कोच फैक्टरी में हर महीने पांच एलएचबी कोचों की हो रही मरम्मत

Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 01 Dec 2021 11:27 AM IST
Five LHB coaches are being repaired every month in the coach factory
विज्ञापन
ख़बर सुनें
झांसी। कोच मरम्मत कारखाने में नई तकनीक के एलएचबी कोचों की पीरिऑडिक ओवर हॉलिंग (कोचों की समय-समय पर मरम्मत) का काम शुरू हो गया है। हर महीने पांच एलएचबी कोचों की मरम्मत की जा रही है। साथ ही 360 पुराने परंपरागत आईसीएफ कोचों की मरम्मत की जा रही है। इससे कारखाने में काम का दायरा बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन

रेलवे ने कोच मरम्मत कारखाने का निर्माण 12 साल से ज्यादा पुराने कोचों को नया बनाने (मिड लाइफ रिहेबिलिटेशन) के लिए किया था। लेकिन रेलवे बोर्ड ने कारखाने में पिछले एक साल से पुराने कोचों को नया बनाने पर तीन साल तक के लिए रोक लगा दी है। अब यहां पर पुराने पारंपरिक कोच आईसीएफ (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) की पीरिऑडिक ओवर हॉलिंग का काम चल रहा है। हर साल 360 आईसीएफ कोचों की मरम्मत की जा रही है। साथ ही अबनई तकनीक के एलएचबी (लिंक हॉफमेन बुश) को भी पीओएच के लिए लाना शुरू कर दिया गया है। इन दिनों हर महीने पांच एलएचबी कोचों के पीओएच का काम चल रहा है।

रेलवे वर्कशॉप के निकट महावीरन स्क्रैप यार्ड में बहुराष्ट्रीय कंपनी एलएनटी द्वारा 117 करोड़ की लागत से कोच मरम्मत कारखाने (सवारी डिब्बा) का निर्माण 31 अक्तूबर 2014 में किया गया था। शुरुआत में इस कारखाने को 12 साल से ज्यादा पुराने कोचों को नया बनाने (मिड लाइफ रिहेबिलिटेशन) का काम दिया गया था। रेलवे बोर्ड ने कारखाने को 250 कोच सालाना तैयार करने का लक्ष्य दिया है। मगर अभी यह काम अगले तीन साल तक के लिए बंद कर दिया गया है।
यह होता है पीओएच
ट्रेनों में लगने वाले नए कोचों की 36 महीने और पुराने कोचों में 18 महीने में पिरीऑडिक ओवरहॉलिंग की जाती है। पीओएच में कोच के अंदर के पुराने पार्ट्स बदलने, तकनीकी खामियां दूर करने और टूट फूट के काम को दुरुस्त किया जाता है, ताकि कोच अपटूडेट बने रहें। एक कोच का पीओएच करने में कम से कम 15 दिन का वक्त लगता है। देश के अन्य वर्कशाप में जो कोच पीओएच के लिए जाते हैं, उन्हें खराब पार्ट को उसी स्तर पर सुधार कर तैयार कर दिया जाता है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00