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बीमा से जानबूझकर वंचित किए गए 23219 किसान
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झांसी। प्रधानमंत्री बीमा फसल योजना का लाभ देने से बचने के लिए बीमा कंपनी ने 23219 किसानों को गलत तरीके से अपात्र ठहराया दिया। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताते हुए बीमा कंपनी को किसानों के अवशेष भुगतान जल्द करने के निर्देश दिए हैं।
विकास भवन सभागार में बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा के दौरान मालूम चला खरीफ फसल वर्ष-2019 में 237887 कृषकों ने फसल बीमा कराया। सभी बीमित किसानों का प्रीमियम काटा गया। फसल खराब होने पर बीमा कंपनी ने 138493 कृषकों का ही भुगतान किया गया जबकि शेष 43448 कृषकों को बीमा दिया जाना अभी तक बाकी है। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताते हुए क्षतिपूर्ति दिए जाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कंपनी की ओर से 23219 कृषकों को अपात्र ठहराने पर सख्त एतराज जताते हुए ऐसे मामलों को संवेदनशील होकर निपटाने को कहा। समीक्षा के दौरान यह बात भी सामने आई कि विभिन्न बैंकों ने फसल बीमा का प्रीमियम काटा लेकिन, पोर्टल पर अपलोड नहीं किया। ऐसे में उन्होंने बैंकों को क्षतिपूर्ति देने को कहा। जनपद में 327271 किसानों के डाटा को अब तक पोर्टल पर अपलोड न होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। बैठक में निदेशक सांख्यिकीय विनोद कुमार, एलडीएम अरुण कुमार, जिला कृषि अधिकारी केके सिंह समेत अन्य उपस्थित थे।
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विकास भवन सभागार में बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा के दौरान मालूम चला खरीफ फसल वर्ष-2019 में 237887 कृषकों ने फसल बीमा कराया। सभी बीमित किसानों का प्रीमियम काटा गया। फसल खराब होने पर बीमा कंपनी ने 138493 कृषकों का ही भुगतान किया गया जबकि शेष 43448 कृषकों को बीमा दिया जाना अभी तक बाकी है। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताते हुए क्षतिपूर्ति दिए जाने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कंपनी की ओर से 23219 कृषकों को अपात्र ठहराने पर सख्त एतराज जताते हुए ऐसे मामलों को संवेदनशील होकर निपटाने को कहा। समीक्षा के दौरान यह बात भी सामने आई कि विभिन्न बैंकों ने फसल बीमा का प्रीमियम काटा लेकिन, पोर्टल पर अपलोड नहीं किया। ऐसे में उन्होंने बैंकों को क्षतिपूर्ति देने को कहा। जनपद में 327271 किसानों के डाटा को अब तक पोर्टल पर अपलोड न होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। बैठक में निदेशक सांख्यिकीय विनोद कुमार, एलडीएम अरुण कुमार, जिला कृषि अधिकारी केके सिंह समेत अन्य उपस्थित थे।
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