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झांसी में 50 हजार वर्ष पुराने पाषाण कालीन औजार मिले
Fri, 10 May 2019 04:25 AM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
Published by: राजेश सैनी
Updated Fri, 10 May 2019 04:25 AM IST
सार
- धसान नदी के किनारे बसे गांवों में मिले कई आदिम सभ्यता के अवशेष
- पुरातत्व विभाग ने खोज का दायरा बढ़ाया, चल रही जीवाश्म की खोज
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विस्तार
राज्य पुरातत्व विभाग के हाथ झांसी में एक बड़ी सफलता लगी है। विभाग को यहां खोज के दौरान आदिम सभ्यता के अवशेष मिले हैं। गुरसराय, गरौठा इलाके में धसान नदी के किनारे के गांवों में लगभग पचास हजार वर्ष पुराने पाषाण कालीन पत्थर के औजार मिले हैं। पुरातत्व विभाग का कहना है कि ये औजार कृषि कार्य और शिकार में इस्तेमाल किए जाते थे। इस सफलता के बाद पुरातत्व विभाग ने यहां अपनी खोज का दायरा बढ़ा दिया है।
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गुरसराय और गरौठा के एक बडे़ इलाके में धसान नदी बहती है। इसके आसपास के गांवों में पिछले कई सालों से प्राचीन मानव सभ्यताओं के अवशेष पुरातत्व विभाग खोज कर रहा है। हाल के कुछ महीनों में उसे इसमें बड़ी सफलता भी हासिल हुई है।
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लहचूरा, भानपुरा, कदौरा, रोरा, बगरौनी, पंडवाहा, घाट क ोटरा सहित कई गांवों में बड़ी संख्या में पत्थर के औजार मिले हैं। जो तीन इंच से लेकर छह इंच तक के हैं। इनमें वसाल्ट पत्थर से निर्मित छैनी, हल में लगने वाला त्रिकोण आकार का नुकीला फल, जानवर की खाल काटने के लिए क्वाटर्ज पत्थर से बना बोरल कम कटर, पेबल टूल और इन औजारों को तैयार करने के लिए हथौड़ा पत्थर आदि हैं।
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धसान नदी का आस पास का क्षेत्र बुंदेलखंड का एकमात्र ऐसा क्षेत्र है, जहां पाषाण काल के अवशेष बड़ी संख्या में और विस्तृत क्षेत्र में प्राप्त हुए हैं। जरूरत पड़ी तो यहां शोध के लिए राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों को भी बुलाया जाएगा। -डॉ. एस के दुबे, प्रभारी क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी