{"_id":"6ae3abac84cbc2a1b5063649","slug":"fertilizer-was-distributed-in-the-presence-of-the-police-jhansi-news-c-420-1-tod1002-14878-2026-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: पुलिस की मौजूदगी में हुआ खाद का वितरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: पुलिस की मौजूदगी में हुआ खाद का वितरण
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
टोड़ी फतेहपुर। रबी की बुवाई के सीजन में साधन सहकारी समिति पंडवाहा पर किसानों को खाद वितरण में परेशानी हो रही है। बृहस्पतिवार को समिति पर टोकन के माध्यम से खाद बांटी गई। पुराबगरौनी, वृसिंहपुरा और खलीलपुरा गांव के किसानों को 470 टोकन दिए गए थे। लेकिन, खाद लेने के लिए बड़ी संख्या में किसान समिति पर पहुंचे, जिससे भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को मौके पर आना पड़ा, जिसके बाद वितरण शुरू हो सका।
किसान सुबह से अपने नंबर का इंतजार करते रहे, लेकिन धीमी रफ्तार के कारण कई मायूस होकर लौट गए। 470 टोकन धारकों में से केवल करीब 80 किसानों को ही खाद मिल पाई। शेष किसानों को अगले दिन खाद वितरण का आश्वासन दिया गया। किसानों ने वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि दो बोरी से अधिक डीएपी लेने पर एक बोरी एनपीके अनिवार्य किया जा रहा है। इस एनपीके की कीमत 2150 रुपये है।
किसानों के अनुसार, क्षेत्र में एनपीके का उपयोग कम होता है, इसलिए वे इसे खरीदना नहीं चाहते। इसके बावजूद इसे साथ में लेने की बाध्यता से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। खेती की बढ़ती लागत और फसलों की तैयारी में खर्च के कारण पहले से ही आर्थिक दबाव है। किसानों ने अपनी जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
विज्ञापन
समिति सचिव महेश साहू ने बताया कि दो बोरी से अधिक डीएपी लेने पर एक बोरी एनपीके देने का शासनादेश है। उन्होंने यह भी कहा कि खाद की कोई कमी नहीं है। शेष टोकन धारकों को अगले दिन खाद वितरित की जाएगी। सचिव ने किसानों से संयम बनाए रखने की अपील की और सभी को खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
टोड़ी फतेहपुर। रबी की बुवाई के सीजन में साधन सहकारी समिति पंडवाहा पर किसानों को खाद वितरण में परेशानी हो रही है। बृहस्पतिवार को समिति पर टोकन के माध्यम से खाद बांटी गई। पुराबगरौनी, वृसिंहपुरा और खलीलपुरा गांव के किसानों को 470 टोकन दिए गए थे। लेकिन, खाद लेने के लिए बड़ी संख्या में किसान समिति पर पहुंचे, जिससे भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को मौके पर आना पड़ा, जिसके बाद वितरण शुरू हो सका।
किसान सुबह से अपने नंबर का इंतजार करते रहे, लेकिन धीमी रफ्तार के कारण कई मायूस होकर लौट गए। 470 टोकन धारकों में से केवल करीब 80 किसानों को ही खाद मिल पाई। शेष किसानों को अगले दिन खाद वितरण का आश्वासन दिया गया। किसानों ने वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि दो बोरी से अधिक डीएपी लेने पर एक बोरी एनपीके अनिवार्य किया जा रहा है। इस एनपीके की कीमत 2150 रुपये है।
विज्ञापन
किसानों के अनुसार, क्षेत्र में एनपीके का उपयोग कम होता है, इसलिए वे इसे खरीदना नहीं चाहते। इसके बावजूद इसे साथ में लेने की बाध्यता से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। खेती की बढ़ती लागत और फसलों की तैयारी में खर्च के कारण पहले से ही आर्थिक दबाव है। किसानों ने अपनी जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
विज्ञापन
समिति सचिव महेश साहू ने बताया कि दो बोरी से अधिक डीएपी लेने पर एक बोरी एनपीके देने का शासनादेश है। उन्होंने यह भी कहा कि खाद की कोई कमी नहीं है। शेष टोकन धारकों को अगले दिन खाद वितरित की जाएगी। सचिव ने किसानों से संयम बनाए रखने की अपील की और सभी को खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।