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शुद्धता के दिन देवालय में प्रवेश, देवदर्शन शास्त्र सम्मत नहीं: पवन शास्त्री
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। श्री जगदीश मंदिर में वैदिक विद्वत परिषद के तत्वावधान में होली मिलन समारोह का आयोजन हुआ।
परिषद के अध्यक्ष आचार्य पवन शास्त्री ने कहा कि शुद्धता अस्थि संचय श्राद्ध के बाद देवालय प्रवेश, देवदर्शन करना शास्त्र सम्मत नहीं है। सनातनी लोगों को इससे परहेज करना चाहिए। गंगा पूजन, पिंडदान आदि क्रिया के बाद ही सूतक की निवृत्ति मानी जाती है। इसके बाद ही देवालय प्रवेश, देवदर्शन, पूजन करना उचित है।
मुख्य अतिथि पं. बाबूलाल द्विवेदी ने कहा कि देवालय में सिंह द्वार (मुख्य गेट) का उल्लंघन भी सूतक में नहीं करना चाहिए। इससे सिंहद्वार में विराजित देवताओं की अवज्ञा होती है। पं. बृजनारायण मुखरैया ने कहा कि जिन सनातनियों के व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं, आज के समय में वे 13 दिन तक इसे बंद नहीं रख सकते। पं. जगदीश पाठक शास्त्री ने कहा कि सभी आचार्यगण अपने यजमानों को विशुद्ध कर्म की जानकारी दें और यथासंभव शास्त्रीय मर्यादा का हनन रोकें। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी रामानुज मिश्रा ने वैदिक मंत्रों से श्री जगन्नाथ महाराज को गुलाल लगाया। अन्य लोग भी एक दूसरे को गुलाल लगाकर गले मिले। कार्यक्रम में महामंत्री पं. कृष्णदेव लिटौरिया, पं. रामस्वरूप तिवारी, पं. रमाशंकर तिवारी, पं. कमलेश गोस्वामी, पं.अटल बिहारी दुबे आदि मौजूद रहे।
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ललितपुर। श्री जगदीश मंदिर में वैदिक विद्वत परिषद के तत्वावधान में होली मिलन समारोह का आयोजन हुआ।
परिषद के अध्यक्ष आचार्य पवन शास्त्री ने कहा कि शुद्धता अस्थि संचय श्राद्ध के बाद देवालय प्रवेश, देवदर्शन करना शास्त्र सम्मत नहीं है। सनातनी लोगों को इससे परहेज करना चाहिए। गंगा पूजन, पिंडदान आदि क्रिया के बाद ही सूतक की निवृत्ति मानी जाती है। इसके बाद ही देवालय प्रवेश, देवदर्शन, पूजन करना उचित है।
मुख्य अतिथि पं. बाबूलाल द्विवेदी ने कहा कि देवालय में सिंह द्वार (मुख्य गेट) का उल्लंघन भी सूतक में नहीं करना चाहिए। इससे सिंहद्वार में विराजित देवताओं की अवज्ञा होती है। पं. बृजनारायण मुखरैया ने कहा कि जिन सनातनियों के व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं, आज के समय में वे 13 दिन तक इसे बंद नहीं रख सकते। पं. जगदीश पाठक शास्त्री ने कहा कि सभी आचार्यगण अपने यजमानों को विशुद्ध कर्म की जानकारी दें और यथासंभव शास्त्रीय मर्यादा का हनन रोकें। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी रामानुज मिश्रा ने वैदिक मंत्रों से श्री जगन्नाथ महाराज को गुलाल लगाया। अन्य लोग भी एक दूसरे को गुलाल लगाकर गले मिले। कार्यक्रम में महामंत्री पं. कृष्णदेव लिटौरिया, पं. रामस्वरूप तिवारी, पं. रमाशंकर तिवारी, पं. कमलेश गोस्वामी, पं.अटल बिहारी दुबे आदि मौजूद रहे।
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