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कलेक्टर की ड्योढ़ी पर किसान ने सिर फोड़ा
झांसी / ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2015 12:50 AM IST
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पुनर्वास की भूमि पर संक्रमणीय अधिकार की मांग को लेकर सोमवार को
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बुंदेलखंड किसान पंचायत के बैनर तले किसानों कलेक्ट्रेट में जोरदार
प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित एक किसान ने पत्थर मार कर अपना सिर फोड़
लिया जिससे वह लहूलुहान हो गया।
कलेक्ट्रेट में जमा हुए किसानों ने अपने साथ लाई हुईं बैलगाड़ियां जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर पोर्च में खड़ी कर दीं और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। इस दौरान किसानों ने वहां ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान किया। किसानों का नेतृत्व करते हुए किसान पंचायत के अध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने कहा कि सैनिक क्षेत्र बबीना से विस्थापित किसान प्रशासन की ढुलमुल नीति के चलते पिछले 65 सालों से उपेक्षित हैं। किसानों को उनका हक मिले बगैर शासन भी चैन से नहीं बैठ पाएगा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान दुर्गापुर के किसान जगदीश राजपूत ने अपना सिर फोड़ लिया, जिससे वह लहूलुहान हो गया। किसान का कहना था कि वह पिछले कई दशकों से उपेक्षा का शिकार है। शासन-प्रशासन की ओर से अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिलते आए हैं। राहत किसी ने नहीं दी है। इस तरह से जीने से बेहतर है कि कलेक्ट्रेट में दम तोड़ दिया जाए।
बाद में जिलाधिकारी अनुराग यादव किसानों के बीच पहुंचे। किसानों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा, जिसके माध्यम से किसानों को पुनर्वास की भूमि के संक्रमणीय भूमिधर अधिकार दिए जाने, अवशेष विस्थापितों को पट्टे देने, पट्टाधारकों को जमीन पर कब्जा दिलाने व कब्जाधारकों को पट्टे देने, फर्जी पट्टों की जांच कर निरस्त करने, पीड़ितों की मदद को अलग से पुनर्वास विभाग बनाने, पट्टाधारकों का दाखिल खारिज कराने आदि की मांग की। किसानों ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने तक वह कलेक्ट्रेट में ही डेरा डाले रहेंगे। इस दौरान जिलाधिकारी से भी किसानों की नोकझोंक हुई। बाद में जिलाधिकारी ने किसानों को 20 अगस्त तक उक्त समस्याओं के निस्तारण की दिशा में प्रभावी कदम उठाने का भरोसा दिया। इस पर किसान मान गए। इस मौके पर लालाराम अहिरवार, जगदीश राजपूत, सी एल यादव, संतोष पचौरी, विजय राम अहिरवार, देवेंद्र कुशवाहा, अशोक राजपूत, बलवीर यादव, कमल अहिरवार, रिंकू अहिरवार, लक्ष्मी राजपूत, जगदीश राजपूत, राजाराम पाठक, मनीराम मिश्रा, रामसिंह राजपूत, हरनारायण, कौशल शर्मा, बलराम अहिरवार आदि मौजूद रहे। आभार हरिकृष्ण चतुर्वेदी ने जताया।
कलेक्ट्रेट में जमा हुए किसानों ने अपने साथ लाई हुईं बैलगाड़ियां जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर पोर्च में खड़ी कर दीं और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। इस दौरान किसानों ने वहां ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान किया। किसानों का नेतृत्व करते हुए किसान पंचायत के अध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने कहा कि सैनिक क्षेत्र बबीना से विस्थापित किसान प्रशासन की ढुलमुल नीति के चलते पिछले 65 सालों से उपेक्षित हैं। किसानों को उनका हक मिले बगैर शासन भी चैन से नहीं बैठ पाएगा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान दुर्गापुर के किसान जगदीश राजपूत ने अपना सिर फोड़ लिया, जिससे वह लहूलुहान हो गया। किसान का कहना था कि वह पिछले कई दशकों से उपेक्षा का शिकार है। शासन-प्रशासन की ओर से अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिलते आए हैं। राहत किसी ने नहीं दी है। इस तरह से जीने से बेहतर है कि कलेक्ट्रेट में दम तोड़ दिया जाए।
बाद में जिलाधिकारी अनुराग यादव किसानों के बीच पहुंचे। किसानों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा, जिसके माध्यम से किसानों को पुनर्वास की भूमि के संक्रमणीय भूमिधर अधिकार दिए जाने, अवशेष विस्थापितों को पट्टे देने, पट्टाधारकों को जमीन पर कब्जा दिलाने व कब्जाधारकों को पट्टे देने, फर्जी पट्टों की जांच कर निरस्त करने, पीड़ितों की मदद को अलग से पुनर्वास विभाग बनाने, पट्टाधारकों का दाखिल खारिज कराने आदि की मांग की। किसानों ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने तक वह कलेक्ट्रेट में ही डेरा डाले रहेंगे। इस दौरान जिलाधिकारी से भी किसानों की नोकझोंक हुई। बाद में जिलाधिकारी ने किसानों को 20 अगस्त तक उक्त समस्याओं के निस्तारण की दिशा में प्रभावी कदम उठाने का भरोसा दिया। इस पर किसान मान गए। इस मौके पर लालाराम अहिरवार, जगदीश राजपूत, सी एल यादव, संतोष पचौरी, विजय राम अहिरवार, देवेंद्र कुशवाहा, अशोक राजपूत, बलवीर यादव, कमल अहिरवार, रिंकू अहिरवार, लक्ष्मी राजपूत, जगदीश राजपूत, राजाराम पाठक, मनीराम मिश्रा, रामसिंह राजपूत, हरनारायण, कौशल शर्मा, बलराम अहिरवार आदि मौजूद रहे। आभार हरिकृष्ण चतुर्वेदी ने जताया।