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Jhansi News: सीएचसी तालबेहट चिकित्सा अधीक्षक के निरीक्षण में पांच आयुष्मान आयोग मंदिर मिले बंद
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- चिकित्सा अधीक्षक ने गैर हाजिर कर्मचारियों का वेतन काटने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज़ एजेंसी
तालबेहट/ललितपुर। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं कर्मचारियों की उदासीनता के चलते दम तोड़ रही हैं। इसका खुलासा सीएचसी तालबेहट चिकित्सा अधीक्षक के निरीक्षण में उस समय हुआ, जब बृहस्पतिवार को उन्होंने आधा दर्जन आयुष्मान आयोग मंदिरों का निरीक्षण किया, जिसमें पांच केंद्र पर ताले लटके पाए गए।
शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक उपचार व सामान्य जांचों की सुविधा मुहैया कराने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले गए हैं। इसमें मरीज को सुविधाएं देने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की नियुक्ति की गई है। इन केंद्रों पर उपचार के साथ ही चौदह प्रकार की जांच की सुविधा की गई है, लेकिन इन केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों की उदासीनता के चलते मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। हालात यह है कि कई केंद्रों पर ताले तक लटके रहते हैं। सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में होने के चलते इनकी शिकायत तक नहीं हो पाती है। ऐसे में इलाज को आने वाले मरीज उदास होकर वापस होना पड़ रहा है। इसका खुलासा सीएचसी अधीक्षक डॉ. विशाल पाठक के औचक निरीक्षण में हुआ। उन्होंने सर्वप्रथम ग्राम धमना आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण किया। जिसमें में नवीन सैम्यूल अनुपस्थित मिले। केंद्र पर ताला लटका मिला। इसी प्रकार प्रकार ग्राम भुचेरा में मंजूर अहमद, खांदी में वंदना वर्मा, कड़ेसराफलों में सरिता बघेल, जमालपुर में सीमा यादव गैरहाजिर मिलीं। इन केंद्रों पर ताला लटका मिला। वहीं, ग्राम बुदावनी में सीएचओ ब्रजेश कुमारी मरीजों का उपचार करते मिलीं। चिकित्सा अधीक्षक ने गैर हाजिर कर्मचारियों का वेतन काटने और भविष्य में गैर हाजिर पाए जाने पर गंभीर कार्रवाई की करने की चेतावनी दी।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
तालबेहट/ललितपुर। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं कर्मचारियों की उदासीनता के चलते दम तोड़ रही हैं। इसका खुलासा सीएचसी तालबेहट चिकित्सा अधीक्षक के निरीक्षण में उस समय हुआ, जब बृहस्पतिवार को उन्होंने आधा दर्जन आयुष्मान आयोग मंदिरों का निरीक्षण किया, जिसमें पांच केंद्र पर ताले लटके पाए गए।
शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक उपचार व सामान्य जांचों की सुविधा मुहैया कराने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले गए हैं। इसमें मरीज को सुविधाएं देने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की नियुक्ति की गई है। इन केंद्रों पर उपचार के साथ ही चौदह प्रकार की जांच की सुविधा की गई है, लेकिन इन केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों की उदासीनता के चलते मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। हालात यह है कि कई केंद्रों पर ताले तक लटके रहते हैं। सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में होने के चलते इनकी शिकायत तक नहीं हो पाती है। ऐसे में इलाज को आने वाले मरीज उदास होकर वापस होना पड़ रहा है। इसका खुलासा सीएचसी अधीक्षक डॉ. विशाल पाठक के औचक निरीक्षण में हुआ। उन्होंने सर्वप्रथम ग्राम धमना आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण किया। जिसमें में नवीन सैम्यूल अनुपस्थित मिले। केंद्र पर ताला लटका मिला। इसी प्रकार प्रकार ग्राम भुचेरा में मंजूर अहमद, खांदी में वंदना वर्मा, कड़ेसराफलों में सरिता बघेल, जमालपुर में सीमा यादव गैरहाजिर मिलीं। इन केंद्रों पर ताला लटका मिला। वहीं, ग्राम बुदावनी में सीएचओ ब्रजेश कुमारी मरीजों का उपचार करते मिलीं। चिकित्सा अधीक्षक ने गैर हाजिर कर्मचारियों का वेतन काटने और भविष्य में गैर हाजिर पाए जाने पर गंभीर कार्रवाई की करने की चेतावनी दी।
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