{"_id":"6764723ceb957a15060d0ea4","slug":"forests-are-being-destroyed-under-the-cover-of-acacia-jhansi-news-c-132-1-sjhs1002-104807-2024-12-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: बबूल की आड़ में उजाड़े जा रहे जंगल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: बबूल की आड़ में उजाड़े जा रहे जंगल
विज्ञापन
मोंठ। तहसील क्षेत्र में इन दिनों बबूल की जलाऊ लकड़ी के नाम पर बेशकीमती प्रतिबंधित प्रजाति के पेडों की लकड़ी भी उठायी जा रही है। रात के समय ट्रकों से लकड़ी की उठान की जा रही है। आमतौर पर हर रोज एक-दो ट्रक लड़की बाहर जा रही है। लकड़ी के व्यापारी किसानों की खसरा-खतौनी लगाकर वन विभाग से जलाऊ लकड़ी की एनओसी लेकर घड़ल्ले से जंगल का सुहाग उजाड़ रहे हैं। एक खसरा खतौनी पर एक बार एनओसी लेने के बाद कई बार उसी को दिखाकर लकड़ी काटी जा रही है।
बेतवा नदी किनारे स्थित गोपालपुरा, भैंवराघाट, सारन, इमलिया, जौंरा आदि गांव के पास वन विभाग के जंगलों से बेसकीमती प्रतिबंधित प्रजाति के पेडों की लकड़ी काटी जा रही है। जिसका ट्रैक्टरों से उठान किया जाता है। हाईवे या लिंक रोड पर ट्रैकों को खड़ा किया जाता है और लकड़ी लादी जाती है। लोगों का कहना है कि बेशकीमती शीशम, सागौन, नीम आदि की प्रतिबंधित लकड़ी को ट्रक में नीचे तल में छिपाया जाता है। ऊपर से बबूल की लकड़ी डाल दी जाती है। जिससे अगर रास्ते में कभी चेकिंग हो तो केवल बबूल ही दिखाई दे।
बीती एक दिसंबर को ग्राम पसैया में लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा गया। वन विभाग ने 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया। दो दिसंबर को गोपालपूरा गांव से एक ट्रक पकड़ा। इसमें भी लकड़ी लदी हुयी थी। परिवहन से बबूल की लकड़ी काटने की परमिशन का दावा किया गया। तीसरे दिन वन विभाग ने आमखेरा रोड पर लकड़ी लदी ट्रैक्टर-ट्राॅली को पकड़ा। चौथे दिन वन विभाग ने एक और ट्रक को पकड़ा, इसमें बेशकीमती लकड़ी लदी हुई थी। ट्रक समथर से यमुनानगर लकड़ी को लेकर जा रहा था। वन विभाग ने बताया कि ट्रक में लोड लकड़ी की परमिशन है और उसको छोड़ दिया।
विज्ञापन
18 दिसंबर की रात में कस्बा मोंठ हाईवे नेहरू नगर के पास से रात 2:00 बजे एक ट्रक में ट्रैक्टर से लकड़ी लादी जा रही थी। ट्रक एक फार्म हाउस के सामने खड़ा था। फार्म हाउस के सीसीटीवी कैमरा में ट्रक देखा गया। 19 दिसंबर को ग्राम बम्हरौली से रात दस बजे के बाद एक ट्रक लकड़ी भर कर गया।
वर्जन
वन विभाग ने कई ट्रक पकड़कर कार्रवाई की है। आगे भी कर्मचारियों को चौकस किया गया है। रात के समय कर्मचारियों की गश्त बढ़ाई जा रही है।
-संदीप रवि कुल, उपवन क्षेत्राधिकारी
वर्जन
किसी तरह की कटान नहीं होने दी जाएगी। वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पूरे क्षेत्र में खासकर रात के समय हाईवे और संपर्क मार्ग पर चौकसी बरतें।
-प्रदीप कुमार सिंह, एसडीएम
विज्ञापन
बेतवा नदी किनारे स्थित गोपालपुरा, भैंवराघाट, सारन, इमलिया, जौंरा आदि गांव के पास वन विभाग के जंगलों से बेसकीमती प्रतिबंधित प्रजाति के पेडों की लकड़ी काटी जा रही है। जिसका ट्रैक्टरों से उठान किया जाता है। हाईवे या लिंक रोड पर ट्रैकों को खड़ा किया जाता है और लकड़ी लादी जाती है। लोगों का कहना है कि बेशकीमती शीशम, सागौन, नीम आदि की प्रतिबंधित लकड़ी को ट्रक में नीचे तल में छिपाया जाता है। ऊपर से बबूल की लकड़ी डाल दी जाती है। जिससे अगर रास्ते में कभी चेकिंग हो तो केवल बबूल ही दिखाई दे।
विज्ञापन
बीती एक दिसंबर को ग्राम पसैया में लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा गया। वन विभाग ने 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया। दो दिसंबर को गोपालपूरा गांव से एक ट्रक पकड़ा। इसमें भी लकड़ी लदी हुयी थी। परिवहन से बबूल की लकड़ी काटने की परमिशन का दावा किया गया। तीसरे दिन वन विभाग ने आमखेरा रोड पर लकड़ी लदी ट्रैक्टर-ट्राॅली को पकड़ा। चौथे दिन वन विभाग ने एक और ट्रक को पकड़ा, इसमें बेशकीमती लकड़ी लदी हुई थी। ट्रक समथर से यमुनानगर लकड़ी को लेकर जा रहा था। वन विभाग ने बताया कि ट्रक में लोड लकड़ी की परमिशन है और उसको छोड़ दिया।
विज्ञापन
18 दिसंबर की रात में कस्बा मोंठ हाईवे नेहरू नगर के पास से रात 2:00 बजे एक ट्रक में ट्रैक्टर से लकड़ी लादी जा रही थी। ट्रक एक फार्म हाउस के सामने खड़ा था। फार्म हाउस के सीसीटीवी कैमरा में ट्रक देखा गया। 19 दिसंबर को ग्राम बम्हरौली से रात दस बजे के बाद एक ट्रक लकड़ी भर कर गया।
वर्जन
वन विभाग ने कई ट्रक पकड़कर कार्रवाई की है। आगे भी कर्मचारियों को चौकस किया गया है। रात के समय कर्मचारियों की गश्त बढ़ाई जा रही है।
-संदीप रवि कुल, उपवन क्षेत्राधिकारी
वर्जन
किसी तरह की कटान नहीं होने दी जाएगी। वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पूरे क्षेत्र में खासकर रात के समय हाईवे और संपर्क मार्ग पर चौकसी बरतें।
-प्रदीप कुमार सिंह, एसडीएम