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दादा- परदादा के नाम पर चलरहे पांच हजार बिजली कनेक्शन
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झांसी। महानगर में पांच हजार घर ऐसे हैं जिनके कनेक्शन आज भी दादा परदादा के नाम से चल रहे हैं। इनमें अधिकांश बकायेदार हैं। इस कारण विद्युत विभाग को सूची के बाद भी इन घरों तक पहुंचने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। रिकवरी नोटिस भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसके लिए अब विद्युत विभाग नगर निगम की मदद लेने जा रहा है।
बिजली विभाग ने सभी उपखंड अधिकारी व अवर अभियंताओं को चेकिंग पर लगा रखा है। पिछले चार महीने में दस हजार से अधिक बकायेदारों के कनेक्शन काटे जा चुके हैं। साथ ही, एक हजार से अधिक बिजली चोरी के मामले पकड़े गए। लेकिन पांच हजार ऐसे कनेक्शन भी हैं, जिनको तलाशना अधिकारियों के लिए मुश्किल हो रहा है। दरअसल, यह सभी ऐसे कनेक्शन जो दादा और परदादा के नाम पर चल रहे हैं, जिनको तलाशने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर घनी आबादी में ऐसे कनेक्शनों को तलाशना ज्यादा मुश्किल हो रहा है।
इसे देखते हुए विभाग नगर निगम से यह पता लगाएगा कि अमुख मकान नंबर पर वर्तमान में किस मालिक का नाम दर्ज है, ताकि उपभोक्ता तक पहुंचना आसान हो जाए। इस संबंध में अधिशासी अभियंता (प्रथम) डी यादवेंदु ने बताया कि दादा परदादा के नाम पर ही बिल चलने के कारण रिकवरी मामलों में ज्यादा दिक्कत आ रही है।
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लौट आते हैं नोटिस
ऐसे कनेक्शनों में जब विद्युत चेकिंग के दौरान चोरी पकड़ी जाती है तो विभाग द्वारा कर निर्धारण कर भेजे गए नोटिस लौट आते हैं। नोटिस पहुंचाने वाले के साथ भी यही दिक्कत सामने आती है। दादा परदादा का नाम दर्ज होने के कारण नोटिस सही घर तक नहीं पहुंच पाता है।
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बिजली विभाग ने सभी उपखंड अधिकारी व अवर अभियंताओं को चेकिंग पर लगा रखा है। पिछले चार महीने में दस हजार से अधिक बकायेदारों के कनेक्शन काटे जा चुके हैं। साथ ही, एक हजार से अधिक बिजली चोरी के मामले पकड़े गए। लेकिन पांच हजार ऐसे कनेक्शन भी हैं, जिनको तलाशना अधिकारियों के लिए मुश्किल हो रहा है। दरअसल, यह सभी ऐसे कनेक्शन जो दादा और परदादा के नाम पर चल रहे हैं, जिनको तलाशने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर घनी आबादी में ऐसे कनेक्शनों को तलाशना ज्यादा मुश्किल हो रहा है।
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इसे देखते हुए विभाग नगर निगम से यह पता लगाएगा कि अमुख मकान नंबर पर वर्तमान में किस मालिक का नाम दर्ज है, ताकि उपभोक्ता तक पहुंचना आसान हो जाए। इस संबंध में अधिशासी अभियंता (प्रथम) डी यादवेंदु ने बताया कि दादा परदादा के नाम पर ही बिल चलने के कारण रिकवरी मामलों में ज्यादा दिक्कत आ रही है।
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लौट आते हैं नोटिस
ऐसे कनेक्शनों में जब विद्युत चेकिंग के दौरान चोरी पकड़ी जाती है तो विभाग द्वारा कर निर्धारण कर भेजे गए नोटिस लौट आते हैं। नोटिस पहुंचाने वाले के साथ भी यही दिक्कत सामने आती है। दादा परदादा का नाम दर्ज होने के कारण नोटिस सही घर तक नहीं पहुंच पाता है।