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चिंताजनक: उम्र आठ साल, फिर भी बाल हो गए सफेद

Sun, 14 Feb 2021 12:44 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 14 Feb 2021 12:44 AM IST
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Eight year child white hair for less minerals
डॉ. प्रतीक शिवहरे, त्वचा रोग विशेषज्ञ। - फोटो : REPORTERS
झांसी। बच्चों में बढ़ता जंक फूड का चलन और मिलावटी खानपान न सिर्फ उनकी सेहत खराब कर रहा है, बल्कि बालों की रंगत भी उड़ा रहा है। त्वचा रोग विशेषज्ञों के पास परिजन आठ साल के बच्चों के बाल सफेद होने की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इसका कोई ठोस इलाज नहीं है। सही खानपान और सावधानियां बरतकर इस समस्या से बचा जा सकता है।
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बालों का काला रंग मेलानिन नामक खास तत्व के कारण होता है। जब यह मेलानिन उम्र के साथ कम होने लगता है तो बाल सफेद होने लगते हैं। सामान्य तौर पर 30 साल की उम्र के बाद बालों के रंग में परिवर्तन की स्थिति आती है, लेकिन बदलती लाइफ स्टाइल में यह समस्या आजकल छोटे-छोटे बच्चों में भी दिखाई देने लगी है। अगर आपके बच्चों के बाल भी तेजी से सफेद हो रहे हैं तो उसके पीछे के सही कारण के बारे में जानकारी होनी चाहिए। अन्यथा कई बार सफेद बालों के कारण अधिक तनाव का सामना करना पड़ जाता है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक होता है।
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केस-1
सीपरी बाजार निवासी आठ साल के बच्चे को परिजन त्वचा रोग विशेषज्ञ के पास लेकर पहुंचे। परिजनों ने कहा कि इतनी कम उम्र में बच्चे के बाल सफेद होने से वे बहुत परेशान हैं। हर कोई बच्चे को बाल सफेद होने के बारे में टोकता रहता है। खेलकूद के दौरान भी साथ के बच्चे बेटे को चिढ़ाते हैं। इससे वह भी परेशान हो जाता है। अब डॉक्टर उनका इलाज कर रहा है।
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केस-2
शहर क्षेत्र के 12 साल के किशोर के बाल सफेद होने से परिजन काफी परेशान हो गए। तमाम तरह के घरेलू नुस्खे अपनाए, मगर कोई आराम नहीं मिला। बालों में तेजी से सफेदी आनी शुरू हो गई। इसके बाद वह त्वचा रोग विशेषज्ञ के पास बच्चे को लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने बताया कि इसका कोई ठोस उपचार नहीं है, मगर फिर भी ठीक करने का प्रयास करेंगे।
ये हैं कारण
- कई बार बच्चों में सफेद बालों की समस्या डैंड्रफ के कारण कारण होती है। इसलिए समय रहते इसके इलाज की जरूरत है।
- थायरॉयड की समस्या हार्मोंस की वजह से पैदा होती है। अगर बच्चों के ब्लड में जरूरत से ज्यादा थायरॉयड की समस्या है तो बालों के सफेद होने के खतरे को बढ़ता है।

- शरीर में विटामिन बी-12 की कमी के कारण भी लोगों में कम उम्र में बाल सफेद होने की समस्या देखी गई है।
- बच्चों के बाल सफेद होने के पीछे कुछ विशेष बीमारियां भी जिम्मेदार हो सकती हैं।
यह हो सकता फायदेमंद
- आयरन, विटामिन बी, सोडियम और कॉपर जैसे पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स का सेवन करना चाहिए।
- करी पत्ता के पेस्ट को बालों और स्कैल्प पर लगाने से भी सफेद बालों की समस्या दूर हो सकती है।
- इस समस्या से राहत पाने के लिए आंवला का सेवन भी काफी सहायक साबित हो सकता है।
- गाय के दूध से निकला मक्खन भी बालों के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है।
बच्चों में बाल सफेद होने का कोई स्पष्ट कारण नहीं है। फिर भी बदली जीवनशैली में जंक फूड और मिलावटी खानपान भी इसके लिए जिम्मेदार है। अब तो आठ साल के बच्चे के भी बाल सफेद होने के मामले सामने आने लगे हैं। बच्चे के बाल सफेद होने से परिजन भी परेशान हो जाते हैं। ऐसे में बच्चों को आंवला, आयरन, विटामिन बी, सोडियम और कॉपर जैसे पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स का सेवन करना चाहिए। इससे लाभ मिल सकता है।
- डॉ. प्रतीक शिवहरे, त्वचा रोग विशेषज्ञ।
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