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Jhansi News: बीडा को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देंगे विशेषज्ञ, एक फरवरी को आएंगे झांसी
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी में बनने जा रहे बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) काे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने के लिए विशेषज्ञों की टीम एक फरवरी को झांसी आएगी। साबरमती रिवर फ्रंट के चेयरमैन की अगुआई में आ रही टीम यहां तीन दिन रुककर बीडा को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने के लिए जमीनी सर्वे करेगी। प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।
नोएडा (न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के गठन के 47 साल बाद झांसी में बीडा का निर्माण किया जा रहा है। यह औद्योगिक शहर झांसी सदर तहसील के 33 गांवों की 14,225 हेक्टेअर जमीन पर बसाया जा रहा है। चिह्नित जमीन के अधिग्रहण की कार्यवाही जोर पकड़े हुए हैं। साथ ही इसके स्वरूप को लेकर भी काम शुरू कर दिया गया है। बीडा का मास्टर प्लान अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की तैयारी है। मास्टर प्लान का शुरुआती खाका तैयार करने के लिए एक से तीन फरवरी तक अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की टीम यहां बीडा के लिए चिह्नित जमीन का जायजा लेगी। टीम अहमदाबाद के साबरमती रिवर फ्रंट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के चेयरमैन व रिटायर्ड आईएएस केशव वर्मा की अगुआई में आएगी। टीम बीडा के लिए प्रस्तावित की जमीन का मानचित्र देखेगी। प्रस्तावित जमीन की सड़क और रेल मार्ग से दूरी का जायजा लेगी। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ अपने सुझाव देंगे। इसके बाद बीडा का प्रारंभिक स्वरूप तय किया जाएगा। इसके बाद मास्टर प्लान बनाने के लिए विश्वस्तरीय एजेंसी की मदद ली जाएगी।
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फोटो-- --
साबरमती रिवर फ्रंट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के चेयरमैन केशव वर्मा की अगुआई में अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की टीम एक से तीन फरवरी के बीच झांसी में रहेगी। विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर बीडा का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। बीडा को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा।
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- अमृत त्रिपाठी, सीईओ-बीडा
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इन 33 गांवों में बसाया जा रहा है बीडा
औद्योगिक शहर बीडा झांसी सदर तहसील के 33 गांवों में बसाया जा रहा है। इनमें ग्राम डगरवाहा, बमेर, बाजना, राजापुर, बछौनी, परासई, इमलिया, अमरपुर, गागौनी, बदनपुर, बसई, खैरा, बैदोरा, चमरौआ, खजराहा बुजुर्ग, खजराहा खुर्द, मुरारी, किल्चवारा बुजुर्ग, मठ, गुढ़ा, बरुआपुरा, रमपुरा, किल्चवारा खुर्द, डोमागोर, डोंगरी, पुनावली कला, गेवरा, सिमरा, सारमऊ, कलोथरा, ढिकौली, कोटखेरा व अंवाबाय शामिल हैं। बीडा के लिए इन गांवों के 20 हजार से अधिक ग्रामीणों की जमीन ली जा रही है।
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हरा-भरा होगा बीडा
देश और प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र में बीडा अलग चमकेगा। बीडा में उद्योगों के लिए तो जमीन दी ही जाएगी, साथ ही टाउनशिप भी विकसित की जाएगी। शॉपिंग मॉल होंगे, तो विश्वस्तरीय शिक्षण संस्थानों की स्थापना भी होगी। खास बात यह है कि औद्योगिक शहर बीडा को हरा-भरा बनाया जाएगा। ताकि, औद्योगिक गतिविधियों के बीच वातावरण भी अच्छा बना रहे।
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झांसी। झांसी में बनने जा रहे बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) काे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने के लिए विशेषज्ञों की टीम एक फरवरी को झांसी आएगी। साबरमती रिवर फ्रंट के चेयरमैन की अगुआई में आ रही टीम यहां तीन दिन रुककर बीडा को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने के लिए जमीनी सर्वे करेगी। प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।
नोएडा (न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के गठन के 47 साल बाद झांसी में बीडा का निर्माण किया जा रहा है। यह औद्योगिक शहर झांसी सदर तहसील के 33 गांवों की 14,225 हेक्टेअर जमीन पर बसाया जा रहा है। चिह्नित जमीन के अधिग्रहण की कार्यवाही जोर पकड़े हुए हैं। साथ ही इसके स्वरूप को लेकर भी काम शुरू कर दिया गया है। बीडा का मास्टर प्लान अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की तैयारी है। मास्टर प्लान का शुरुआती खाका तैयार करने के लिए एक से तीन फरवरी तक अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की टीम यहां बीडा के लिए चिह्नित जमीन का जायजा लेगी। टीम अहमदाबाद के साबरमती रिवर फ्रंट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के चेयरमैन व रिटायर्ड आईएएस केशव वर्मा की अगुआई में आएगी। टीम बीडा के लिए प्रस्तावित की जमीन का मानचित्र देखेगी। प्रस्तावित जमीन की सड़क और रेल मार्ग से दूरी का जायजा लेगी। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ अपने सुझाव देंगे। इसके बाद बीडा का प्रारंभिक स्वरूप तय किया जाएगा। इसके बाद मास्टर प्लान बनाने के लिए विश्वस्तरीय एजेंसी की मदद ली जाएगी।
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साबरमती रिवर फ्रंट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के चेयरमैन केशव वर्मा की अगुआई में अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की टीम एक से तीन फरवरी के बीच झांसी में रहेगी। विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर बीडा का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। बीडा को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा।
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- अमृत त्रिपाठी, सीईओ-बीडा
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इन 33 गांवों में बसाया जा रहा है बीडा
औद्योगिक शहर बीडा झांसी सदर तहसील के 33 गांवों में बसाया जा रहा है। इनमें ग्राम डगरवाहा, बमेर, बाजना, राजापुर, बछौनी, परासई, इमलिया, अमरपुर, गागौनी, बदनपुर, बसई, खैरा, बैदोरा, चमरौआ, खजराहा बुजुर्ग, खजराहा खुर्द, मुरारी, किल्चवारा बुजुर्ग, मठ, गुढ़ा, बरुआपुरा, रमपुरा, किल्चवारा खुर्द, डोमागोर, डोंगरी, पुनावली कला, गेवरा, सिमरा, सारमऊ, कलोथरा, ढिकौली, कोटखेरा व अंवाबाय शामिल हैं। बीडा के लिए इन गांवों के 20 हजार से अधिक ग्रामीणों की जमीन ली जा रही है।
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हरा-भरा होगा बीडा
देश और प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र में बीडा अलग चमकेगा। बीडा में उद्योगों के लिए तो जमीन दी ही जाएगी, साथ ही टाउनशिप भी विकसित की जाएगी। शॉपिंग मॉल होंगे, तो विश्वस्तरीय शिक्षण संस्थानों की स्थापना भी होगी। खास बात यह है कि औद्योगिक शहर बीडा को हरा-भरा बनाया जाएगा। ताकि, औद्योगिक गतिविधियों के बीच वातावरण भी अच्छा बना रहे।