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Jhansi News: एक साल की बेटी की हत्या का आरोप सिद्ध होने पर पिता को आजीवन कारावास

Fri, 07 Apr 2023 11:50 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 07 Apr 2023 11:50 PM IST
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Father sentenced to life imprisonment for murder of one-year-old daughter
झांसी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जफीर अहमद की अदालत ने एक साल की मासूम बेटी की हत्या का आरोप सिद्ध होने पर पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने घटना के सात माह के भीतर सजा का एलान कर दिया। सजा में अभियुक्त की पत्नी की गवाही अहम साबित हुई।
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शासकीय अधिवक्ता मृदुलकांत श्रीवास्तव व रविप्रकाश गोस्वामी ने बताया कि उल्दन निवासी महिला संपत ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि दो सितंबर 2022 की सुबह वह अपनी एक साल की बेटी सरस्वती के साथ सो रही थी। इसी दरम्यान सुबह तकरीबन छह बजे उसका पति खेमचंद्र सोकर जागा और उससे शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगा। महिला ने बताया कि पैसे देने से मना करने पर वह उसके साथ मारपीट करने लगा। इसी बीच उसने बेटी सरस्वती को छीन लिया और गुस्से में पास में ही अवध बिहारी राय के कुएं में बेटी को फेंक दिया। घटना को अंजाम देने के बाद वह मौके से फरार हो गया। बेटी को जेठ जगदीश ढीमर और गांव के अन्य लोगों की मदद से कुएं से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
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न्यायालय ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद शुक्रवार को अभियुक्त खेमचंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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न्यायालय ने 37 दिन में पूरा किया मुकदमे का ट्रायल



झांसी। जिला एवं सत्र न्यायालय में इस मुकदमे की पहली गवाही एक मार्च 2023 को मृतक मासूम सरस्वती की मां संपत की हुई थी। इसके बाद न्यायालय ने मुकदमे की सुनवाई रोजाना जारी रखी। इस दौरान छह गवाह अभियुक्त की पत्नी सरस्वती, भाई जगदीश, पड़ोसी भगवानदास कोरी, एफआईआर लेखक उप निरीक्षक रामपाल सिंह, मासूम का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डा. रविंद्र गुप्ता व विवेचक रामकन चौधरी के बयान दर्ज किए गए। 29 मार्च को मुकदमे में बहस हुई, जबकि सात अप्रैल को न्यायालय ने सजा का एलान कर दिया। न्यायालय ने 37 दिनों में मुकदमे का ट्रायल पूरा कर लिया, जबकि इस अवधि में 27 कार्यदिवस ही रहे।


बोली मां, न्यायालय का फैसला एकदम सही
झांसी। न्यायालय द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद मृतक मासूम की मां संपत के चेहरे पर बेहद गंभीर भाव थे। इस दौरान उसने अदालत के फैसले से खुशी जाहिर करते हुए कहा कि न्यायालय ने एकदम सही फैसला सुनाया है। बेटी की हत्या करने वाले को उसके सही अंजाम पर पहुंचाया है। महिला ने बताया कि घटना को वह आज तक नहीं भूल पाई है। पति ने बेदर्दी के साथ बेटी को कुएं में फेंका था। बेटी सो रही थी और पति अचानक उसे उठाकर ले गया था। इस घटना की तस्वीर आज भी उसकी आंखों में तैर जाती है। अक्सर रात में नींद खुल जाती है और बेटी की याद आने लगती है। बता दें कि घटना की रिपोर्ट मृतक मासूम की मां संपत ने ही अपने पति के खिलाफ दर्ज कराई थी। इसके बाद कई लोगों ने उसे समझाया कि वह बयान से पलट जाए, परंतु वह अड़ी रही और हत्यारे पति को सजा दिलाकर ही मानी।
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