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बारिश से थम गया पराली जलाने का काम
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झांसी। किसान अपने खेतों में पराली न जलाएं, इसके लिए पिछले दिनों जिले भर में हुईं पाठशालाओं में किसानों को पराली नहीं जलाने के लिए पाठ पढ़ाया गया। लेकिन, जब बड़ागांव ब्लाक के ग्राम दौन में किसानों ने मूंगफली भूनकर खाई तो सेटेलाइट ने पराली जलाना माना। बाद में जब इसकी पुष्टि की गई तो पता चला कि मूंगफली पकने पर उसे भूनकर (होरा) खाया गया। इस पर अफसरों ने राहत की सांस ली।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने खेतों में पराली जलाने पर रोक लगाई है। पिछले दिनों जिले भर में किसान पाठशालाएं आयोजित की गईं, इनमें किसानाें को अच्छी पैदावार करने के तरीके बताए गए, साथ ही पराली नहीं जलाने का भी पाठ पढ़ाया गया। अधिकारियों को उम्मीद थी कि किसानों पर पाठशालाओं का असर हुआ होगा। खरीफ सीजन में उड़द और मूंग की फसल पक गई तो किसानों ने खेतों से मड़ाई करके पैदावार घर में रख ली और मूंगफली की फसल पकने पर उसे भूनकर खाया तो इसका धुआं आसमान में उड़ा। सेटेलाइट ने इसे पराली जलाना मान लिया। बाद में विभागीय अधिकारियों ने जांच कर इसकी पुष्टि की तो पता चला कि मूंगफली का होरा भूनकर खाया गया था। ऐसे करीब छह मामले आए। उधर, रविवार को बारिश के कारण पराली जलाने की संभावनाएं समाप्त हो गईं।
मुख्य सचिव की वीडियो कांफ्रेंसिंग टली
प्रदेश के मुख्य सचिव की वीडियो कांफ्रेंसिंग में पराली मुख्य बिंदु था। ऐसे में अधिकारियों को लग रहा था कि उनसे सवाल- जवाब हो सकता है, लेकिन बारिश हो जाने और मुख्य सचिव की वीडियो कांफ्रेंसिंग टल जाने के कारण अफसरों ने राहत की सांस ली। अब वीडियो कांफ्रेंसिंग बुधवार को होने की संभावना है।
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने खेतों में पराली जलाने पर रोक लगाई है। पिछले दिनों जिले भर में किसान पाठशालाएं आयोजित की गईं, इनमें किसानाें को अच्छी पैदावार करने के तरीके बताए गए, साथ ही पराली नहीं जलाने का भी पाठ पढ़ाया गया। अधिकारियों को उम्मीद थी कि किसानों पर पाठशालाओं का असर हुआ होगा। खरीफ सीजन में उड़द और मूंग की फसल पक गई तो किसानों ने खेतों से मड़ाई करके पैदावार घर में रख ली और मूंगफली की फसल पकने पर उसे भूनकर खाया तो इसका धुआं आसमान में उड़ा। सेटेलाइट ने इसे पराली जलाना मान लिया। बाद में विभागीय अधिकारियों ने जांच कर इसकी पुष्टि की तो पता चला कि मूंगफली का होरा भूनकर खाया गया था। ऐसे करीब छह मामले आए। उधर, रविवार को बारिश के कारण पराली जलाने की संभावनाएं समाप्त हो गईं।
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मुख्य सचिव की वीडियो कांफ्रेंसिंग टली
प्रदेश के मुख्य सचिव की वीडियो कांफ्रेंसिंग में पराली मुख्य बिंदु था। ऐसे में अधिकारियों को लग रहा था कि उनसे सवाल- जवाब हो सकता है, लेकिन बारिश हो जाने और मुख्य सचिव की वीडियो कांफ्रेंसिंग टल जाने के कारण अफसरों ने राहत की सांस ली। अब वीडियो कांफ्रेंसिंग बुधवार को होने की संभावना है।
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