{"_id":"5de173f48ebc3e5482770981","slug":"employment-planning-jhansi-news-jhs153745155","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वरोजगार योजनाओं की धीमी प्रगति पर बैंक अधिकारियों को फटकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वरोजगार योजनाओं की धीमी प्रगति पर बैंक अधिकारियों को फटकार
विज्ञापन
झांसी। उप्र अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम अध्यक्ष लालजी निर्मल ने स्वरोजगार संबंधी ऋण के मामले निपटाने की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए एलडीएम को तेजी लाने के निर्देश दिए। शुक्रवार को सर्किट हाउस सभागार में उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजना, नगरीय दुकान निर्माण योजना, मैन्युअल स्कैवैंजरों की पुनर्वास योजना, लांड्री योजना समेत अन्य की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने वसूली में किसी तरह उत्पीड़न न होने देने के भी निर्देश दिए। इस दौरान एलडीएम अरुण कुमार, अतुल दीक्षित, हेमचंद्रा समेत अन्य उपस्थित रहे। इसके पहले भाजपा कार्यकर्ताओं ने सर्किट हाउस पहुंचकर उनका स्वागत किया।
सुरक्षा उपकरण न उपलब्ध कराने पर अधिकारी नपेंगे
उप्र अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम अध्यक्ष लालजी निर्मल ने बताया कि सरकार अनुसूचित बाहुल्य गांवों के विकास के लिए 1384 गांवों को आर्दश ग्राम बनाने जा रही है। इनमें झांसी के सिलौरी, लुहारगांव, रानीपुर, पहाड़ीपुर, गढ़मऊ, रौनी, बंगरी, बंगरा, निपालन,जौरा, बसारी, लवेहरा समेत बीस गांव शामिल किए गए हैं। सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा सीवर लाइन में बिना सुरक्षा उपकरणों के सफाई कर्मियों के उतरने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अध्यक्ष ने बताया कि 30375 स्वच्छकारों में 19385 को पुर्नवास के लिए 77.84 करोड़ रुपये की धनराशि समेत सीवर में मृत 63 सफाईकर्मियों को भी मुआवजे के तौर पर 495.86 लाख मुहैया कराया गया है।
विज्ञापन
सुरक्षा उपकरण न उपलब्ध कराने पर अधिकारी नपेंगे
उप्र अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम अध्यक्ष लालजी निर्मल ने बताया कि सरकार अनुसूचित बाहुल्य गांवों के विकास के लिए 1384 गांवों को आर्दश ग्राम बनाने जा रही है। इनमें झांसी के सिलौरी, लुहारगांव, रानीपुर, पहाड़ीपुर, गढ़मऊ, रौनी, बंगरी, बंगरा, निपालन,जौरा, बसारी, लवेहरा समेत बीस गांव शामिल किए गए हैं। सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा सीवर लाइन में बिना सुरक्षा उपकरणों के सफाई कर्मियों के उतरने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अध्यक्ष ने बताया कि 30375 स्वच्छकारों में 19385 को पुर्नवास के लिए 77.84 करोड़ रुपये की धनराशि समेत सीवर में मृत 63 सफाईकर्मियों को भी मुआवजे के तौर पर 495.86 लाख मुहैया कराया गया है।
विज्ञापन