झांसी। केंद्र सरकार के खादी एवं ग्रामोद्योग के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि अब तक लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में पश्मीना शॉल बनता है मगर जनवरी से उत्तर प्रदेश के बनारस में भी ये शुरू होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से कुम्हारों को बांटी जा रही इलेक्ट्रिक चॉक उनकी आय तीन गुनी कर देगी।
चेयरमैन ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि खादी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने बहुत योजनाएं चलाई हैं। गोरखपुर, काशी में समेत प्रदेश के कुछ गांधी आश्रम बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। कई बंद आश्रमों को फिर से शुरू किया गया है। अगरबत्ती उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब चीन से अगरबत्ती का आयात बंद कर दिया गया है। देश में ही अगरबत्ती बनना शुरू हो गई है। इसके लिए नए-नए प्लांट लग रहे हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री इम्प्लायमेंट जेनरेशन प्रोग्राम के तहत 25 लाख का रुपये तक का लोन, गांव में उद्योग लगाने पर 35 प्रतिशत और शहर में लगाने पर 30 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। कहा कि कुम्हार सशक्तीकरण योजना कुम्हार समाज को मुख्य धारा में लाने के लिए काम कर रही है। बुंदेलखंड के कोंच, कर्वी, तालबेहट में कुम्हारों को इलेक्ट्रिक चाक दे चुके हैं। रविवार को झांसी में 100 कुम्हारों को इलेक्ट्रिक चाक देंगे। बताया कि पत्थर की चाक पर 100-125 कुल्हड़ बन पाते थे, मगर इलेक्ट्रिक से रोज 800 से 900 कुल्हड़ बनेंगे। ऐसे में मासिक आय तीन हजार से बढ़कर दस हजार रुपये हो जाएगी।