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Jhansi News: मेडिकल कॉलेज में कमीशन का धंधा चल रहा नर्सिंगहोम, डीआईजी को देखते ही मची भगदड़, आठ गिरफ्तार
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में डीआईजी जोगेंद्र कुमार ने नर्सिंगहोम की सौदेबाजी का बड़ा नेटवर्क पकड़ा है। शनिवार को पुलिस फोर्स और आलाधिकारियों के साथ पहुंचे डीआईजी ने आठ लोगों को पकड़ा। इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इन पर मोटा कमीशन लेकर मरीज को मेडिकल कॉलेज से नर्सिंगहोम पहुंचाने का आरोप है। अब जांच में कई नर्सिंगहोमों के नाम भी उजागर हो सकते हैं।
मेडिकल कॉलेज में नर्सिंगहोमों की सौदेबाजी का बड़ा नेटवर्क लंबे समय से काम कर रहा है। इसको लेकर अमर उजाला लगातार खबरें प्रकाशित कर रहा है। हाल ही में 11 जनवरी के अंक में ‘मेडिकल कॉलेज के चक्कर में न पड़ो, हमारे साथ चलो, सस्ते में इलाज करा देंगे’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
इसका संज्ञान शासन ने भी लिया और पुलिस के अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए कहा। शनिवार को डीआईजी जोगेंद्र कुमार, एसएसपी राजेश एस पुलिस फोर्स के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे। फोर्स के पहुंचते ही कॉलेज में भगदड़ मच गई। पुलिस ने दौड़ाकर एंबुलेंस चालकों समेत आठ लोगों को हिरासत में ले लिया। डीआईजी ने बताया कि सूचना मिली थी कि निजी एंबुलेंस चालक मेडिकल कॉलेज गेट नंबर दो और इमरजेंसी के आसपास घूमते रहते हैं। इसके बाद चालक मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को बहला फुसलाकर या झांसा देकर नर्सिंगहोम ले जाते हैं, जहां उन्हें कमीशन मिलता है। इसी आधार पर ये कार्रवाई की गई है। पकड़े गए अमर सिंह पुत्र गया प्रसाद, अनिल यादव पुत्र मुलायम सिंह, अजीत सिंह पुत्र रामनारायण दोहरे, महेंद्र यादव पुत्र दिलीप सिंह, राहुल राय पुत्र अशोक राय, बबलू पुत्र श्रीराम लखन, अजय राजपूत पुत्र रामसेवक, गजेंद्र सिंह सेंगर पुत्र पान सिंह सेंगर के खिलाफ धारा 384 और 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें से पांच के पास एंबुलेंस है। पूछताछ अभी जारी है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की धरपकड़ के लिए कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरे और सर्विलांस टीम की भी मदद ली जाएगी। ये अभियान लगातार जारी रहेगा। जिस भी नर्सिंगहोमों के साथ इनकी सांठगांठ पाई जाएगी, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। सीएमओ से भी कहा जाएगा कि पंजीकृत नर्सिंगहोम का सत्यापन कराएं। देखें कि कहीं कोई कंपाउंडर तो मरीजों का इलाज नहीं कर रहा है। यदि ऐसा होगा तो अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कराएंगे।
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आम जन सीधे आकर करें शिकायत: डीआईजी
डीआईजी ने कहा कि नर्सिंगहोम और एंबुलेंस चालकों के इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लोगों को भी आगे आना होगा। अगर किसी व्यक्ति को एंबुलेंस चालक सरकारी अस्पताल से झांसा देकर निजी अस्पताल ले जाता है, तो सीधे आकर शिकायत करें। नर्सिंगहोम और चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नर्स से गालीगलौज करने वाले पर होगा मुकदमा
झांसी। सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में नर्स के साथ बृहस्पतिवार को गालीगलौज करने वाले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी डीआईजी ने पुलिस को दिए हैं। मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के साथ बैठक पूरी होने के बाद किसी ने डीआईजी को इस प्रकरण की जानकारी दे दी थी और कहा था कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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मेडिकल कॉलेज में नर्सिंगहोमों की सौदेबाजी का बड़ा नेटवर्क लंबे समय से काम कर रहा है। इसको लेकर अमर उजाला लगातार खबरें प्रकाशित कर रहा है। हाल ही में 11 जनवरी के अंक में ‘मेडिकल कॉलेज के चक्कर में न पड़ो, हमारे साथ चलो, सस्ते में इलाज करा देंगे’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
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इसका संज्ञान शासन ने भी लिया और पुलिस के अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए कहा। शनिवार को डीआईजी जोगेंद्र कुमार, एसएसपी राजेश एस पुलिस फोर्स के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे। फोर्स के पहुंचते ही कॉलेज में भगदड़ मच गई। पुलिस ने दौड़ाकर एंबुलेंस चालकों समेत आठ लोगों को हिरासत में ले लिया। डीआईजी ने बताया कि सूचना मिली थी कि निजी एंबुलेंस चालक मेडिकल कॉलेज गेट नंबर दो और इमरजेंसी के आसपास घूमते रहते हैं। इसके बाद चालक मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को बहला फुसलाकर या झांसा देकर नर्सिंगहोम ले जाते हैं, जहां उन्हें कमीशन मिलता है। इसी आधार पर ये कार्रवाई की गई है। पकड़े गए अमर सिंह पुत्र गया प्रसाद, अनिल यादव पुत्र मुलायम सिंह, अजीत सिंह पुत्र रामनारायण दोहरे, महेंद्र यादव पुत्र दिलीप सिंह, राहुल राय पुत्र अशोक राय, बबलू पुत्र श्रीराम लखन, अजय राजपूत पुत्र रामसेवक, गजेंद्र सिंह सेंगर पुत्र पान सिंह सेंगर के खिलाफ धारा 384 और 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें से पांच के पास एंबुलेंस है। पूछताछ अभी जारी है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की धरपकड़ के लिए कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरे और सर्विलांस टीम की भी मदद ली जाएगी। ये अभियान लगातार जारी रहेगा। जिस भी नर्सिंगहोमों के साथ इनकी सांठगांठ पाई जाएगी, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। सीएमओ से भी कहा जाएगा कि पंजीकृत नर्सिंगहोम का सत्यापन कराएं। देखें कि कहीं कोई कंपाउंडर तो मरीजों का इलाज नहीं कर रहा है। यदि ऐसा होगा तो अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कराएंगे।
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आम जन सीधे आकर करें शिकायत: डीआईजी
डीआईजी ने कहा कि नर्सिंगहोम और एंबुलेंस चालकों के इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लोगों को भी आगे आना होगा। अगर किसी व्यक्ति को एंबुलेंस चालक सरकारी अस्पताल से झांसा देकर निजी अस्पताल ले जाता है, तो सीधे आकर शिकायत करें। नर्सिंगहोम और चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नर्स से गालीगलौज करने वाले पर होगा मुकदमा
झांसी। सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में नर्स के साथ बृहस्पतिवार को गालीगलौज करने वाले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी डीआईजी ने पुलिस को दिए हैं। मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के साथ बैठक पूरी होने के बाद किसी ने डीआईजी को इस प्रकरण की जानकारी दे दी थी और कहा था कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।