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किसानों के लिए होंगे अलग फीडर, रात में जागकर नहीं करनी होगी सिंचाई
Wed, 20 Jan 2021 01:14 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
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Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jan 2021 01:14 AM IST
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बिजली विभाग औद्योगिक क्षेत्र की तरह अब सिंचाई के लिए अलग फीडर बनाने जा रहा है। इन फीडरों को दिन के वक्त दस घंटे लगातार बिजली दी जाएगी, ताकि किसानों को रात में जागकर सिंचाई न करनी पड़े। जनपद के अलग- अलग जगहों पर 25 फीडर बनाए जा रहे हैं। एक फीडर से दो हजार ट्यूबवेल के कनेक्शन जोड़े जा सकेंगे। इस काम को दक्षिण भारत की एक कंपनी 20 करोड़ की लागत से पूरा करेगी।
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जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में 35 सबस्टेशन हैं, जिनसे 1.64 लाख उपभोक्ता जुड़े हैं। इनमें 7400 किसानों ने सिंचाई के लिए ट्यूबवेल कनेक्शन भी ले रखे हैं। अभी सिंचाई कनेक्शनों के लिए अलग फीडर की व्यवस्था नहीं है। इस कारण सिंचाई के वक्त ग्रामीण ट्रांसफार्मरों पर ओवर लोडिंग की समस्या बनी रहती है। ट्रांसफार्मर के ओवरलोड होने पर उनके फुंकने की आशंका ज्यादा हो जाती है। ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित रखने के लिए बार- बार बिजली कटौती की जाती है। लगातार बिजली न मिलन के कारण किसानों को सिंचाई के लिए रात में जागना पड़ता है।
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किसानों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए जनपद के अलग- अलग स्थानों पर 25 नए फीडर बनाने जा रहा है। इन फीडरों से सिर्फ ट्यूबवेल कनेक्शनों को जोड़ा जाएगा। यह फीडर बड़ागांव, बरुआसागर, बबीना, मऊरानीपुर, एरच, पूंछ, मोंठ, बामौर, गुरसराय, सकरार, टहरौली, गरौठा, टोड़ी फतेहपुर, रक्सा, चिरगांव क्षेत्र में बनाए जा रहे हैं। एक फीडर से दो सौ एम्पियर तक करंट दौड़ाया जा सकता है। इस हिसाब से एक फीडर से दो हजार तक ट्यूबवेल कनेक्शन जोड़े जा सकते हैं। इस काम को 20 करोड़ की लागत से पूरा किया जाएगा। इस काम का टेंडर दक्षिण भारत की नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है।
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- सिंचाई के दौरान जहां सबसे ज्यादा ओवर लोडिंग की स्थिति बनती है। ऐसे स्थानों पर यह फीडर बनाए जा रहे हैं। फरवरी से यह काम शुरू हो जाएगा। कंपनी को काम खत्म करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।
जेपीएन सिंह, अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण)।