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पांच हजार घरों में अंधेरा, नहीं जमा कर पा रहे बिल
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झांसी। कोरोना काल में बिजली बिल अदा न कर पाने वाले उपभोक्ताओं पर विभाग कतई रियायत नहीं बरत रहा है। विभाग एक सितंबर से लगातार बकाएदार उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने का काम कर रहा है। अभी तक दस हजार से अधिक बकाएदारों के कनेक्शन काटे जा चुके हैं, लेकिन उनमें सिर्फ पांच हजार ने ही बकाया जमा करवाकर अपना कनेक्शन चालू करवाया। बाकी घरों में अंधेरा पसरा हुआ है।
कोरोना महामारी में शहर के तमाम उद्योग धंधे बंद चलते रहे। हजारों लोगों के हाथों से काम छिना रहा। कोई दुकान, कोई फैक्टरी, ऑफिस, मजदूरी तो कोई फुटपाथ पर फड़ लगाता था। कई दुकानदार व कंपनियों ने अपने अपंजीकृत स्टाफ को वेतन नहीं दिया। यही कारण है कि 20 हजार से अधिक उपभोक्ता अपना वक्त पर बिजली का बिल जमा नहीं कर सके। वहीं, विभाग ने एक सितंबर से बकाएदारों के कनेक्शन काटना शुरू कर दिए हैं। अभी तक 10787 बकाएदार उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा चुके हैं। इनमें 4151 ने ही अभी तक अपना बकाया बिल जमा करवाकर कनेक्शन चालू करवाया है। कटे कनेक्शन पर बिजली जलाते पकड़े जाने पर 739 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस हिसाब से अभी शहर में पांच हजार से अधिक घरों में अंधेरा है। इन घरों में रह रहे लोग बिना बिजली के काम चला रहे हैं।
विभाग का बढ़ा थ्रू रेट
विभाग में बकाएदार उपभोक्ता लगातार पैसा जमा कर रहे हैं। यही वजह है कि गत वर्ष की तुलना में इस बार नवंबर में 11 करोड़ रुपये अधिक राजस्व प्राप्त हुआ। नवंबर में कुल 28 करोड़ रुपये की वसूली हुई। नतीजतन, नवंबर में प्रति यूनिट थ्रू रेट बढ़कर 8.15 रुपये पहुंच गया है। अक्तूबर में प्रति यूनिट थ्रू रेट 7.24 रुपये था। थ्रू रेट की गणना माह में प्राप्त कुल राजस्व व बिजली यूनिट की खपत से भागकर देकर निकाली जाती है।
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- विभाग पर लगातार बकाया बढ़ता जा रहा है। इस कारण अभियान चलाना पड़ रहा है। तीन महीने या पांच हजार रुपये से अधिक बकाया होने पर ही कनेक्शन काटा जा रहा है। जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन कट गए हैं, वे बकाया जमा करने के बाद ही बिजली जलाएं। अन्यथा पकड़े जाने पर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
एसआर गर्ग, अधीक्षण अभियंता (महानगर)।
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कोरोना महामारी में शहर के तमाम उद्योग धंधे बंद चलते रहे। हजारों लोगों के हाथों से काम छिना रहा। कोई दुकान, कोई फैक्टरी, ऑफिस, मजदूरी तो कोई फुटपाथ पर फड़ लगाता था। कई दुकानदार व कंपनियों ने अपने अपंजीकृत स्टाफ को वेतन नहीं दिया। यही कारण है कि 20 हजार से अधिक उपभोक्ता अपना वक्त पर बिजली का बिल जमा नहीं कर सके। वहीं, विभाग ने एक सितंबर से बकाएदारों के कनेक्शन काटना शुरू कर दिए हैं। अभी तक 10787 बकाएदार उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा चुके हैं। इनमें 4151 ने ही अभी तक अपना बकाया बिल जमा करवाकर कनेक्शन चालू करवाया है। कटे कनेक्शन पर बिजली जलाते पकड़े जाने पर 739 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस हिसाब से अभी शहर में पांच हजार से अधिक घरों में अंधेरा है। इन घरों में रह रहे लोग बिना बिजली के काम चला रहे हैं।
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विभाग का बढ़ा थ्रू रेट
विभाग में बकाएदार उपभोक्ता लगातार पैसा जमा कर रहे हैं। यही वजह है कि गत वर्ष की तुलना में इस बार नवंबर में 11 करोड़ रुपये अधिक राजस्व प्राप्त हुआ। नवंबर में कुल 28 करोड़ रुपये की वसूली हुई। नतीजतन, नवंबर में प्रति यूनिट थ्रू रेट बढ़कर 8.15 रुपये पहुंच गया है। अक्तूबर में प्रति यूनिट थ्रू रेट 7.24 रुपये था। थ्रू रेट की गणना माह में प्राप्त कुल राजस्व व बिजली यूनिट की खपत से भागकर देकर निकाली जाती है।
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- विभाग पर लगातार बकाया बढ़ता जा रहा है। इस कारण अभियान चलाना पड़ रहा है। तीन महीने या पांच हजार रुपये से अधिक बकाया होने पर ही कनेक्शन काटा जा रहा है। जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन कट गए हैं, वे बकाया जमा करने के बाद ही बिजली जलाएं। अन्यथा पकड़े जाने पर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
एसआर गर्ग, अधीक्षण अभियंता (महानगर)।