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हर चौराहे का रेट फिक्स, कारखास की पॉकेट डायरी में रहता है हिसाब

Fri, 07 Oct 2022 12:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 07 Oct 2022 12:33 AM IST
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Everythings chauraha rate fix yatatar department
झांसी। बिना परमिट सड़क पर फर्राटा भरने वाले वाहन ट्रैफिक पुलिस के लिए सोने की मुर्गी हैं। इन वाहनों की जिन चौराहों से सर्वाधिक आवाजाही रहती है, उनमें तैनाती के लिए पुलिसकर्मियों में बाकायदा होड़ रहती है। इन चौराहों पर तैनाती पाने के लिए रेट तक फिक्स हैं। इसी तरह हर महीने बिना परमिट दौड़ने वाले डंपर, लोडर, ट्रैक्टर, बस, गिट्टी वाहनों समेत अन्य से लाखों की वसूली होती है। इनसे वसूली का जिम्मा कारखास का रहता है। उसकी पॉकेट डायरी में इसका पूरा रिकार्ड दर्ज रहता है। वसूली की रकम का हर महीने बंटवारा होता है। बुधवार को ट्रैफिक कार्यालय में विवाद इसी वसूली की रकम के बंटवारे को लेकर ही छिड़ा था।
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झांसी में बिना परमिट हजारों वाहन सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। इसी तरह कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर महानगर की सड़कों पर घूमते रहते हैं। बाहरी जनपदों की बसें भी बिना परमिट-लाइसेंस बेरोक टोक आती जाती हैं। इसके एवज में ट्रैफिक पुलिस के पास सुविधा शुल्क जाता है। ट्रैफिक सूत्रों के मुताबिक मेडिकल बाईपास तिराहा, रक्सा, कानपुर बाईपास, ओरछा तिगैला मार्ग समेत अन्य जगह ऐसे वाहनों के लिहाज से सबसे प्राइम माने जाते हैं। यहां से अधिकांश वाहनों की आवाजाही होती है। इसी तरह मोरंग ढोने वाले ट्रैक्टर के रेट भी तय हैं। इन सभी का हिसाब कारखास के जिम्मे रहता है।
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कारखास सिपाही के दरोगा को थप्पड़ जड़ने से बिगड़ा मामला
ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के बीच बुधवार को हुई मारपीट के मामले में जांच पूरी हो गई है। जांच में यह बात सामने आई कि कारखास सिपाही सचिन ने विवाद के बाद सबसे पहले दरोगा अमरनाथ के ऊपर हाथ छोड़ा। उसके बाद टीएसआई सुदीप यादव भी वहां पहुंच गए। टीएसआई सुदीप ने भी सचिन के साथ मिलकर अमरनाथ को पीटा हालांकि मारपीट के बाद दोनों पक्षों ने यह समझौता कर लिया कि कोई भी अधिकारियों के पास शिकायत लेकर नहीं जाएगा। इनको डर था कि शिकायत लेकर जाने पर वसूली के खेल का भंडाफोड़ हो जाएगा लेकिन, कार्रवाई के डर से सिपाही सचिन फटी वर्दी के साथ अफसरों के सामने हाजिर हो गया। इसके बाद एसएसपी राजेश कृष्ण ने पूरे मामले की जांच कराई। एसएसपी के मुताबिक किसी तरह की अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को भी पत्र लिखा गया है।
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