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गैर इरादतन हत्या में पांच साल की जेल
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झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश विकास नागर की अदालत ने 11 साल पुराने गैर इरादतन हत्या के एक मामले में अभियुक्त को पांच साल जेल की सजा सुनाई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल शर्मा ने बताया कि बरुआसागर निवासी महिला भुवन ने बरुआसागर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बताया था कि उसका नाती मुकेश जोगी दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। एक अक्तूबर 2011 को वह अपने घर आया हुआ था। सुबह तकरीबन चार बजे वो खेत पर लघुशंका करने गया था। इसी दरम्यान जुगयाना मातवाना मुहल्ला निवासी लक्ष्मीप्रसाद ने मुकेश की लात-घूंसों व डंडे से पिटाई कर दी, जिससे वो बुरी तरह से घायल हो गया।
पहले उसे इलाज के लिए बरुआसागर के अस्पताल में ले जाया गया। इसके बाद उसे झांसी के अस्पताल में दाखिल किया गया। यहां अस्पताल में वो एक दिन और एक रात भर्ती रहा। हालत गंभीर होने पर उसे ग्वालियर ले जाया गया, परंतु रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त लक्ष्मी प्रसाद को पांच साल जेल की सजा सुनाई। इसके अलावा 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
चेक बाउंस होने पर छह माह की जेल
झांसी। पीठासीन अधिकारी दिलीप सिंह की अदालत ने चेक बाउंस होने के मामले में छह माह के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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पंचवटी कॉलोनी निवासी गब्बर कुशवाहा ने पड़ोस में ही रहने वाली रुचि कुशवाहा को एक लाख ग्यारह हजार रुपये उधार दिए थे, जिसके एवज में रुचि की ओर से गब्बर को 21 जुलाई 2017 को चेक दिया गया था। गब्बर की ओर से यह चेक बैंक में प्रस्तुत किया गया। लेकिन, खाते में पर्याप्त रकम न होने की वजह से चेक बाउंस हो गया। नोटिस के बाद भी रुचि ने चेक की राशि अदा नहीं की। इसके बाद गब्बर की ओर से अदालत में दावा दायर किया गया। न्यायालय ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद रुचि कुशवाहा को धारा 138 एनआई एक्ट के तहत छह महीने के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड की राशि अदा न करने पर अभियुक्ता को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की राशि में से चेक की राशि एक लाख ग्यारह हजार रुपये परिवादी को बतौर प्रतिकर प्रदान करने का आदेश दिया। ब्यूरो
दो मोबाइल चोरों को दो-दो साल की जेल
झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश विकास नागर की अदालत ने मोबाइल चोरी का आरोप सिद्ध होने पर दो अभियुक्तों को दो-दो साल के कारावास की सजा सुनाई। दोनों चलती ट्रेन में यात्रियों के मोबाइल चोरी करते थे।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल शर्मा ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर जीआरपी की टीम ने 20 जनवरी 2018 झांसी के रेलवे स्टेशन से टहरौली खास निवासी भूपेंद्र और ग्वालियर के कोटवाला मुहल्ला निवासी राहुल शर्मा को गिरफ्तार किया था। दोनों के पास से चोरी के पांच मोबाइल फोन बरामद किए थे। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया था कि ये मोबाइल उन्होंने अलग-अलग ट्रेनों में यात्रियों के चुराए हैं। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
जीआरपी ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त भूपेंद्र व राहुल शर्मा को दो-दो साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 20-20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। ब्यूरो
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल शर्मा ने बताया कि बरुआसागर निवासी महिला भुवन ने बरुआसागर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बताया था कि उसका नाती मुकेश जोगी दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। एक अक्तूबर 2011 को वह अपने घर आया हुआ था। सुबह तकरीबन चार बजे वो खेत पर लघुशंका करने गया था। इसी दरम्यान जुगयाना मातवाना मुहल्ला निवासी लक्ष्मीप्रसाद ने मुकेश की लात-घूंसों व डंडे से पिटाई कर दी, जिससे वो बुरी तरह से घायल हो गया।
पहले उसे इलाज के लिए बरुआसागर के अस्पताल में ले जाया गया। इसके बाद उसे झांसी के अस्पताल में दाखिल किया गया। यहां अस्पताल में वो एक दिन और एक रात भर्ती रहा। हालत गंभीर होने पर उसे ग्वालियर ले जाया गया, परंतु रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त लक्ष्मी प्रसाद को पांच साल जेल की सजा सुनाई। इसके अलावा 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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चेक बाउंस होने पर छह माह की जेल
झांसी। पीठासीन अधिकारी दिलीप सिंह की अदालत ने चेक बाउंस होने के मामले में छह माह के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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पंचवटी कॉलोनी निवासी गब्बर कुशवाहा ने पड़ोस में ही रहने वाली रुचि कुशवाहा को एक लाख ग्यारह हजार रुपये उधार दिए थे, जिसके एवज में रुचि की ओर से गब्बर को 21 जुलाई 2017 को चेक दिया गया था। गब्बर की ओर से यह चेक बैंक में प्रस्तुत किया गया। लेकिन, खाते में पर्याप्त रकम न होने की वजह से चेक बाउंस हो गया। नोटिस के बाद भी रुचि ने चेक की राशि अदा नहीं की। इसके बाद गब्बर की ओर से अदालत में दावा दायर किया गया। न्यायालय ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद रुचि कुशवाहा को धारा 138 एनआई एक्ट के तहत छह महीने के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड की राशि अदा न करने पर अभियुक्ता को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की राशि में से चेक की राशि एक लाख ग्यारह हजार रुपये परिवादी को बतौर प्रतिकर प्रदान करने का आदेश दिया। ब्यूरो
दो मोबाइल चोरों को दो-दो साल की जेल
झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश विकास नागर की अदालत ने मोबाइल चोरी का आरोप सिद्ध होने पर दो अभियुक्तों को दो-दो साल के कारावास की सजा सुनाई। दोनों चलती ट्रेन में यात्रियों के मोबाइल चोरी करते थे।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल शर्मा ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर जीआरपी की टीम ने 20 जनवरी 2018 झांसी के रेलवे स्टेशन से टहरौली खास निवासी भूपेंद्र और ग्वालियर के कोटवाला मुहल्ला निवासी राहुल शर्मा को गिरफ्तार किया था। दोनों के पास से चोरी के पांच मोबाइल फोन बरामद किए थे। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया था कि ये मोबाइल उन्होंने अलग-अलग ट्रेनों में यात्रियों के चुराए हैं। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
जीआरपी ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त भूपेंद्र व राहुल शर्मा को दो-दो साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 20-20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। ब्यूरो