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रेलवे क्वार्टरों में लटक रहे बिजली के तार, दहशत में रहते हैं परिवार
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झांसी। पश्चिमी रेलवे कॉलोनी स्थित चार सौ क्वार्टरों में बिजली की वायरिंग का बुरा हाल है। कई क्वार्टरों में बिजली का एक भी प्वाइंट ठीक से काम नहीं कर रहा है। ऐसे क्वार्टरों में रहने वाले परिवार दहशत में रहते हैं। इस समस्या के कारण कर्मचारी व उनके परिजन बेहद परेशान हो रहे हैं।
पश्चिमी रेलवे कॉलोनी में कर्मचारियों के रहने के लिए दो हजार से अधिक क्वार्टर बने हैं। इनमें अधिकांश क्वार्टर 50 साल से अधिक पुराने हैं। मगर वक्त के साथ क्वार्टरों की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे क्वार्टरों की हालत जीर्ण-शीर्ण होती जा रही है। किसी क्वार्टर का दरवाजा तो किसी की खिड़की टूट गई है। मच्छर जाली तक नहीं है। गंदगी से नालियां भरी पड़ी है। क्वार्टरों के आसपास झाड़ियां न कटने से जंगल जैसा माहौल रहता है। क्वार्टरों के अंदर बिजली की वायरिंग का भी बुरा हाल है।
नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ की बैठक में रेलवे आवासों में बिजली संबंधी समस्याओं का निराकरण न होने पर 15 दिसंबर से वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर के खिलाफ हल्ला बोल आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया।
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पश्चिमी रेलवे कॉलोनी में कर्मचारियों के रहने के लिए दो हजार से अधिक क्वार्टर बने हैं। इनमें अधिकांश क्वार्टर 50 साल से अधिक पुराने हैं। मगर वक्त के साथ क्वार्टरों की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे क्वार्टरों की हालत जीर्ण-शीर्ण होती जा रही है। किसी क्वार्टर का दरवाजा तो किसी की खिड़की टूट गई है। मच्छर जाली तक नहीं है। गंदगी से नालियां भरी पड़ी है। क्वार्टरों के आसपास झाड़ियां न कटने से जंगल जैसा माहौल रहता है। क्वार्टरों के अंदर बिजली की वायरिंग का भी बुरा हाल है।
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नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ की बैठक में रेलवे आवासों में बिजली संबंधी समस्याओं का निराकरण न होने पर 15 दिसंबर से वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर के खिलाफ हल्ला बोल आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया।
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