{"_id":"604d19778ebc3e58fc5fe40a","slug":"ex-parsad-mother-dead-body-find-i-jhansi-news-jhs190796275","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर में मिला पूर्व सभासद की मां का शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर में मिला पूर्व सभासद की मां का शव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। चिरगांव थाना क्षेत्र के हवेलीपुरा मोहल्ले में शनिवार सुबह पूर्व सभासद की मां का शव कमरे में मिलने से हड़कंप मच गया। जेवरात गायब मिलने से परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। देर शाम पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी रही। परिजनों की तरफ से देर शाम तक पुलिस को तहरीर नहीं दी गई।
हवेलीपुरा मोहल्ला निवासी पूर्व सभासद संजीव सिंह की मां गिरिजा देवी (70) शुक्रवार की रात खाना खाकर कमरे में सोने चली गईं। वह प्रतिदिन सुबह पांच बजे उठकर घर के सामने बने मंदिर दर्शन करने जाती थीं। शनिवार सुबह काफी देर तक वह बाहर नहीं निकलीं। संजीव उनको उठाने पहुंचे, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। काफी खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। संजीव ने अपनी पुत्री एकता से दादी को उठाने के लिए कहा। वह छत के रास्ते से जैसे ही कमरे में पहुंची तो देखा दादी सीढ़ियों के पास पड़ी थीं। संजीव के साथ परिवार के सभी लोग कमरे में पहुंचे। गले में पहनी माला व कान के टॉप्स गायब थे। उनका चश्मा कुछ ही दूरी पर पड़ा था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। सीओ मोंठ प्रदीप कुमार ने बताया कि परिजनों से घटना की जानकारी लेकर बयान दर्ज किए गए हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी। परिजनों की तरफ से तहरीर अभी नहीं मिली है।
रोज सुबह उठकर करती थीं सफाई
पुत्र संजीव ने बताया कि उनकी मां प्रतिदिन सुबह उठकर सबसे पहले बाहर का चबूतरा धोने के साथ ही पूरे कमरे की सफाई करती थीं। इसके बाद वह मंदिर जाती थीं। अचानक कैसे क्या हुआ, इसकी भनक किसी को भी नहीं लगी। उन्होंने बताया कि तीन साल पहले उनके बड़े भाई शिवकुमार का भी निधन हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हवेलीपुरा मोहल्ला निवासी पूर्व सभासद संजीव सिंह की मां गिरिजा देवी (70) शुक्रवार की रात खाना खाकर कमरे में सोने चली गईं। वह प्रतिदिन सुबह पांच बजे उठकर घर के सामने बने मंदिर दर्शन करने जाती थीं। शनिवार सुबह काफी देर तक वह बाहर नहीं निकलीं। संजीव उनको उठाने पहुंचे, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। काफी खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। संजीव ने अपनी पुत्री एकता से दादी को उठाने के लिए कहा। वह छत के रास्ते से जैसे ही कमरे में पहुंची तो देखा दादी सीढ़ियों के पास पड़ी थीं। संजीव के साथ परिवार के सभी लोग कमरे में पहुंचे। गले में पहनी माला व कान के टॉप्स गायब थे। उनका चश्मा कुछ ही दूरी पर पड़ा था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। सीओ मोंठ प्रदीप कुमार ने बताया कि परिजनों से घटना की जानकारी लेकर बयान दर्ज किए गए हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी। परिजनों की तरफ से तहरीर अभी नहीं मिली है।
विज्ञापन
रोज सुबह उठकर करती थीं सफाई
पुत्र संजीव ने बताया कि उनकी मां प्रतिदिन सुबह उठकर सबसे पहले बाहर का चबूतरा धोने के साथ ही पूरे कमरे की सफाई करती थीं। इसके बाद वह मंदिर जाती थीं। अचानक कैसे क्या हुआ, इसकी भनक किसी को भी नहीं लगी। उन्होंने बताया कि तीन साल पहले उनके बड़े भाई शिवकुमार का भी निधन हो चुका है।
विज्ञापन