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मौसम की मार से बेजार किसानों पर सूखे का खतरा
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Thu, 04 Jun 2015 12:20 AM IST
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झांसी। बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि की मार से बेजार हो चुके किसानों पर सूखे का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने सामान्य से कम बारिश होने के संकेत दिए हैं। इसके साथ ही आसन्न खतरे से निपटने के लिए प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। आपदा प्रबंधन की तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।
मौसम में बदलाव का क्रम जारी है। बेमौसम बारिश हुई और ओले पड़े, जिससे दलहनी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। साथ ही गेहूं की फसल भी प्रभावित हुई। जिले में फसलों को 3.97 अरब रुपये की क्षति हुई, जिसका मुआवजा बांटा जा रहा है। इसका खामियाजा आम जनमानस को भी भुगतना पड़ा। दालों की कीमत तीन अंकों तक पहुंच गई है। इसके अलावा अन्य खाद्य पदार्थों के दामों में भी तल्खी है। अभी इससे उबर भी नहीं पाए हैं कि एक और खतरे के संकेत मिलने लगे हैं।
मौसम विभाग ने मानसून ढीला रहने के संकेत दिए हैं। इससे किसान हलाकान हो गया है। शासन स्तर पर भी सूखे से निपटने की तैयारियां की जाने लगी हैं। इसके लिए पंचायती राज विभाग, ऊर्जा विभाग, सिंचाई विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुधन विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग, कृषि /उद्यान विभाग व मत्स्य विभाग को अलर्ट जारी कर दिया गया है। इन विभागों से सूखे से निपटने की कार्ययोजना मांगी गई है। खासतौर पर पेयजल व पशुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर फोकस किया गया है। खाद्य एवं रसद विभाग को आकस्मिक स्थिति में आवश्यक खाद्य पदार्थों की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि, स्वास्थ्य विभाग को सूखे से उत्पन्न होने वाली बीमारियों से निपटने के लिए कमर कसकर तैयार रहने को कहा गया है।
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मौसम में बदलाव का क्रम जारी है। बेमौसम बारिश हुई और ओले पड़े, जिससे दलहनी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। साथ ही गेहूं की फसल भी प्रभावित हुई। जिले में फसलों को 3.97 अरब रुपये की क्षति हुई, जिसका मुआवजा बांटा जा रहा है। इसका खामियाजा आम जनमानस को भी भुगतना पड़ा। दालों की कीमत तीन अंकों तक पहुंच गई है। इसके अलावा अन्य खाद्य पदार्थों के दामों में भी तल्खी है। अभी इससे उबर भी नहीं पाए हैं कि एक और खतरे के संकेत मिलने लगे हैं।
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मौसम विभाग ने मानसून ढीला रहने के संकेत दिए हैं। इससे किसान हलाकान हो गया है। शासन स्तर पर भी सूखे से निपटने की तैयारियां की जाने लगी हैं। इसके लिए पंचायती राज विभाग, ऊर्जा विभाग, सिंचाई विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुधन विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग, कृषि /उद्यान विभाग व मत्स्य विभाग को अलर्ट जारी कर दिया गया है। इन विभागों से सूखे से निपटने की कार्ययोजना मांगी गई है। खासतौर पर पेयजल व पशुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर फोकस किया गया है। खाद्य एवं रसद विभाग को आकस्मिक स्थिति में आवश्यक खाद्य पदार्थों की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि, स्वास्थ्य विभाग को सूखे से उत्पन्न होने वाली बीमारियों से निपटने के लिए कमर कसकर तैयार रहने को कहा गया है।
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