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20 से 25 दिन ही चलीं सम सेमेस्टर कोर्सों की परीक्षाएं: एबीवीपी
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तावित परीक्षा कार्यक्रम पर एबीवीपी के महानगर मंत्री सुयश शुक्ला ने कहा कि 20 से 25 दिन ही सुचारू रूप से सम सेमेस्टर कोर्सों की कक्षाएं चल पाई हैं। एबीवीपी ने परीक्षा का विरोध नहीं किया है। संगठन की मांग है कि स्नातक, परास्नातक कोर्सों की सम सेमेस्टर की परीक्षाएं कोर्स पूरा करने के बाद ही कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं चार मार्च को समाप्त हुई थीं। अब सम सेमेस्टर की परीक्षा 10 मई से प्रस्तावित हैं। दोनों परीक्षाओं के मध्य सिर्फ 66 दिनों का अंतर है। इन दिवसों में महाशिवरात्रि, होली, भाई दूज, गुड फ्राइडे, रविवार आदि मिलाकर 14 छुट्टियां पड़ीं। 20 मार्च से 10 अप्रैल तक 20 दिन प्रायोगिक परीक्षाएं आयोजित हुईं। सात मार्च से 19 अप्रैल तक मूल्यांकन कार्य चला। इस अवधि में कक्षाओं का संचालन बाधित रहा। सत्यता ये है कि 20 से 25 दिन ही सुचारू रूप से कक्षाएं संचालित हो पाईं। कहा कि बीयू प्रशासन के पाठ्यक्रम पूरा करने के दावे की सत्यता छात्रों से बात करके पता की जा सकती है। बिना समुचित तरीके से पाठ्यक्रम पूरा कराए परीक्षा करवाना विश्वविद्यालय की परंपरा बन चुकी है। इससे न सिर्फ अनुत्तीर्ण, बल्कि बैक पेपर के छात्रों की संख्या बढ़ी है।
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उन्होंने कहा कि विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं चार मार्च को समाप्त हुई थीं। अब सम सेमेस्टर की परीक्षा 10 मई से प्रस्तावित हैं। दोनों परीक्षाओं के मध्य सिर्फ 66 दिनों का अंतर है। इन दिवसों में महाशिवरात्रि, होली, भाई दूज, गुड फ्राइडे, रविवार आदि मिलाकर 14 छुट्टियां पड़ीं। 20 मार्च से 10 अप्रैल तक 20 दिन प्रायोगिक परीक्षाएं आयोजित हुईं। सात मार्च से 19 अप्रैल तक मूल्यांकन कार्य चला। इस अवधि में कक्षाओं का संचालन बाधित रहा। सत्यता ये है कि 20 से 25 दिन ही सुचारू रूप से कक्षाएं संचालित हो पाईं। कहा कि बीयू प्रशासन के पाठ्यक्रम पूरा करने के दावे की सत्यता छात्रों से बात करके पता की जा सकती है। बिना समुचित तरीके से पाठ्यक्रम पूरा कराए परीक्षा करवाना विश्वविद्यालय की परंपरा बन चुकी है। इससे न सिर्फ अनुत्तीर्ण, बल्कि बैक पेपर के छात्रों की संख्या बढ़ी है।
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