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गेहूं बेचने को पांच हजार से अधिक किसान करा चुके पंजीकरण
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झांसी। सरकारी खरीद केंद्रों में गेहूं बेचने के लिए अब तक मंडल में पांच हजार से अधिक किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। इस बार एक अप्रैल से सरकारी गेहूं खरीद आरंभ होनी है। नए कृषि कानून लागू होने के बाद यह पहली सरकारी गेहूं खरीद है।
नए कृषि कानून में उपज खरीद समेत उसके भंडारण को लेकर नए प्रावधान किए गए हैं। इसको देखते हुए यह गेहूं खरीद अहम बताई जा रही। सबकी निगाहें खरीद केंद्रों में आने वाले किसानों की संख्या की ओर लगी हुई है। अमूमन हर वर्ष कम किसान ही सरकारी खरीद केंद्रों में अपने गेहूं बेचते हैं। इस वर्ष इसमें और कमी आने की उम्मीद जताई जा रही हालांकि क्रय केंद्र शुरू होने से पहले मंडल में पांच हजार किसान अपना पंजीकरण करा चुके। इनमें झांसी से सर्वाधिक 3172 किसान अपना पंजीकरण करा चुके जबकि पिछले वर्ष झांसी में 12 हजार, जालौन में 14017 एवं ललितपुर में 13089 किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों में गेहूं बेचा था। इस बार जनपद में 81 केंद्र खोले जाने हैं जबकि पूरे मंडल में 145 केंद्र खोले जाएंगे। अभी 45 केंद्र तैयार हो गए हैं। इस बार के लिए 1975 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य तय किया गया है।
सौ क्विंटल बेचने वालों का सत्यापन जरूरी
बिचौलियों को दूर रखने के लिए सौ क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने वालों को पहले सत्यापन कराना होगा। जनपद में ऐसे 412 किसानों का पंजीकरण हुआ है। इनका सत्यापन कराया जा रहा है। इस बार नई व्यवस्था में पॉस मशीन भी लगाई जा रही है। किसानों को इसके जरिए ही गेहूं सरकारी क्रय केंद्र में बेंच सकेंगे।
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नए कृषि कानून में उपज खरीद समेत उसके भंडारण को लेकर नए प्रावधान किए गए हैं। इसको देखते हुए यह गेहूं खरीद अहम बताई जा रही। सबकी निगाहें खरीद केंद्रों में आने वाले किसानों की संख्या की ओर लगी हुई है। अमूमन हर वर्ष कम किसान ही सरकारी खरीद केंद्रों में अपने गेहूं बेचते हैं। इस वर्ष इसमें और कमी आने की उम्मीद जताई जा रही हालांकि क्रय केंद्र शुरू होने से पहले मंडल में पांच हजार किसान अपना पंजीकरण करा चुके। इनमें झांसी से सर्वाधिक 3172 किसान अपना पंजीकरण करा चुके जबकि पिछले वर्ष झांसी में 12 हजार, जालौन में 14017 एवं ललितपुर में 13089 किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों में गेहूं बेचा था। इस बार जनपद में 81 केंद्र खोले जाने हैं जबकि पूरे मंडल में 145 केंद्र खोले जाएंगे। अभी 45 केंद्र तैयार हो गए हैं। इस बार के लिए 1975 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य तय किया गया है।
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सौ क्विंटल बेचने वालों का सत्यापन जरूरी
बिचौलियों को दूर रखने के लिए सौ क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने वालों को पहले सत्यापन कराना होगा। जनपद में ऐसे 412 किसानों का पंजीकरण हुआ है। इनका सत्यापन कराया जा रहा है। इस बार नई व्यवस्था में पॉस मशीन भी लगाई जा रही है। किसानों को इसके जरिए ही गेहूं सरकारी क्रय केंद्र में बेंच सकेंगे।
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