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बीयू की फर्जी डिग्रियों से बिहार, राजस्थान और दिल्ली में नौकरी कर रहे थे लोग
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झांसी। देश भर में सरकारी से लेकर प्राइवेट कंपनियों तक में बड़े-बड़े पदों पर कई लोग बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की फर्जी मार्कशीट और डिग्री लगाकर नौकरी पा गए हैं। पिछले सवा दो सालों में जब से ऑनलाइन सत्यापन शुरू हुआ है, तब से लगभग 350 मामले पकड़े में आ चुके हैं। रिपोर्ट के बाद इन सभी को बर्खास्त किया जा रहा है।
बीयू की फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने का काम लंबे समय से चला आ रहा है। अब तक जो रिपोर्ट आई है उसके मुताबिक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों में जालसाजों ने बीयू के नाम से सेंटर खोल रखे हैं, जो कि फर्जी वेबसाइट के जरिए प्रवेश कराकर सेंटर पर ही परीक्षा कराते हैं और जाली मार्कशीट थमा देते हैं। इस तरह के कई मामले सामने आने के बाद बीयू प्रशासन ने वर्ष 2019-20 से दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन शुरू किया। इसके बाद से जाली दस्तावेजों की परतें लगातार खुलती जा रही हैं। परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर ने बताया कि बिहार, राजस्थान और दिल्ली से जो शैक्षिक प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए आए थे उनमें से तमाम जाली निकले। पिछले सवा दो सालों में करीब सात हजार दस्तावेजों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 350 फर्जी पाए गए हैं।
ये बड़े मामले जो पकड़ में आए
- बिहार के भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय में 38 अमीन ने बीयू की फर्जी मार्कशीट लगा संविदा पर नौकरी पा ली।
- बिहार का ही एक युवक एसएससी की परीक्षा पास कर जीएसटी विभाग अफसर बना गया। जांच में मार्कशीट फर्जी निकली।
- राजस्थान में एक युवक ने बीयू की 2012 की शिक्षा विभाग के फर्जी दस्तावेज लगा नौकरी पाई। जांच के बाद बर्खास्त हुआ।
- दिल्ली में एक बड़ी कंपनी में कार्यरत युवक ने बीयू से वर्ष 2010 में एमबीए करने की फर्जी डिग्री लगा दी थी। सत्यापन में पकड़ा गया।
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बीयू की फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने का काम लंबे समय से चला आ रहा है। अब तक जो रिपोर्ट आई है उसके मुताबिक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों में जालसाजों ने बीयू के नाम से सेंटर खोल रखे हैं, जो कि फर्जी वेबसाइट के जरिए प्रवेश कराकर सेंटर पर ही परीक्षा कराते हैं और जाली मार्कशीट थमा देते हैं। इस तरह के कई मामले सामने आने के बाद बीयू प्रशासन ने वर्ष 2019-20 से दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन शुरू किया। इसके बाद से जाली दस्तावेजों की परतें लगातार खुलती जा रही हैं। परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर ने बताया कि बिहार, राजस्थान और दिल्ली से जो शैक्षिक प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए आए थे उनमें से तमाम जाली निकले। पिछले सवा दो सालों में करीब सात हजार दस्तावेजों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 350 फर्जी पाए गए हैं।
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ये बड़े मामले जो पकड़ में आए
- बिहार के भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय में 38 अमीन ने बीयू की फर्जी मार्कशीट लगा संविदा पर नौकरी पा ली।
- बिहार का ही एक युवक एसएससी की परीक्षा पास कर जीएसटी विभाग अफसर बना गया। जांच में मार्कशीट फर्जी निकली।
- राजस्थान में एक युवक ने बीयू की 2012 की शिक्षा विभाग के फर्जी दस्तावेज लगा नौकरी पाई। जांच के बाद बर्खास्त हुआ।
- दिल्ली में एक बड़ी कंपनी में कार्यरत युवक ने बीयू से वर्ष 2010 में एमबीए करने की फर्जी डिग्री लगा दी थी। सत्यापन में पकड़ा गया।