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किसान की मर्जी पर ही अब फसल बीमा

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jun 2020 11:14 PM IST
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fasal beema on choice of farmer
किसान की मर्जी पर ही अब फसल बीमा प्रीमियम काटने को लेकर बैंक नहीं कर सकेंगे मनमानी 31 जुलाई तक योजना में शामिल होने की डेडलाइन   झांसी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर अब बैंक मनमाने तरीके से किसानों के खाते से प्रीमियम नहीं काट सकेंगे। उसके इंकार करने पर बैंक प्रीमियम राशि नहीं काट सकेंगे। इस प्रावधान को पहली बार खरीफ फसल के साथ लागू किया जा रहा। इस प्रावधान से बीमा कराने वाले किसानों की संख्या में कमी आने की आशंका जताई जा रही। अतिवृष्टि, बारिश, ओला जैसी प्राकृतिक आपदा से किसानों को काफी नुकसान होता है। इससे बचाव के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आरंभ हुई। अभी तक प्रत्येक कर्जधारक किसान के लिए योजना में शामिल होने को अनिवार्य बनाया गया था। इसके लिए बैंक बिना उसकी इजाजत के ही खाते से बीमा की रकम काटकर प्रीमियम बीमा कंपनी को दे देती थी। वहीं सामान्य किसानों को खुद प्रीमियम कटवाने की छूट थी। आकड़े बताते हैं कि सामान्य किसान इस योजना में शामिल होने में दिलचस्पी नहीं दिखाते। झांसी में किसानों की कुल संख्या 253548 है। इनमें दो लाख किसान कर्जधारक हैं जबकि पचास हजार किसान गैर ऋणी हैं। इतनी संख्या होने के बावजूद गैर ऋणी किसान योजना में शामिल होने से कतराते हैं। आकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017 में सिर्फ 1281, 2018 में 909 एवं 2019 में करीब सात सौ सामान्य किसानों ने ही बीमा कराया। किसानों की संख्या में लगातार कमी आने के बाद अब ऋणी किसानों को भी योजना में शामिल होने को लेकर छूट दे दी गई है। ऐसे में ऋणी किसानों को छूट देने से उनकी संख्या में कमी आने की आशंका है। इनसेट सरकार को भरना पड़ता है भारी प्रीमियम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए सरकार भी बीमा कंपनियों को भारी-भरकम प्रीमियम चुकाती है। बता दें, किसानों को खरीफ फसल के लिए दो प्रतिशत, रबी फसल के लिए 1.5 फीसदी एवं आद्यौनिक एवं जायद फसल के लिए 5 प्रतिशत प्रीमियम राशि देनी पड़ती है जबकि शेष राशि केंद्र एवं राज्य सरकार को देनी होती है। जानकारों का कहना है अपनी भारी-भरकम हिस्सेदारी से बचने के लिए ही अब सरकार ने इस योजना को ऐच्छिक कर दिया है। ऐच्छिक हो जाने से कम किसान ही इस योजना में शामिल होंगे। 0000000 खरीफ फसल के साथ इसे पहली बार लागू किया जा रहा है। बीमा में शामिल न होने के लिए 31 जुलाई से सात दिन पहले तक बैंक में लिखित आवेदन देना होगा। केके सिंह जिला कृषि अधिकारी
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