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मरीजों को नाश्ते में फिर नहीं मिला ब्रेड, दलिया
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food for patient in hospital
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झांसी। जिला अस्पताल में मरीजों को मिलने वाले भोजन की मंगलवार को भी अमर उजाला ने पड़ताल की तो स्थिति जस की तस मिली। नाश्ते में मरीजों को ब्रेड/ दलिया नहीं दिया गया। कर्मचारी सुबह सिर्फ दूध का पैकेट देकर चले गए। दोपहर डेढ़ बजे तक मरीजों को भोजन भी नहीं मिला। वहीं, मरीजों को नाश्ता देने में की जा रही लापरवाही पर सीएमएस ने स्टाफ का स्पष्टीकरण मांग लिया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनका वेतन कटेगा।
जिला अस्पताल में मरीजों को सुबह नाश्ते में दूध के साथ ब्रेड अथवा दलिया, दोपहर के भोजन में दाल, सब्जी, रोटी, चावल और रात में भी रोटी, सब्जी, दाल देने का नियम है। बीमारी के हिसाब से मरीजों को दी मिलने वाले खाने में बदलाव भी किया जाता है। अमर उजाला ने सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों से मिलने वाले खाने पर पूछताछ की तो पता चला कि नाश्ते में सिर्फ दूध दिया जा रहा है। दोपहर का खाना भी दोपहर दो बजे तक मरीजों को नहीं मिला था। मंगलवार को फिर से अमर उजाला ने भोजन की हकीकत परखी तो स्थिति जस की तस मिली। सर्जिकल पुरुष वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि उन्हें नाश्ते में सिर्फ दूध दिया गया। साथ में मिलने वाली ब्रेड या दलिया नहीं दी गई। दोपहर डेढ़ बजे तक मरीजों को भोजन भी नहीं दिया गया। इससे कई मरीज भूख से बिलबिलाते मिले।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रजनी जसौरिया ने भोजन बनने से लेकर वितरण होने तक से जुड़े सभी स्टाफ कर्मचारियों का स्पष्टीकरण तलब कर लिया है। सीएमएस ने कहा कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो वेतन काटा जाएगा। समय से और निर्धारित भोजन मिलने की जिम्मेदारी वार्ड इंचार्ज की भी है। यदि इसमें लापरवाही सामने आती है, तो इनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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मरीज बोले
..............
सुबह नाश्ते में कर्मचारी सिर्फ दूध देकर चला गया। इसके साथ न तो दलिया दी और न ही ब्रेड। दोपहर डेढ़ बजे तक भोजन भी नहीं मिला है। - महेश।
दोपहर डेढ़ बजे तक सिर्फ दूध दिया गया है। कई दिनों से सर्जिकल वार्ड में भर्ती हूं। मरीजों को कभी भी समय पर भोजन नहीं मिलता है। - विजय।
हाथ में फ्रेक्चर होने पर अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती हुआ हूं। नाश्ते में सिर्फ दूध मिला है। खाने के इंतजार में घंटों से बैठा हुआ हूं। - दामोदर दास।
अस्पताल में कई दिनों से भर्ती हूं। स्टाफ खाना देर से देता है। जब नाश्ता देता भी है तो इतनी जल्दी में रहता है कि कुछ लोग नाश्ता लेने से रह जाते हैं। - अभिषेक।
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जिला अस्पताल में मरीजों को सुबह नाश्ते में दूध के साथ ब्रेड अथवा दलिया, दोपहर के भोजन में दाल, सब्जी, रोटी, चावल और रात में भी रोटी, सब्जी, दाल देने का नियम है। बीमारी के हिसाब से मरीजों को दी मिलने वाले खाने में बदलाव भी किया जाता है। अमर उजाला ने सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों से मिलने वाले खाने पर पूछताछ की तो पता चला कि नाश्ते में सिर्फ दूध दिया जा रहा है। दोपहर का खाना भी दोपहर दो बजे तक मरीजों को नहीं मिला था। मंगलवार को फिर से अमर उजाला ने भोजन की हकीकत परखी तो स्थिति जस की तस मिली। सर्जिकल पुरुष वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि उन्हें नाश्ते में सिर्फ दूध दिया गया। साथ में मिलने वाली ब्रेड या दलिया नहीं दी गई। दोपहर डेढ़ बजे तक मरीजों को भोजन भी नहीं दिया गया। इससे कई मरीज भूख से बिलबिलाते मिले।
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मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रजनी जसौरिया ने भोजन बनने से लेकर वितरण होने तक से जुड़े सभी स्टाफ कर्मचारियों का स्पष्टीकरण तलब कर लिया है। सीएमएस ने कहा कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो वेतन काटा जाएगा। समय से और निर्धारित भोजन मिलने की जिम्मेदारी वार्ड इंचार्ज की भी है। यदि इसमें लापरवाही सामने आती है, तो इनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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मरीज बोले
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सुबह नाश्ते में कर्मचारी सिर्फ दूध देकर चला गया। इसके साथ न तो दलिया दी और न ही ब्रेड। दोपहर डेढ़ बजे तक भोजन भी नहीं मिला है। - महेश।
दोपहर डेढ़ बजे तक सिर्फ दूध दिया गया है। कई दिनों से सर्जिकल वार्ड में भर्ती हूं। मरीजों को कभी भी समय पर भोजन नहीं मिलता है। - विजय।
हाथ में फ्रेक्चर होने पर अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती हुआ हूं। नाश्ते में सिर्फ दूध मिला है। खाने के इंतजार में घंटों से बैठा हुआ हूं। - दामोदर दास।
अस्पताल में कई दिनों से भर्ती हूं। स्टाफ खाना देर से देता है। जब नाश्ता देता भी है तो इतनी जल्दी में रहता है कि कुछ लोग नाश्ता लेने से रह जाते हैं। - अभिषेक।