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ओवर फ्लो पानी से भरेगी बड़वार झील
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2016 12:30 AM IST
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- फोटो : demo
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झांसी। गुरसरांय क्षेत्र में स्थित बड़वार झील को बरसात में पारीछा बांध से होने वाले ओवर फ्लो पानी से भरने की योजना तैयार की गई है। 73 करोड़ की इस योजना को मुख्य अभियंता स्तर पर गठित कमेटी ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।
बड़वार झील की क्षमता 1426 मिलियन घन फीट है। झील से गुरसरांय क्षेत्र को प्रतिदिन चार एमएलडी पेयजल उपलब्ध कराया जाता है। झील को भरने के लिए पीछे से कोई स्रोत नहीं हैं। बरसात के पानी से ही झील में पानी भर पाता है। पिछले कई साल से औसत से कम वर्षा होने के कारण लगातार झील में पानी घटता जा रहा है। अगर का यही हाल रहा तो अगले वर्ष से झील से गुरसरांय क्षेत्र को पीने का पानी मिलना भी बंद हो जाएगा। वर्तमान में झील में 179 मिलियन घन फीट पानी है।
इस कारण बरसात के दिनों में पारीछा बांध से ओवर फ्लो होकर नहर में जाने वाले पानी से झील को भरने की योजना तैयार की गई है। योजना के तहत गुरसरांय नहर से सात किलोमीटर लंबी चैनल फीडर (पानी को पंपिंग कर) बनाकर पानी को एक नाले में डाला जाएगा। यह नाला झील तक जाता है। मुख्य अभियंता स्तर पर गठित कमेटी ने योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
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पंद्रह मई से छोड़ा जाएगा नहरों में पानी
गर्मियों में जानवरों को पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए बेतवा से जुड़ी नहरों में पानी छोड़कर पोखर, गड्ढे व तालाब को भरने का काम होगा। हालांकि, इस बार पानी की उपलब्धता के आधार पर जनपद के 166 तालाब व पोखरों में 100 को ही भरने का काम हो सकेगा।
आमतौर पर गर्मियों में जनपद के 166 तालाब व पोखर भरे जाते हैं। पानी की कमी के कारण अब नहर के पास स्थित 100 तालाब व पोखरों को ही भरा जा सकेगा। पंद्रह मई से तालाब व पोखरों को भरने के लिए पंद्रह मई से दस दिन के लिए बेतवा से जुड़ी नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। इसके लिए माताटीला बांध में अभी चार टीएमसी पानी सुरक्षित है।
सिंचाई विभाग ने नहरों में पानी छोड़े जाने की तैयारी कर ली है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता (बेतवा नहर प्रखंड) एम एल अग्रवाल ने बताया कि पानी सिर्फ तालाब, पोखर व गड्ढों को भरने के लिए ही छोड़ा जाएगा।
अगर कोई पानी से सिंचाई करता है तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई अमल में लायी जाएगी। उन्होंने ग्राम पंचायतों से आग्रह किया कि वह पंद्रह मई से पहले तालाब या पोखर भरने की अपनी तैयारी कर लें, ताकि पानी का पूरा सदुपयोग हो सके।
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बड़वार झील की क्षमता 1426 मिलियन घन फीट है। झील से गुरसरांय क्षेत्र को प्रतिदिन चार एमएलडी पेयजल उपलब्ध कराया जाता है। झील को भरने के लिए पीछे से कोई स्रोत नहीं हैं। बरसात के पानी से ही झील में पानी भर पाता है। पिछले कई साल से औसत से कम वर्षा होने के कारण लगातार झील में पानी घटता जा रहा है। अगर का यही हाल रहा तो अगले वर्ष से झील से गुरसरांय क्षेत्र को पीने का पानी मिलना भी बंद हो जाएगा। वर्तमान में झील में 179 मिलियन घन फीट पानी है।
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इस कारण बरसात के दिनों में पारीछा बांध से ओवर फ्लो होकर नहर में जाने वाले पानी से झील को भरने की योजना तैयार की गई है। योजना के तहत गुरसरांय नहर से सात किलोमीटर लंबी चैनल फीडर (पानी को पंपिंग कर) बनाकर पानी को एक नाले में डाला जाएगा। यह नाला झील तक जाता है। मुख्य अभियंता स्तर पर गठित कमेटी ने योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
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पंद्रह मई से छोड़ा जाएगा नहरों में पानी
गर्मियों में जानवरों को पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए बेतवा से जुड़ी नहरों में पानी छोड़कर पोखर, गड्ढे व तालाब को भरने का काम होगा। हालांकि, इस बार पानी की उपलब्धता के आधार पर जनपद के 166 तालाब व पोखरों में 100 को ही भरने का काम हो सकेगा।
आमतौर पर गर्मियों में जनपद के 166 तालाब व पोखर भरे जाते हैं। पानी की कमी के कारण अब नहर के पास स्थित 100 तालाब व पोखरों को ही भरा जा सकेगा। पंद्रह मई से तालाब व पोखरों को भरने के लिए पंद्रह मई से दस दिन के लिए बेतवा से जुड़ी नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। इसके लिए माताटीला बांध में अभी चार टीएमसी पानी सुरक्षित है।
सिंचाई विभाग ने नहरों में पानी छोड़े जाने की तैयारी कर ली है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता (बेतवा नहर प्रखंड) एम एल अग्रवाल ने बताया कि पानी सिर्फ तालाब, पोखर व गड्ढों को भरने के लिए ही छोड़ा जाएगा।
अगर कोई पानी से सिंचाई करता है तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई अमल में लायी जाएगी। उन्होंने ग्राम पंचायतों से आग्रह किया कि वह पंद्रह मई से पहले तालाब या पोखर भरने की अपनी तैयारी कर लें, ताकि पानी का पूरा सदुपयोग हो सके।