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मकान व जमीन की खातिर माता-पिता को बेघर कर रहे बच्चे

Fri, 22 Jan 2021 01:44 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 22 Jan 2021 01:44 AM IST
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Father and mother live without house
झांसी। जिन माता-पिता ने बड़े लाड़ प्यार से बच्चों को पाला, अफसोस अब वही बच्चे जमीन व मकान की खातिर उनके दुश्मन बन रहे हैं। प्रतिदिन छह से सात मामले प्रतिदिन पुलिस के पास पहुंच रहे हैं। इनमें सभी ने बेटों के खिलाफ घर से निकाल देने के आरोप लगाए हैं। एसपी सिटी ने जांच कर मुकदमा दर्ज करने के आदेश थाना पुलिस को दिए हैं।
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माता-पिता ने जिस बेटे को पालने और उनके लिए घर बसाने में पूरी पूंजी लगा दी। अब वही बेटे उनको घर से बेदखल करने में जरा भी संकोच नहीं कर रहे। थानों में प्रतिदिन छह से सात बुजुर्ग अपने-अपने बेटों की शिकायत लेकर थाने पहुंच रहे हैं। बुजुर्गों का कहना है कि जमीन व मकान की खातिर बेटे उनको घर में रखने को तैयार नहीं हैं। सभी मकान व जमीन नाम कराने की बात को लेकर विवाद कर रहे हैं। एक वृद्ध व्यक्ति ने बताया कि उनका बेटा कुछ नहीं करता है और शराब पीता है। शराब के लिए पैसे मांगता है, नहीं देने पर घर से निकालने की धमकी देता है। पैसे जबरन ले जाता है। लोगों से झगड़ता भी है। बुढ़ापा काटना मुश्किल हो रहा है।
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एसपी सिटी विवेक कुमार त्रिपाठी ने ऐसे मामलों में कार्रवाई के निर्देश पुलिस को दिए है। ऐसे मामलों की वह खुद जांच कर रहे हैं।
केस नंबर 1
कोतवाली क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उनके चार बेटे हैं। हिस्सा का बंटवारा कर दिया था। वह दो बेटों के साथ रहते हैं। उनकी कुछ जमीन अंबावाय में है। जमीन को लेकर विवाद हुआ। जमीन दोनों बेटों के नाम न करने पर घर में रहने नहीं दे रहे।
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केस नंबर 2
शिवाजी नगर निवासी एक वृद्धा ने बताया कि उनका बेटा उनको घर पर रहने नहीं दे रहा है। मकान नाम करने की जिद कर रहा है। इसके मना करने पर उनको परेशान किया जा रहा है। वह रिश्तेदार के यहां रहकर अपना समय काट रही हैं।
केस नंबर 3
सीपरी बाजार क्षेत्र निवासी बुजुर्ग माता-पिता को उनके बेटे व बहू ने मकान नाम न करने के चलते घर से निकाल दिया। दोनाें किराए के मकान से रह रहे हैं। पुलिस ने दखल कर घर पहुंचाया, लेकिन विवाद बढ़ने लगा है। फिर से पुलिस से शिकायत की गई है।
यह भी आ रहीं शिकायतें
- शराबी व बेरोजगार बेटों द्वारा बुजुर्ग माता-पिता से मारपीट करना।
- बीमार माता-पिता का इलाज नहीं करवाना, उन्हें समय पर दवाइयां लाकर नहीं देना।
- माता-पिता को भरण-पोषण नहीं देना। खाने के लिए भी उनको परेशान करना।
- पैसे मांगना और नहीं देने पर मारपीट करना
- अक्सर घर से बाहर निकालने के लिए धमकाना
घरों में मुख्य विवाद संपत्ति को लेकर आ रहे हैं। बेटे यदि माता-पिता को परेशान कर रहे हैं तो उसके लिए सीनियर सिटीजन एक्ट की मदद ले सकते हैं। सामंजस्य भी दोनों तरफ से बनाना जरूरी है, इससे विवाद स्वत: ही निस्तारित हो सकते हैं। पुलिस से भी मदद ली जा सकती है। प्रणय श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिवक्ता

इस तरह के कई मामले उनके पास आ रहे हैं। वह स्वयं जांच कर रहे हैं। कुछ मामलों में माता-पिता को उनके घर भी भेजा गया है। कुछ मामलों में कार्रवाई के निर्देश संबंधित थाना पुलिस को दिए गए हैं। यदि किसी बुजुर्ग को कोई समस्या है तो वह सीधे उनसे मिल सकता है। विवेक कुमार त्रिपाठी, एसपी सिटी
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