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Jhansi News: शोरूम में हुईं पांच मौतें अपने पांच गुनहगारों से ताउम्र मांगेंगी जवाब

Tue, 04 Jul 2023 11:43 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jul 2023 11:43 PM IST
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Five deaths in the showroom will demand answers from its five culprits
- जेडीए, अग्निशमन, नगर निगम और प्रशासन ने नहीं किया अपनी जिम्मेदारियों का पालन
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विकास सनाड्य

झांसी। मौत का एक दिन मुअइयन है। नींद क्यों रात भर नहीं आती। शायर ने तो यह शायरी में कहा पर गुनहगारों के सीने में अगर वाकई दिल धड़कता होगा तो उन्हें महीनों नींद नहीं आएगी। पांच मौतों का बोझ उनके सीने को बोझिल करता रहेगा। कौन हैं यह गुनहगार जिन्होंने लाक्षागृह जैसी खतरनाक बिल्डिंग का नक्शा पास किया। आग से लड़ने के इंतजाम न होने के बावजूद जिन्होंने कार्रवाई नहीं की। सोमवार की साप्ताहिक बंदी होने के बावजूद जिन्होंने बाजार खुलने दिया। देश के हर बड़े अग्निकांड के बाद होने वाली लोकल पड़ताल में जो सोये रहे। और वे बिल्डिंग मालिकान, जिन्होंने अपने भवन में आने वालों की जिंदगी को आग में झोंकने वाली लापरवाही बरती।



बेपरवाह नंबर-01: झांसी विकास प्राधिकरण

झांसी। झांसी विकास प्राधिकरण की स्वीकृति लिए बगैर महानगर में लोगों के लिए छोटा सा मकान बनाना भी आसान नहीं होता है। लेकिन, सीपरी बाजार में जेडीए से बगैर इजाजत लिए दो बड़ी इमारतें खड़ी कर दीं गईं। इनमें सरकार के भवन निर्माण के नियमों का कतई पालन नहीं किया गया था। न तो इमारतों के तीनों और मानक के अनुसार खुली जगह छोड़ी गई थी और न ही प्रवेश-निकासी के अलग-अलग रास्ते बनाए गए। सीपरी बाजार के मुख्य मार्ग पर स्थित इन इमारतों में धड़ल्ले से कारोबार चलते रहे। बावजूद, जेडीए की ओर इस ओर कतई ध्यान नहीं दिया गया।
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बेपरवाह नंबर-02: अग्निशमन विभाग

झांसी। अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए बगैर किसी भी भवन में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नहीं किया जा सकता है। विभाग अनापत्ति प्रमाण पत्र उस स्थिति में ही जारी करता है, जब संबंधित भवन में आग से बचाव के सारे इंतजाम होते हैं। खासतौर पर इमारतों के इर्द-गिर्द खुली जगह व प्रवेश-निकासी के अलग-अलग रास्तों का होना जरूरी होता है, ताकि आग लगने की स्थिति में आसानी से बचाव कार्य किए जा सकें। लेकिन, सीपरी बाजार की इमारतों में इन नियमों का बिलकुल ध्यान नहीं रखा गया था। इनके पास अग्निशमन की एनओसी भी नहीं थी। विभाग भी आंखें मूंदे बैठा रहा और विभागीय कार्रवाई नोटिस पर सिमटी रही।
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बेपरवाह नंबर-03: नगर निगम

झांसी। नगर निगम की अनुमति के बगैर किसी सड़क या भवन पर होर्डिंग, ग्लोसाइन बोर्ड आदि प्रचार सामग्री नहीं लगाई जा सकती है। इस सामग्री को लगाने के लिए सरकार की ओर से सुरक्षा संबंधी नियम भी बनाए गए हैं, जिनका पालन सुनिश्चित कराना नगर निगम की जिम्मेदारी होती है। सीपरी बाजार की जली हुईं इमारतें घटना से पहले कंपनियों की प्रचार सामग्री से पटी हुईं थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग को भड़काने में इस प्रचार सामग्री की बड़ी भूमिका रही। एक इमारत से दूसरी इमारत तक आग इसी प्रचार सामग्री के सहारे पहुंची। अगर यह नहीं होती तो आग इतना विकराल रूप नहीं ले पाती।



बेपरवाह नंबर-04: प्रशासन

झांसी। सरकार के महकमे अपना काम सही ढंग से कर रहे हैं या नहीं, इसकी निगरानी की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होती है। कमियां पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार भी प्रशासन के पास ही होता है। लेकिन, सीपरी बाजार की ये इमारतें अनियमितताओं की बुनियाद पर खड़ी कर लीं गईं। जिम्मेदार महकमे हाथ पर हाथ रखे बैठे रहे। बावजूद, प्रशासन के कानाें पर जूं तक नहीं रेंगी। और तो और सोमवार के साप्ताहिक बंदी दिवस धड़ल्ले से दुकानें खुलीं हुईं थीं। लेकिन, इन्हें बंद कराने की जहमत नहीं उठाई गई।





बेपरवाह नंबर-05: इमारतों के मालिक

झांसी। घटना के लिए केवल सरकारी महकमे व प्रशासन ही नहीं, बल्कि इमारतों के मालिक भी बड़े जिम्मेदार हैं। उन्होंने न झांसी विकास प्राधिकरण के नियमों का पालन किया और न ही अग्निशमन विभाग के। सुरक्षा के माकूल इंतजाम किए बगैर ही इमारतें खड़ी कर दीं और उनमें व्यावसायिक गतिविधियां भी धड़ल्ले से शुरू कर दीं। अगर मालिकों के द्वारा इमारतों के निर्माण के समय सरकारी मानकों का पालन किया होता तो अग्निकांड इतना विकराल रूप नहीं ले पाता और पांच लोगों को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती।

क्षतिग्रस्त बिल्डिंग का लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता से परीक्षण कराकर आगे की कार्यवाही की जाएगी। पुलिस की ओर से भी विधिक कार्यवाही की जा रही है। आग लगने के कारणों एवं घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच के लिए टहरौली के उप जिलाधिकारी (न्यायिक) को नामित किया गया है। रिपोर्ट तीन दिन में मांगी गई है। - रविंद्र कुमार, जिलाधिकारी

सीपरी बाजार की इमारतों में हुए अग्निकांड की जांच की जा रही है। इसी के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। - राजेश एस, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
इस अग्निकांड की गहराई से जांच की जा रही है। इसमें सभी तथ्यों को ध्यान में रखा जा रहा है। इमारतों में आग से बचने के उपाय भी देखे जा रहे हैं। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- दीपक शर्मा, उप निदेशक (अग्निशमन) कानपुर रेंज
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