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Jhansi News: विरासत वृक्षों को सहेज रहा वन विभाग, कराएगा जियो टैगिंग
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झांसी। जिले में विलुप्त हो रहे वृक्षों की प्रजातियाें को वन विभाग संरक्षित कर रहा है। इसके साथ ही देश-विदेश में इन पौधों की पहचान हो इसके लिए जियो टैगिंग कराकर उनको ऑनलाइन करने का काम कर रहा है। ऐसे 36 पौधों को वन विभाग ने चयनित किया है। जिनका संरक्षण करेंगे।
वन विभाग ने ऐसे वृक्षों को रखा है जिनकी धार्मिक व ऐतिहासिक मान्यता है। जो वृक्ष 100 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हो गए हैं, उन्हें विभाग ने विरासत वृक्ष का नाम दिया है। जिले में 36 नीम, बरगद, पीपल, इमली आदि वृक्षों को चयनित किया है। इन्हें संरक्षित करने के लिए इनकी डालियों, तने को काटने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही वृक्षों के आसपास चबूतरे बनाए जाने का काम शुरू कर दिया है। इनको ऑनलाइन किया जा रहा है।
इसमें झांसी में एक, बबीना ब्लॉक में नौ, मऊरानीपुर में आठ, गुरसराय में 10, बामौर में तीन, चिरगांव में तीन, मोंठ में दो पौधों को शामिल किया है। डीएफओ एमपी गौतम के मुताबिक शासन से आदेश पर पुराने पौधों को संरक्षित करने का काम किया जा रहा है।
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वन विभाग ने ऐसे वृक्षों को रखा है जिनकी धार्मिक व ऐतिहासिक मान्यता है। जो वृक्ष 100 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हो गए हैं, उन्हें विभाग ने विरासत वृक्ष का नाम दिया है। जिले में 36 नीम, बरगद, पीपल, इमली आदि वृक्षों को चयनित किया है। इन्हें संरक्षित करने के लिए इनकी डालियों, तने को काटने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही वृक्षों के आसपास चबूतरे बनाए जाने का काम शुरू कर दिया है। इनको ऑनलाइन किया जा रहा है।
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इसमें झांसी में एक, बबीना ब्लॉक में नौ, मऊरानीपुर में आठ, गुरसराय में 10, बामौर में तीन, चिरगांव में तीन, मोंठ में दो पौधों को शामिल किया है। डीएफओ एमपी गौतम के मुताबिक शासन से आदेश पर पुराने पौधों को संरक्षित करने का काम किया जा रहा है।
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