिस्टर, स्मार्ट क्लास, ट्वॉयलेट्स आदि की जांच की। इस दौरान विभागीय शिक्षकों, कर्मियों की लापरवाही और अफसरशाही खुलकर सामने आ गई।
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एक ओर वीसी को जहां लैब, स्मार्ट क्लास अव्यवस्थित और गंदगी मिली, वहीं कुर्सियों पर स्टाफ के न होने से विभागों में सन्नाटा पसरा था। कुछ ऐसा ही हाल इंजीनियरिंग विभाग का रहा। ड्यूटी के महत्वपूर्ण समय में शिक्षकों का नदारद होना, उनकी कर्तव्य निष्ठा का बखान कर गया।
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ट्वॉयलेट्स गंदी होने और पानी न होने की पोल भी कुलपति के सामने खुल गई। बताया गया कि वीसी ने दोनों इमारतों का निरीक्षण करीब ढाई घंटे में पूरा किया। विभागों के निरीक्षण के पश्चात नदारद मिले शिक्षकों और कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनका वेतन काटा जाएगा। पानी की समस्या के समाधान के लिए अभियंताओं को निर्देश दिया गया है। इस दौरान कुलसचिव पीएन प्रसाद समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।