फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   family uproar

एक पुत्र की मौत से उबरे भी नहीं थे, चार दिन के भीतर दूसरे पुत्र ने भी छोड़ा साथ

Mon, 14 Sep 2020 01:27 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 14 Sep 2020 01:27 AM IST
विज्ञापन
family uproar
family uproar
झांसी। एक पखवाड़े पहले तक संतोष नगरिया के परिवार में हर तरह की खुशियां थीं। कारोबार अच्छा चल रहा था और भरेपूरे परिवार में दिन भर ठहाके गूंजते रहते थे। लेकिन, अचानक ही परिवार की सारी खुशियां काफूर हो गईं। एक पुत्र की मौत के सदमे से संतोष उबर नहीं पाए थे कि चार दिनों के भीतर ही दूसरा पुत्र भी साथ छोड़ गया।
विज्ञापन

कैलाश रेजीडेंसी निवासी संतोष के दो बेटे और दो बेटियां थीं। चारों की शादी की जिम्मेदारी से वे समय रहते निवृत्त हो चुके थे। बड़े बेटे पंकज के आठ साल का लड़का व 12 साल की एक लड़की है, जबकि छोटे बेटे विशाल का तीन साल का लड़का व एक साल की लड़की है। कारोबार की जिम्मेदारी बच्चों ने पूरी तरह से संभाल ली थी तथा संतोष व उनकी पत्नी का समय नाती - पोतों के बीच आराम से कट रहा था। अचानक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दोनों बेटे कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आ गए। पहले एक की मौत हुई और चौथे दिन दूसरा बेटा भी साथ छोड़कर चला गया। ये खबर जिसने सुनी उसकी की आंखें नम हो उठीं। परिवार को ढांढस बंधाने के लिए लोगों के पास शब्द भी नहीं रहे।
विज्ञापन

परिवार के बाकी सदस्यों की रिपोर्ट निगेटिव
झांसी। पंकज और विशाल की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद परिवार के अन्य सदस्यों की भी कोरोना जांच हुई और सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। दुकान में काम करने वाले स्टाफ की रिपोर्ट भी निगेटिव आई। इससे सभी ने राहत की सांस ली थी। लेकिन, कोरोना संक्रमित भाइयों की मौत से सभी सदमे में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इलाज में लापरवाही का आरोप, अस्पताल के खिलाफ एफआईआर
झांसी। कोरोना संक्रमित दो सगे भाइयों की मौत के मामले में परिजनों ने दिल्ली के एक निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। अस्पताल के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है। सोमवार को एम्स की टीम जांच करेगी।

कैलाश रेजीडेंसी निवासी पंकज गुप्ता (44) और विशाल गुप्ता (38) का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आने पर 28 अगस्त को पैरा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। तीन सितंबर को दोनों भाइयों को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। यहां नौ सितंबर की रात पंकज की मौत हो गई। जबकि, रविवार की सुबह विशाल ने दम तोड़ दिया। दोनों भाइयों की मौत के मामले में परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। मृतक भाइयों के रिश्तेदार नरसिंह राव टौरिया निवासी सुनील गुप्ता ने बताया कि दस दिन भीतर दिल्ली में दोनों भाइयों के इलाज तकरीबन पंद्रह लाख रुपये खर्च किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed