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देशी पटाखों की मांग अधिक, चाइना मेड दरकिनार
ब्यूराे
Updated Wed, 11 Nov 2015 12:52 AM IST
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झांसी। दीप पर्व पर आतिशबाजी के लिए बाजारों में देशी पटाखों की बिक्री जोरों पर है। पटाखा कारोबारियों के मुताबिक परंपरागत और फैंसी पटाखों की करीब 20 हजार वैराइटी बाजार में मौजूद हैं। मंगलवार को क्राफ्ट मेला मैदान में पटाखा खरीदने के लिए लोगों की भीड़ रही।
दीपावली पर्व पर घर के आंगन और आसमान को आतिशबाजी से सतरंगा करने के लिए लोगों में होड़ रहती है। पटाखा कारोबारियों के मुताबिक युवाओं व बच्चों में परंपरागत पटाखों की बजाय फैंसी पटाखों का ज्यादा क्रेज है। क्राफ्ट मैदान में लगे पटाखा बाजार में विक्रेता सनी जैन चैनू के मुताबिक लोग चाइना मेड आतिशबाजी को दरकिनार कर देशी आतिशबाजी को ज्यादा महत्व दे रहे हैं।
इसका कारण देशी पटाखों की कई हजार वैराइटी में उपलब्धता है। वहीं पटाखों का आधुनिक तरीके से बनाया जाना भी प्रमुख कारण है। आसमान को विभिन्न रंगों से सराबोर करने वाली आतिशबाजी में मल्टी कलर, क्रेकलिन की बेहद मांग है। वहीं आंगन में कलर फुल मोती अनार, हवा में उड़ने वाली बटर फ्लाई, मोर पंख का दृश्य उत्पन्न करने वाली आतिशबाजी लोगों की पसंद बनी हुई है।
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जबकि सिक्का मेहताब, पांच कलर छोड़ने वाली फुलझड़ी बच्चों को खूब लुभा रही है। यह आतिशबाजी प्रति सेट 250 रुपये से प्रारंभ है। वहीं कई कंपनियों ने बाजार में प्रदूषण मुक्त आतिशबाजी भी उतारी है। इनमें दिलखुश 50 शॉट, पैराडाइज 250 स्काई शॉट मुख्य हैं, जो आसमान में धमाके के साथ सतरंगी छटा बिखेरते हैं।
विक्र्रे ता प्रमोद जैन बब्बा एवं गौरव अग्रवाल के मुताबिक फैंसी आतिशबाजी में यूएसए मल्टीकलर शॉट, थ्रीडी चश्मे से नजर आने वाली आसमानी आतिशबाजी थ्रीडी शॉट के अलावा अनार, चरखी, फुलझडी, बम रखे गिफ्ट बॉक्स की मांग भी जोरों पर है। वहीं दस रुपये की रेंज से शुरू होने वाली चाइना मेड आतिशबाजी में चिटपिटी बम, लहसुन बम, चाइना रॉकेट, चाइना चटाई, चाइना चरखी बच्चों की पसंद बनी हुई है।
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दीपावली पर्व पर घर के आंगन और आसमान को आतिशबाजी से सतरंगा करने के लिए लोगों में होड़ रहती है। पटाखा कारोबारियों के मुताबिक युवाओं व बच्चों में परंपरागत पटाखों की बजाय फैंसी पटाखों का ज्यादा क्रेज है। क्राफ्ट मैदान में लगे पटाखा बाजार में विक्रेता सनी जैन चैनू के मुताबिक लोग चाइना मेड आतिशबाजी को दरकिनार कर देशी आतिशबाजी को ज्यादा महत्व दे रहे हैं।
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इसका कारण देशी पटाखों की कई हजार वैराइटी में उपलब्धता है। वहीं पटाखों का आधुनिक तरीके से बनाया जाना भी प्रमुख कारण है। आसमान को विभिन्न रंगों से सराबोर करने वाली आतिशबाजी में मल्टी कलर, क्रेकलिन की बेहद मांग है। वहीं आंगन में कलर फुल मोती अनार, हवा में उड़ने वाली बटर फ्लाई, मोर पंख का दृश्य उत्पन्न करने वाली आतिशबाजी लोगों की पसंद बनी हुई है।
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जबकि सिक्का मेहताब, पांच कलर छोड़ने वाली फुलझड़ी बच्चों को खूब लुभा रही है। यह आतिशबाजी प्रति सेट 250 रुपये से प्रारंभ है। वहीं कई कंपनियों ने बाजार में प्रदूषण मुक्त आतिशबाजी भी उतारी है। इनमें दिलखुश 50 शॉट, पैराडाइज 250 स्काई शॉट मुख्य हैं, जो आसमान में धमाके के साथ सतरंगी छटा बिखेरते हैं।
विक्र्रे ता प्रमोद जैन बब्बा एवं गौरव अग्रवाल के मुताबिक फैंसी आतिशबाजी में यूएसए मल्टीकलर शॉट, थ्रीडी चश्मे से नजर आने वाली आसमानी आतिशबाजी थ्रीडी शॉट के अलावा अनार, चरखी, फुलझडी, बम रखे गिफ्ट बॉक्स की मांग भी जोरों पर है। वहीं दस रुपये की रेंज से शुरू होने वाली चाइना मेड आतिशबाजी में चिटपिटी बम, लहसुन बम, चाइना रॉकेट, चाइना चटाई, चाइना चरखी बच्चों की पसंद बनी हुई है।