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झांसी में शीघ्र दौड़ेगीं इलेक्टिक बसों

Tue, 10 Dec 2019 02:00 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 10 Dec 2019 02:00 AM IST
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electric bus run soon in jhansi
झांसी। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद झांसी में इलेक्ट्रिक एसी बसों के चलाए जाने का रास्ता साफ हो गया है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर के भीतर 25 इलेक्ट्रिक एसी बसें संचालित की जाएंगी। इन बसों के लिए जगह-जगह चार्जिंग प्वांइट भी बनेंगे। अफसरों ने अगले वर्ष से सिटी बस सेवा आरंभ हो जाने की उम्मीद जाहिर की है।
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सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में 14 शहरों में इलेक्ट्रिक एसी बसों के संचालन को मंजूरी मिल गई। इन 14 शहरों में झांसी भी शामिल है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सिटी बस सेवा का कार्य आगे बढ़ सकेगा। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 28 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। अभी यहां सार्वजनिक परिवहन की कोई व्यवस्था नहीं है। टेंपो-टैक्सी ही परिवहन का इकलौता जरिया है लेकिन, अब इस प्रस्ताव के मंजूर होने के बाद झांसी में लोग एसी बसों में सफर कर सकेेंगे। इसके जरिए झांसी के भीतरी इलाकों के साथ ही आसपास के इलाकों को भी जोड़ा जाएगा।
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प्रोजेक्ट से जुड़े अफसरों के मुताबिक प्रारंभिक सर्वे में रूट का चयन कर लिया गया है। इन बसों के संचालन के लिए ऐसा रूट तय किया जा रहा जिससे रेलवे स्टेशन, किला, मेडिकल कॉलेज, बस अड्डे को जोड़ते हुए कॉरिडोर बनाया जा सके। इससे पर्यटकों के साथ रोजाना के यात्री भी लाभ उठा सकेंगे। छात्रों समेत आसपास के लोगों की सहूलियत का भी ख्याल रखा जाएगा। ओरछा जैसे पर्यटक स्थल को भी जोड़े जाने की योजना है। कैबिनेट मंजूरी के बाद अब कार्यदायी एजेंसी स्टूप कंसटेल्सी प्राइवेट लिमिटेड काम तेजी से आरंभ करेगी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के टीम लीडर मानविंदर सिंह के मुताबिक अब जल्द ही कार्य किया जाएगा। उन्होंने अगले वर्ष तक इस सेवा के आरंभ हो जाने की उम्मीद की है।
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ये होंगी इन बसों की खूबियां-
- सीएनजी के लीक होने से आग का खतरा रहता है, इलेक्ट्रिक बसों में यह खतरा ना के बराबर रहेगा। इस तरह यात्रा को सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
- इलेक्ट्रिक बसों से धुएं का उत्सर्जन न होने से पर्यावरण प्रदूषण नहीं होगा।
- लो-फ्लोर होने की वजह से महिलाएं एवं बुजुर्ग बसों में असानी से चढ़ सकेंगे।
- बस के भीतर सीसी कैमरे एवं पैनिक बटन की सहूलियत होगी।
- अंदर ऑटोमेटिक स्लाइडिंग डोर होंगे, जिसका कंट्रोल ड्राइवर के पास रहेगा।
- बसों के बाहर इलेक्ट्रिक डिस्प्ले बोर्ड होंगे, इससे बस का रूट आसानी से मालूम चल सकेगा।
- बस के दोनों ओर दो-दो सीटें होंगी, अंदर खुला स्थान अधिक होगा।
- चलते समय बस से अधिक आवाज नहीं होगी, जिससे ध्वनि प्रदूषण भी थमेगा
एक करोड़ कीमत की होगी एक बस
एक इलेक्ट्रिक बस की कीमत करीब एक करोड़ के करीब आंकी गई है जबकि सीएनजी बस की कीमत 70-80 लाख के करीब बैठती है। वातावरण को नुकसान न पहुंचाने की वजह से देश में इसकी मांग काफी बढ़ गई है। इसके भीतर मोबाइल फोन की तरह चिपटी बैटरी लगी होगी, जिसका वजन करीब 150 किलोग्राम के करीब होगा। इस बैटरी को चार्ज करने में 162 केवीए की बिजली की जरूरत होगी। बैटरी चार्ज होने में करीब ढाई घंटे का समय लगेगा। इसके बाद यह 150 किमी तक चल सकेगी। अभी प्रदेश में लखनऊ में इस तरह की बस संचालित की जा रही हैं।

इनसेट
कोछाभांवर में बनेगा बस अड्डा
नगर निगम ने इलेक्ट्रिक बस संचालन के लिए मेडिकल कॉलेज के पास कोछाभांवर में भूमि नंबर 516 में करीब 1.214 हेक्टेयर (तीन एकड़) जमीन नगरीय परिवहन निदेशालय को उपलब्ध कराई है। इस भूमि में बस स्टॉप के अलावा रात्रि पार्किंग, चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे। निगम अफसरों का कहना है सदन की मंजूरी से यह भूमि हस्तांतरित कर दी गई है।
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